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रसूलपुर खेड़ी में 5.23 लाख रुपये का किया दुरुपयोग
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सहारनपुर। नागल ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसूलपुर खेड़ी में विकास के नाम पर 5,23,722 रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। इसकी पुष्टि जांच में हुई है। इसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत के तीन सचिवों को कारण बताओ नोटिस दिया। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं देने पर इनसे उक्त धनराशि की वसूली भू-राजस्व की भांति होगी।
यह कारण बताओ नोटिस तत्कालीन ग्राम प्रधान जनेश्वरी के अलावा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव गिरीश सैनी, सुशील कुमार और सोनिया को भेजे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र राज सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत रसूलपुर खेड़ी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत सोहन सिंह ने शपथपत्र के साथ की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी जांच जिला कृषि रक्षा अधिकारी और लोनिवि के सहायक अभियंता ने की। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शौचालय निर्माण में क्रमांक 27 व 28 पर बीरमति, क्रमांक 100 व 101 पर ओमवती, क्रमांक 110 व 111 पर पवित्रा, 155 व 156 पर सलोचना के नाम अंकित है। इससे प्रतीत होता है कि उनके नाम से दो बार धनराशि का आहरण किया। इस तरह करीब 48 हजार रुपये अधिक प्राप्त किए हैं।
इसके अलावा गांव 60 एलईडी लाइट लगाई, इन्हें 4780 रुपये प्रति लाइट की दर से 286800 रुपये में खरीदा, जबकि सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 60 एलईडी का मूल्य 3250 रुपये की दर से 195000 रुपये बनता है। इस तरह 91800 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया। सीमेंट की 30 बेंच 4600 रुपये की दर से 138000 रुपये में खरीदीं, जबकि सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 4250 रुपये की दर से इनका मूल्य 127500 रुपये आंका है, इस तरह 10500 रुपये का दुरुपयोग किया। इसी तरह सीसी रोड सड़क निर्माण कार्य आंगणन में तय मोटाई से कम बनाकर भी धनराशि का दुरुपयोग किया। इतना ही नहीं, आशा कार्यकर्ता कविता को भी मनरेगा में कार्य दिया।
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इस तरह ग्राम पंचायत रसूलपुर खेड़ी में 5,23,722 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया। इसके लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान जनेश्वरी और ग्राम पंचायत सचिव को संयुक्त रूप से दोषी हैं। पंचायती राज एक्ट के तहत इन्हें कारण बताओ नोटिस दिया, इन्हें 15 दिन में स्पष्टीकरण देना होगा। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर उक्त धनराशि की आधी धनराशि 2,61,861 रुपये भू राजस्व की भांति वसूल होगी।
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यह कारण बताओ नोटिस तत्कालीन ग्राम प्रधान जनेश्वरी के अलावा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव गिरीश सैनी, सुशील कुमार और सोनिया को भेजे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र राज सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत रसूलपुर खेड़ी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत सोहन सिंह ने शपथपत्र के साथ की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी जांच जिला कृषि रक्षा अधिकारी और लोनिवि के सहायक अभियंता ने की। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शौचालय निर्माण में क्रमांक 27 व 28 पर बीरमति, क्रमांक 100 व 101 पर ओमवती, क्रमांक 110 व 111 पर पवित्रा, 155 व 156 पर सलोचना के नाम अंकित है। इससे प्रतीत होता है कि उनके नाम से दो बार धनराशि का आहरण किया। इस तरह करीब 48 हजार रुपये अधिक प्राप्त किए हैं।
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इसके अलावा गांव 60 एलईडी लाइट लगाई, इन्हें 4780 रुपये प्रति लाइट की दर से 286800 रुपये में खरीदा, जबकि सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 60 एलईडी का मूल्य 3250 रुपये की दर से 195000 रुपये बनता है। इस तरह 91800 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया। सीमेंट की 30 बेंच 4600 रुपये की दर से 138000 रुपये में खरीदीं, जबकि सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 4250 रुपये की दर से इनका मूल्य 127500 रुपये आंका है, इस तरह 10500 रुपये का दुरुपयोग किया। इसी तरह सीसी रोड सड़क निर्माण कार्य आंगणन में तय मोटाई से कम बनाकर भी धनराशि का दुरुपयोग किया। इतना ही नहीं, आशा कार्यकर्ता कविता को भी मनरेगा में कार्य दिया।
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इस तरह ग्राम पंचायत रसूलपुर खेड़ी में 5,23,722 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया। इसके लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान जनेश्वरी और ग्राम पंचायत सचिव को संयुक्त रूप से दोषी हैं। पंचायती राज एक्ट के तहत इन्हें कारण बताओ नोटिस दिया, इन्हें 15 दिन में स्पष्टीकरण देना होगा। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर उक्त धनराशि की आधी धनराशि 2,61,861 रुपये भू राजस्व की भांति वसूल होगी।