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Saharanpur: जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे स्कूली बच्चे और ग्रामीण, रपटे पर एक फीट तक भरा है पानी
Tue, 01 Aug 2023 04:36 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 01 Aug 2023 04:36 PM IST
सार
सहारनपुर जनपद में इस बार हुई बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनी रही। यहां कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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rain water
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सहारनपुर जनपद के कई क्षेत्रों में यमुना का पानी आ जाने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के गांव मंझाडी, शेखपुरा, टटोहल, धौलरा, मिल्को आदि से स्कूली बच्चे जान जोखिम मे डाल रपटे से गुजर क्षेत्र के गांव कम्बोहमजरा के यमुना खादर इंटर कॉलेज मे पढ़ने आते हैं।
स्कूली बच्चों का कहना है कि पुरानी यमुना नदी में नियमित ही पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की मात्रा इतनी अधिक है कि रपटे के ऊपर से लगातार एक फीट से भी ज्यादा पानी बह रहा है।
ऐसे में स्कूली बच्चो को पुल मार्ग से स्कूल जाने मे कई घंटे का समय लगता है। समय पर स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें रपटे से जान जोखिम मे डाल गुजरना पड़ता है। स्कूली बच्चों की रपटे से गुजरने की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
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स्कूली बच्चों का कहना है कि उक्त नदी में केवल रात्रि के समय पानी छोड़ा जाना चाहिए, दिन के समय मे पानी छोड़े जाने से उन्हे नदी पार करने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
क्षेत्रीय ग्रामीण उक्त मार्ग पर वर्षों से पुल बनाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। स्कूली बच्चों का नदी के रपटे को पार करने का समाचार समाचार पत्रों में चर्चा मे आने के बाद उपजिलाधिकारी बेहट ने शनिवार को रपटे पर पहुंच मौके का जायजा लिया।
उन्होंने हुए रपटे पर स्कूली बच्चो को नदी पार कराने के लिए नियमित टैक्ट्रर-ट्राली, पुलिस कर्मी व लेखपाल को तैनात रहने के आदेश जारी किये थे लेकिन नदी के उक्त घाट पर प्रशासन के दावे हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। स्कूली बच्चे नियमित पूर्व की भांति नदी के रपटे पर पानी से गुजर रहे हैं।
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स्कूली बच्चों का कहना है कि पुरानी यमुना नदी में नियमित ही पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की मात्रा इतनी अधिक है कि रपटे के ऊपर से लगातार एक फीट से भी ज्यादा पानी बह रहा है।
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ऐसे में स्कूली बच्चो को पुल मार्ग से स्कूल जाने मे कई घंटे का समय लगता है। समय पर स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें रपटे से जान जोखिम मे डाल गुजरना पड़ता है। स्कूली बच्चों की रपटे से गुजरने की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
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स्कूली बच्चों का कहना है कि उक्त नदी में केवल रात्रि के समय पानी छोड़ा जाना चाहिए, दिन के समय मे पानी छोड़े जाने से उन्हे नदी पार करने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
क्षेत्रीय ग्रामीण उक्त मार्ग पर वर्षों से पुल बनाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। स्कूली बच्चों का नदी के रपटे को पार करने का समाचार समाचार पत्रों में चर्चा मे आने के बाद उपजिलाधिकारी बेहट ने शनिवार को रपटे पर पहुंच मौके का जायजा लिया।
उन्होंने हुए रपटे पर स्कूली बच्चो को नदी पार कराने के लिए नियमित टैक्ट्रर-ट्राली, पुलिस कर्मी व लेखपाल को तैनात रहने के आदेश जारी किये थे लेकिन नदी के उक्त घाट पर प्रशासन के दावे हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। स्कूली बच्चे नियमित पूर्व की भांति नदी के रपटे पर पानी से गुजर रहे हैं।