फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Saharanpur Consolidation Department is not untouched by disturbances

गड़बड़ियों से अछूता नहीं है सहारनपुर चकबंदी विभाग

Wed, 31 Mar 2021 11:13 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Mar 2021 11:13 PM IST
विज्ञापन
Saharanpur Consolidation Department is not untouched by disturbances
सहारनपुर। चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कारगुजारियां सहारनपुर में भी सामने आती रही हैं। कभी किसान की जमीन को यमुना नदी में दर्शाकर फर्जीवाड़ा किया गया तो कभी चकबंदी अधिकारी का रिश्वत लेते वीडियो तक वायरल हुआ। ऐसे मामलों को लेकर खूब किरकिरी तक होती रही और किसान भी चकबंदी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे।
विज्ञापन

मेरठ में चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया तो, इसको लेकर चकबंदी विभाग में हड़कंप है। वहीं सहारनपुर जिले में पूर्व में चकबंदी विभाग द्वारा की गईं कारगुजारियां भी जेहन में ताजा हो गई हैं।
विज्ञापन

दरअसल, चकबंदी को लेकर गांव दर गांव विवाद भी सामने आते रहे हैं। नकुड़ क्षेत्र के गांव रामगढ़ में चकबंदी को काफी समय तक विवाद रहा। वहीं, गांव टाबर में भी चकबंदी भी यही स्थिति बनी रही थी। गांव नसरुल्लागढ़ मुस्तकम की चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसान संगठन की तरफ से सहारनपुर के हकीकतनगर में धरना तक दिया था। वहीं, देवबंद क्षेत्र के मिरगपुर गांव में चल रहे चकबंदी के विवाद को लेकर अप्रैल 2020 में एक ही परिवार के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। संघर्ष में सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

चकबंदी अधिकारियों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
- चिलकाना क्षेत्र के गांव गाजदीनपुर में 1997 में चकबंदी हुई थी। गांव के कुछ लोगों ने मिलीभगत कर करीब 19 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी। पीड़ित रामपाल और रामधन की जमीन को यमुना नदी में बता दिया था। नवंबर 2014 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर चकबंदी विभाग के आठ अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पीड़ित पक्ष से रिश्वत मांगने सहित विभिन्न आरोप में रिपोर्ट दर्ज थाना चिलकाना में दर्ज हुई थी।

-- वायरल हुआ था रिश्वत लेने का वीडियो
- ढाई साल पूर्व चकबंदी विभाग के एक अधिकारी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह अपने दफ्तर में ही बैठकर एक व्यक्ति से रिश्वत लेता दिखाई दिया था। इस मामले को लेकर भी चकबंदी विभाग की खूब किरकिरी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed