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चिकित्सा सेवाओं और सुविधाओं में बढ़े सहारनपुर के कदम
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राजकीय मेडिकल कॉलेज
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं में बीते 35 साल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तीन दशक पहले तक जहां शहर में कोई ऐसा निजी भी अस्पताल नहीं था, जिस पर भरोसा किया जा सके। वहीं आज आधुनिक सुविधाओं वाले कई निजी अस्पताल बन चुके हैं, साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज बड़ा सहारा बना है।
जनपद में तीन दशक पहले तक स्वास्थ्य सेवाएं बदतर थीं। एक सरकारी अस्पताल के अलावा जनपद में गिने-चुने ही निजी अस्पताल थे। अब निजी अस्पतालों की बाढ़ के साथ ही अच्छी सुविधाओं वाले निजी अस्पताल भी खुले हैं। इनमें दिल्ली रोड पर सबसे अधिक अस्पताल हैं। यानी बीते तीन दशक में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद एसबीडी जिला अस्पताल का मरीजों का भार आधा हुआ है। मेडिकल कॉलेज के साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुले हैं, जो मरीजों का बड़ा सहारा बने हैं।
आरटी-पीसीआर जांच सुविधा मिली
पहले जनपद में आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा नहीं थी। सहारनपुर से नमूने जांच के लिए मेरठ, आगरा, लखनऊ और दिल्ली भेजने पड़ते थे, जहां से कई दिन में रिपोर्ट आती थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर की दो लैब स्थापित हुई हैं, जिनमें एक लैब नगर निगम के सहयोग से कोरोना की दूसरी लहर में खुली है।
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आक्सीजन की किल्लत दूर हुई
पूर्व में ऑक्सीजन की किल्लत रहती थी। बीते करीब तीन दशक से सिलिंडर व्यवस्था जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चल रही थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पाइपलाइन की व्यवस्था थी। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत होने के बाद शासन स्तर से कदम उठाए गए हैं। आज जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अलग-अलग ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं, जो काम कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में भी व्यवस्था में और सुधार हुआ है। इसके अलावा सभी सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगे हैं।
डायलिसिस और सीटी स्कैन सुविधा
एसबीडी जिला अस्पताल में डायलिसिस की मुफ्त सुविधा है, जहां लगातार किडनी के गंभीर मरीज डायलिसिस करा रहे हैं। यह सुविधा करीब सात साल से है। इसके अलावा जिला अस्पताल में सीटी स्केन की सुविधा भी मुफ्त है। एमआरआई के लिए भवन बन चुका है मशीन आना बाकी है।
महिला अस्पताल को मिली नई इमारत
जिला महिला अस्पताल पुरानी इमारत में चलता है, मगर करीब चार साल पहले जिला अस्पताल को पांच मंजिला नई इमारत मिली है। इमारत में ओपीडी और वार्ड से लेकर लेबर रूम, पैथोलॉजी लैब आदि सभी की सुविधा है। इसी इमारत में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए 50 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है।
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जनपद में तीन दशक पहले तक स्वास्थ्य सेवाएं बदतर थीं। एक सरकारी अस्पताल के अलावा जनपद में गिने-चुने ही निजी अस्पताल थे। अब निजी अस्पतालों की बाढ़ के साथ ही अच्छी सुविधाओं वाले निजी अस्पताल भी खुले हैं। इनमें दिल्ली रोड पर सबसे अधिक अस्पताल हैं। यानी बीते तीन दशक में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद एसबीडी जिला अस्पताल का मरीजों का भार आधा हुआ है। मेडिकल कॉलेज के साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुले हैं, जो मरीजों का बड़ा सहारा बने हैं।
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आरटी-पीसीआर जांच सुविधा मिली
पहले जनपद में आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा नहीं थी। सहारनपुर से नमूने जांच के लिए मेरठ, आगरा, लखनऊ और दिल्ली भेजने पड़ते थे, जहां से कई दिन में रिपोर्ट आती थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर की दो लैब स्थापित हुई हैं, जिनमें एक लैब नगर निगम के सहयोग से कोरोना की दूसरी लहर में खुली है।
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आक्सीजन की किल्लत दूर हुई
पूर्व में ऑक्सीजन की किल्लत रहती थी। बीते करीब तीन दशक से सिलिंडर व्यवस्था जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चल रही थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पाइपलाइन की व्यवस्था थी। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत होने के बाद शासन स्तर से कदम उठाए गए हैं। आज जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अलग-अलग ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं, जो काम कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में भी व्यवस्था में और सुधार हुआ है। इसके अलावा सभी सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगे हैं।
डायलिसिस और सीटी स्कैन सुविधा
एसबीडी जिला अस्पताल में डायलिसिस की मुफ्त सुविधा है, जहां लगातार किडनी के गंभीर मरीज डायलिसिस करा रहे हैं। यह सुविधा करीब सात साल से है। इसके अलावा जिला अस्पताल में सीटी स्केन की सुविधा भी मुफ्त है। एमआरआई के लिए भवन बन चुका है मशीन आना बाकी है।
महिला अस्पताल को मिली नई इमारत
जिला महिला अस्पताल पुरानी इमारत में चलता है, मगर करीब चार साल पहले जिला अस्पताल को पांच मंजिला नई इमारत मिली है। इमारत में ओपीडी और वार्ड से लेकर लेबर रूम, पैथोलॉजी लैब आदि सभी की सुविधा है। इसी इमारत में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए 50 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है।

जिला अस्पताल का गेट- फोटो : SAHARANPUR