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Big News: हाईकोर्ट ने खनन माफिया हाजी इकबाल और बेटों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
Mon, 16 May 2022 09:52 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 16 May 2022 09:52 PM IST
सार
खनन माफिया और उसके बेटों की अग्रिम जमानत याचिका होईकोर्ट में खारिज कर दी गई है।
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हाजी इकबाल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हाईकोर्ट इलाहाबाद ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके चारों बेटों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने उन्हें सेवामुक्ति आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता देते हुए दो माह तक उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है।
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पुलिस प्रशासन द्वारा हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला और उनके बेटों मोहम्मद अफजल, अलीशान, जावेद व अब्दुल वाजिद के खिलाफ गैंगस्टर एवं असामाजिक गतिविधियों धाराओं में कार्रवाई की गई। जिसके खिलाफ इनके द्वारा अपने अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी हाई कोर्ट इलाहाबाद में दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना का पुरजोर विरोध किया गया। कहा गया कि आवेदक कठोर अपराधी हैं जिनका आपराधिक इतिहास है और उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने आदेश देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आवेदकों को अग्रिम जमानत देने के लिए कोई अच्छा आधार नहीं बता सके, आवेदक की ओर से दाखिल की गई अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के द्वारा प्रार्थना करने पर याचिकाकर्ता को सेवामुक्ति आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता देते हुए न्यायमूर्ति ने कहा की जब तक उनका निस्तारण नहीं हो जाता। उनके खिलाफ समान कठोर कदम नहीं उठाए जा सकते। दो महीने की अवधि के लिए आवेदकों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उधर, एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश मिल गया है।
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