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हिजाब : कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का फरहा फैज ने किया स्वागत, कहा- 2018 में भी एक याचिका को किया गया था खारिज
Tue, 15 Mar 2022 07:18 PM IST
कपिल kapil
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 15 Mar 2022 07:18 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने हिजाब को लेकर आए कर्नाटक के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 2018 में भी एक याचिका को खारिज किया गया था।
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अधिवक्ता फरहा फैज।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हिजाब को लेकर आए कर्नाटक के हाईकोर्ट के फैसले का सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने स्वागत किया है।
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सहारनपुर निवासी फरहा फैज ने कहा कि इससे पूर्व 2018 में भी केरल हाईकोर्ट ने दो छात्राओं की याचिका, जो स्कूल में स्कार्फ ओढ़ने और पूरी आस्तीन की कमीज पहनने को लेकर दायर की गई थी, उसको भी खारिज करते हुए मौलिक अधिकारों को स्पष्ट किया था। आज फिर से कर्नाटक हाईकोर्ट ने नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए अपना फैसला दिया है।
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उन्होंने कहा कि यह मामला केवल स्कूल कॉलेज की वेशभूषा से जुड़ा मामला था, जिसको कट्टरपंथियों ने मजहबी रंग देकर पूरे देश में गलत संदेश दिया है। स्कूलों को अपने यहां यूनिफॉर्म तय करने का, अपने कोड ऑफ कंडक्ट को बनाने का पूरा अधिकार है। यदि हिजाब इस्लाम का मूलभूत हिस्सा होता तो यह आर्टिकल 25 में उसी तरह संरक्षित होता, जैसे सिख समाज की पगड़ी है, लेकिन इस्लाम के पांच मूलभूत सिद्धांत तोहिद, नमाज, हज, रोजा और जकात हैं, जो आर्टिकल 25 में संरक्षित है।
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