Saharanpur: संदिग्ध आतंकियों के पास मिलीं जिहादी किताबें, इन सबूतों से खुलेंगे खतरनाक राज
पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों के पास से जिहादी किताबें मिली हैं। वहीं आतंकी संगठनों से जुड़े होने के सबूत भी मिले हैं। माना जा रहा है कि इन सबूतों से खतरनाक राज खुलेंगे।
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एक बार फिर जनपद का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है। यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए आठ संदिग्ध आतंकियों में चार सहारनपुर के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं, जो आपस में संपर्क में थे और जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े थे।
आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने थाना गागलहेड़ी के गांव सैय्यद माजरा से लुकमान पुत्र इमरान को गिरफ्तार किया है, जो मदरसे में शिक्षक रहा है। एटीएस के मुताबिक, लुकमान ने अहसान व मुफक्किर निवासी बांग्लादेशी से मुलाकात की, जिन्होंने लुकमान को अपने आतंकी संगठन से जोड़ा और सैय्यद माजरा में उसके मदरसे को ठिकाना बना लिया। लुकमान ने बांग्लादेशी निवासी आतंकी अब्दुल तल्हा को अपने यहां 11 माह शरण दी और मदरसा शिक्षक के रूप में पैसा भी दिया। लुकमान के पास से चार जिहादी किताबें, पेन ड्राइव, दो मेमोरी कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पेन ड्राइव में आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, ऑडियो और फोटो सेव किए गए थे।
एटीएस के अनुसार इसी तरह गांव मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तयार भी लुकमान, मुफक्किर, अलीम व शहजाद का साथी है। इसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। देवबंद के गांव जाहीरपुरा निवासी कामिल को भी एटीएस ने पकड़ा है, जिसका हाल पता सलेमपुर थाना रानी जनपद हरिद्वार है। इसको मुदस्सिर के साथ वहीं से पकड़ा गया है। इसने अलीनूर व तल्हा बांग्लादेशी को सलेमपुर में घर किराए पर दिलवाकर शरण दी। इसके एकाउंट में तल्हा ने फंडिंग के रूप में ढाई लाख रुपये मंगवाए थे।
कैलाशपुर निवासी मोहम्मद अलीम को भी गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद अलीम को आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य बनाया। अलीम अहसान बांग्लादेशी को लुकमान, शहजाद व कारी मुख्तयार से मिलवाया था। इनके अलावा शहजाद निवासी नंगला नाई झिंझाना जनपद शामली, मुदस्सिर निवासी नंगला इमरती जनपद हरिद्वार, अलीनूर बांग्लादेशी, नवाजिश अंसारी निवासी झारखंड को गिरफ्तार किया गया है।
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आतंकी संगठनों से जुड़े होने के मिले सबूत
पकड़े गए चारों आरोपियों के पास से से पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज मिले हैं। इन चारों संदिग्ध आतंकियों को कुछ माह पूर्व पकड़े गए आतंकी अब्दुल तल्हा और नवाजिश ने आतंकी संगठनों से जोड़ा था। इसके बाद इन्होंने जनपद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।
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पकड़े आरोपियों के परिवार की स्थिति
लुकमान के परिवार में पत्नी और सात बच्चे हैं। इसके अलावा छह भाई हैं। लुकमान गांव सैय्यद मजरा दारे अकरम नाम से मदरसा चलाता है। लुकमान के पिता इमरान भगवानपुर रोड गागलहेड़ी में जड़ी बूटी की दुकान चलाते हैं। अलीम के परिवार में तीन भाई और एक बहन है। अलीम शादीशुदा है और उसके एक पुत्री है।
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ऐसे बनाया अपना नेटवर्क
एटीएस के मुताबिक, आतंकी अब्दुल तल्हा व नवाजिश ने अपना नेटवर्क करीब एक साल पहले से बनाना शुरू कर दिया था। अब्दुल तल्हा का संपर्क लुकमान से हुआ। झारखंड गिरीडीह निवासी नवाजिश भी सहारनपुर के देवबंद में रहा है। दोनों ने मिलकर लुकमान से संपर्क किया। तल्हा ने लुकमान के मदरसे में शिक्षक के रूप में नौकरी की। इसके बाद लुकमान, तल्हा, नवाजिश ने मिलकर कामिल कारी मुख्तार, अलीम से संपर्क किया और अपने संगठन से जोड़ दिया।