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Saharanpur News: रविवार को भी भरमौर तक नहीं लाया जा सका सागर का शव

Sun, 31 Aug 2025 11:31 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 31 Aug 2025 11:31 PM IST
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Sagar's body could not be brought to Bharmour even on Sunday
-22 सदस्यीय टीम गई है शव लाने के लिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोह। मणिमहेश यात्रा के दौरान 24 अगस्त को हुई भूस्खलन और बादल फटने की घटना के बाद रविवार तक भी मोहल्ला छत्ता निवासी सागर भटनागर (36) का शव हादसे वाली जगह से नीचे नहीं लाया जा सका। बताया गया है कि शनिवार को 22 सदस्यीय प्रशासनिक टीम शव लाने के लिए रवाना हुई थी, लेकिन लगातार हो रही भारी बरसात के कारण अभी तक वह सागर के शव को नीचे नहीं ला सकी है। सागर के नौ साथी इस समय भरमौर में रुके हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सागर का शव नीचे नहीं लाया जाता, तब तक वह नहीं लौटेंगे।
श्रद्धालु भावेश कश्यप ने अपने पिता कुमार फौजी को फोन पर बातचीत में हादसे का मंजर बयां किया। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को परिक्रमा मार्ग से यात्रा शुरू की थी। 24 अगस्त तक लगभग 25 किलोमीटर ही चल पाए थे कि अचानक वहां बादल फट गया और देखते ही देखते भारी मलबा नीचे उतर आया। सबसे आगे चल रहे सागर भटनागर, उमंग गर्ग, भावेश और राकेश भटनागर उसकी चपेट में आ गए।
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किसी तरह अन्य साथियों की मदद से वह तीनों मलबे से निकल आए, लेकिन सागर को पत्थरों के नीचे से निकालने की कोशिश कर ही रहे थे, तभी बादल फटा और वह मलबे की चपेट में बह गया। भावेश ने कहा कि हादसे के बाद छह श्रद्धालु वहीं फंस गए। दो दिनों तक बारिश और ठंड में बिना भोजन-पानी के खुले आसमान के नीचे उन्हें समय गुजारना पड़ा। 27 अगस्त को किसी तरह वे आगे बढ़े और एक टेंट में रुके। वहीं से उन्होंने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
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वापस लौटने का इंतजार कर रहे परिजन
श्रद्धालु युवकों के परिजन भरमौर से उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सागर भटनागर की मौत से परिवार गहरे शोक में है। पत्नी के आंसू थम नहीं रहे हैं। बेटी जब भी पापा बोलती है तो हर किसी का दिल भर आता है। लोग पहुंचकर पीड़ित परिवार का ढांढस बांध रहे हैं।
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