{"_id":"608069e38ebc3eb92f03efdb","slug":"running-online-classes-internet-problem-saharanpur-news-mrt5354784129","type":"story","status":"publish","title_hn":"चल रहीं ऑनलाइन कक्षाएं, इंटरनेट की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चल रहीं ऑनलाइन कक्षाएं, इंटरनेट की समस्या
विज्ञापन
- ग्रामीण अंचल में नेटवर्क ठीक ना होने से आती है बाधा
- अभी सीबीएसई के स्कूलों के बच्चे ही कर रहे ऑनलाइन पढ़ाई
फोटो संख्या 09 की सीरीज
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। कोरोना की वजह से विद्यालय बंद हैं। सीबीएसई स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल में रहने वाले छात्र छात्राओं के सामने इंटरनेट बड़ी समस्या बना हुआ है। क्योंकि कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां नेटवर्क ठीक से नहीं आता है और ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने में दिक्कत होती है।
बीते साल भी जब कोरोना के कारण तीन महीने तक लॉकडाउन लगा था तो सभी सीबीएसई स्कूलों की तरफ से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं। इस बार भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, जिस कारण फिर से विद्यालय बंद हो गए हैं। सहारनपुर जिले में सीबीएसई के 100 से ज्यादा विद्यालय हैं। ऐसे में फिर से ऑनलाइन कक्षाएं ही बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का जरिया बनी हैं। शहरी क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को तो कोई दिक्कत इससे नहीं हो रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राएं जरूर परेशान हैं।
नेटवर्क आता नहीं, कैसे करें पढ़ाई
गांव नन्दी फिरोजपुर निवासी एमए राजनीति शास्त्र के छात्र नवनीत चौधरी, इंटर के छात्र अनिकेत चौधरी, बीएससी कृषि के छात्र विशाल छावड़ी, इंटर के छात्र आरिफ मलिक और एसएससी की कोचिंग कर रहे विशाल धीमान का कहना है कि उनके गांव में नेटवर्क बहुत खराब है। घर में रहकर मोबाइल फोन पर आसानी से बात तक नहीं होती है। ऐसी दशा में घर के भीतर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई करना मुसीबत है। इसी गांव में जनसेवा केंद्र का संचालन करने वाले लोकेंद्र नोटियाल का कहना है कि नेटवर्क ठीक नहीं होने से बहुत से कार्य बाधित होते हैं। इसी तरह के हालात अन्य भी गांवों के हैं।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों के बच्चे नहीं कर पा रहे पढ़ाई
सहारनपुर। सरकारी विद्यालयों के बच्चों की अभी तक ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। क्योंकि सरकारी विद्यालयों का अभी शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कराने के लिए शासन से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है, वैसे शिक्षक शिक्षिकाएं अपने स्तर से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा सकते हैं, उसमें कोई रोक नहीं है।
विज्ञापन
- अभी सीबीएसई के स्कूलों के बच्चे ही कर रहे ऑनलाइन पढ़ाई
फोटो संख्या 09 की सीरीज
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। कोरोना की वजह से विद्यालय बंद हैं। सीबीएसई स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल में रहने वाले छात्र छात्राओं के सामने इंटरनेट बड़ी समस्या बना हुआ है। क्योंकि कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां नेटवर्क ठीक से नहीं आता है और ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने में दिक्कत होती है।
बीते साल भी जब कोरोना के कारण तीन महीने तक लॉकडाउन लगा था तो सभी सीबीएसई स्कूलों की तरफ से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं। इस बार भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, जिस कारण फिर से विद्यालय बंद हो गए हैं। सहारनपुर जिले में सीबीएसई के 100 से ज्यादा विद्यालय हैं। ऐसे में फिर से ऑनलाइन कक्षाएं ही बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का जरिया बनी हैं। शहरी क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को तो कोई दिक्कत इससे नहीं हो रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राएं जरूर परेशान हैं।
विज्ञापन
नेटवर्क आता नहीं, कैसे करें पढ़ाई
गांव नन्दी फिरोजपुर निवासी एमए राजनीति शास्त्र के छात्र नवनीत चौधरी, इंटर के छात्र अनिकेत चौधरी, बीएससी कृषि के छात्र विशाल छावड़ी, इंटर के छात्र आरिफ मलिक और एसएससी की कोचिंग कर रहे विशाल धीमान का कहना है कि उनके गांव में नेटवर्क बहुत खराब है। घर में रहकर मोबाइल फोन पर आसानी से बात तक नहीं होती है। ऐसी दशा में घर के भीतर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई करना मुसीबत है। इसी गांव में जनसेवा केंद्र का संचालन करने वाले लोकेंद्र नोटियाल का कहना है कि नेटवर्क ठीक नहीं होने से बहुत से कार्य बाधित होते हैं। इसी तरह के हालात अन्य भी गांवों के हैं।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों के बच्चे नहीं कर पा रहे पढ़ाई
सहारनपुर। सरकारी विद्यालयों के बच्चों की अभी तक ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। क्योंकि सरकारी विद्यालयों का अभी शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कराने के लिए शासन से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है, वैसे शिक्षक शिक्षिकाएं अपने स्तर से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा सकते हैं, उसमें कोई रोक नहीं है।