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Saharanpur: अधिवक्ता के बेटे के तीन हत्यारों को उम्रकैद, शव के साथ किया था ऐसा सुलूक
Tue, 20 Aug 2024 06:06 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 20 Aug 2024 06:06 PM IST
सार
अधिवक्ता के पुत्र के तीन हत्यारों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले के दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अधिवक्ता प्रमोद मित्तल के बेटे की हत्या करने वाले तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन प्रकाश तिवारी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 4.80 लाख का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिनमें से दो का निधन हो चुका है।
कोतवाली मंडी क्षेत्र मोहल्ला दीनानाथ बाजार निवासी प्रमोद मित्तल अधिवक्ता हैं। उनका बेटा अंकित मित्तल (27) लुधियाना की भूषण पॉवर एंड स्टील कंपनी में सहायक प्रबंधक था। अंकित ने पार्टनरशिप में लोकेश निवासी माधव विहार, नेत्रपाल, अजय, नरेंद्र और सुनील निवासी गदरहेड़ी थाना सरसावा के साथ कारोबार किया था, जिसमें सभी पार्टनर थे।
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कोतवाली मंडी क्षेत्र मोहल्ला दीनानाथ बाजार निवासी प्रमोद मित्तल अधिवक्ता हैं। उनका बेटा अंकित मित्तल (27) लुधियाना की भूषण पॉवर एंड स्टील कंपनी में सहायक प्रबंधक था। अंकित ने पार्टनरशिप में लोकेश निवासी माधव विहार, नेत्रपाल, अजय, नरेंद्र और सुनील निवासी गदरहेड़ी थाना सरसावा के साथ कारोबार किया था, जिसमें सभी पार्टनर थे।
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13 जनवरी 2013 को प्रमोद मित्तल ने कोतवाली मंडी में अंकित की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका बेटा सुबह से लापता है, जो देर रात तक घर नहीं पहुंचा है। रिश्तेदारी में भी तलाश करने पर अंकित का पता नहीं लग पाया। मामले में लोकेश नेत्रपाल, अजय, नरेंद्र और सुनील का नाम सामने आया था। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को हत्या में तरमीम कर दिया था। इसके पश्चात लोकेश को गिरफ्तार किया, जिसकी निशानदेही पर अजय के खेत में दबे अंकित के शव को बरामद किया। अंकित की गला घोंटकर हत्या की गई थी। हत्या में पांचों दोषी शामिल थे। दोषी लोकेश ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने अंकित के दो लाख रुपये देने थे। इसी के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को अजय के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया था।
पुलिस ने जांच के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन प्रकाश तिवारी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मामला अदालत में विचाराधीन था। इसी बीच नरेंद्र और सुनील का निधन हो गया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर लोकेश, अजय और नेत्रपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर अलग-अलग 1.60, 1.60, 1.60 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।