चर्चित लोकसभा सीट: हर चुनाव में बदले समीकरण, इस बार कांटे का मुकाबला, आजादी के बाद तीन बार रहा BJP का कब्जा
Lok Sabha Election 2024: पश्चिमी यूपी की इस लोकसभा सीट पर भाजपा ने आजादी से अब तक तीन बार कब्जा किया है। लेकिन यहां हर चुनाव में समीकरण बदले हैं। अब इस बार देखना है कि ऊंट किस करवट बैठेगा।
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लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। सत्ता में बैठी भाजपा से लेकर तमाम पार्टियां जीत हासिल करने के लिए हर हथकंडे अपना रही हैं। कोई मुस्लिम कार्ड खेल रहा है तो कोई अनुसूचित वर्ग को समेटने में लगा हुआ है। पिछले चुनावों के आंकड़ों पर नजर डाले तो हर चुनाव में समीकरण बदले हैं। इन सबके बीच आजादी के बाद से अब तक भाजपा के खाते में सहारनपुर लोकसभा सीट केवल तीन बार गई।
1996 और फिर 1998 में भाजपा से नकली सिंह सांसद बने थे। इसके बाद 2014 तक भाजपा के लिए सूखा रहा। 2014 में हुए चुनाव में मोदी लहर में भाजपा के राघव लखनपाल ने जीत हासिल कर सूखा खत्म किया था। सबसे ज्यादा राज यहां पर कांग्रेस का रहा है। समय-समय पर बसपा ने भी अपनी ताकत दिखाई। सहारनपुर लोकसभा सीट पर सपा केवल एक बार जीत का स्वाद ले पाई। जिस तरीके से पार्टियां जोड़ तोड़ की रणनीति अपना रही है उससे देखना है कि ऊंट किस करवट बैठेगा।
कब-कब कौन रहा सहारनपुर लोकसभा सीट से सांसद
1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ। 1952 में कांग्रेस के अजित प्रसाद जैन पहली बार सहारनपुर लोकसभा सीट से सांसद बने थे। उस समय हरिद्वार लोकसभा सीट भी सहारनपुर के अंतर्गत आती थी। हरिद्वार लोकसभा सीट से कांग्रेस के सुंदरलाल ने जीत हासिल की थी। 1962, 1967 और 1971 में भी कांग्रेस के सुंदरलाल सांसद बने। 1977 और 1980 में जनता पार्टी के रशीद मसूद विजेता रहे। 1984 में कांग्रेस ने एक बार फिर से बाजी मारी और यशपाल सिंह निर्वाचित हुए।
1989 और 1991 में जनता दल की तरफ से रशीद मसूद के सिर सांसद का ताज सजा। 1996 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की तरफ से नकली सिंह ने बाजी मार ली, लेकिन बीच में ही सरकार गिर गई। 1998 में फिर से नकली सिंह सांसद बने। तब भी सरकार ज्यादा नहीं चली। 1999 में बसपा का पहली बार यहां पर खाता खुला। मंसूर अली खान सांसद बने। इसी तरह सपा की तरफ से 2004 में रशीद मसूद को सांसद चुना गया। 2009 में बसपा के जगदीश सिंह राणा, 2014 में भाजपा से राघव लखनपाल और 2019 में एक बार फिर से बसपा के हाजी फजर्लुरहमान सांसद बने।
दिग्गज छोड़ रहे पार्टी, बदल सकते हैं समीकरण
चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में अफरा-तफरी मची हुई है। बुधवार को नानौता चेयरपर्सन रुमाना खान भाजपा में शामिल हुई है तो वहीं सपा में मंत्री रहे संजय गर्ग भी भाजपा में जाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा बसपा के मौजूदा सांसद हाजी फजर्लुरहमान की भी चर्चा है कि वह पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। वह किस पार्टी का दामन थामेंगे अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है।
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पांच विधानसभा सीटों में तीन पर भाजपा विधायक
सहारनपुर लोकसभा के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में तीन पर भाजपा और दो सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की। भाजपा के हिस्से में सहारनपुर नगर, देवबंद और रामपुर विधानसभा सीट आई, जबकि सहारनपुर देहात और बेहट विधानसभा सपा के हिस्से में आई।
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