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Saharanpur News: टूटी हैं अधिकारियों के दफ्तरों और आवासों को जाने वाली सड़कें
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-अमर उजाला अभियान-
- कलक्ट्रेट के गेट, पुलिस लाइन के गेट, मंडलायुक्त कार्यालय आदि के बाहर क्षतिग्रस्त हैं सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर की टूटी सड़कों से हर कोई परेशान है। हैरानी का बात यह है कि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के कार्यालयों के बाहर ही सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिनके गड्ढे तक नहीं भरवाए जा रहे हैं। अधिकारियों के आवासों की ओर जाने वाले मार्ग भी टूटे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को निर्माण विभागों से सड़कों के सुधार की उम्मीद नहीं है।
मंडल के सबसे बड़े अधिकारी मंडलायुक्त का कार्यालय दिल्ली रोड पर है। पूरे दिल्ली रोड की हालत खराब है। मंडलायुक्त के आवास से लेकर उनके कार्यालय तक सड़क में जगह जगह गड्ढे बने हैं। जिनसे होकर मंडलायुक्त की गाड़ी प्रतिदिन गुजरती है। कलक्ट्रेट गेट के ठीक सामने सड़क में गहरे गड्ढे बने हैं। जिलाधिकारी की गाड़ी इन्हीं गड्ढों से होकर गुजरती है। इतना ही नहीं, जिस हकीकतनगर तिराहे से होकर उनकी गाड़ी जाती है उस तिराहे का भी हाल भी खराब है, जिसकी सड़क क्षतिग्रस्त है। पुलिस लाइन के गेट के बाहर सड़क दो जगहों से धंसी हुई है।
उधर, जिस नगर निगम पर सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है। उसके महापौर और नगरायुक्त गाड़ी, जिस कोर्ट रोड और दिल्ली रोड से गुजरकर उनके आवासों तक पहुंचती है। उस रोड की हालत बेहद खराब है, जिसमें छह इंच तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं। यानी मंडल, जनपद और महानगर के बड़े अधिकारियों के मूवमेंट वाले मार्ग ही जर्जर और क्षतिग्रस्त हैं, जिनके ही गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों से जुड़े मांर्गों और बाजारों के सुधरने या गड्ढामुक्त होने की उम्मीद करना बेमानी है।
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- नागरिकों की बात
- व्यापारी सोमप्रकाश शास्त्री का कहना है कि पूरे शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिसकी वजह से राहगीरों को परेशानी हो रही है। लेकिन संबंधित विभाग सड़कों को दुरुस्त नहीं कर रहे हैं।
- हकीकतनगर निवासी अमित सेठी ने बताया कि हकीतनगर तिराहे पर बड़े बड़े गड्ढे बने हैं। अधिकारियों की गाड़ियां यहां से होकर गुजरतीं हैं, लेकिन कोई ध्यान नगर निगम का नहीं है।
- अशोक कुमार का कहना है कि बरसात के बाद सड़कोें की हालत और खराब हुई है। सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश निगमों को दिए हुए हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं है।
- लक्ष्य चौहान का कहना है कि टूटी सड़कों के कारण लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गाड़ियां खराब हो रहीं है। गति नहीं होने की वजह से गाड़ियों में ईंधन अधिक फुंक रहा है।
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- कलक्ट्रेट के गेट, पुलिस लाइन के गेट, मंडलायुक्त कार्यालय आदि के बाहर क्षतिग्रस्त हैं सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर की टूटी सड़कों से हर कोई परेशान है। हैरानी का बात यह है कि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के कार्यालयों के बाहर ही सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिनके गड्ढे तक नहीं भरवाए जा रहे हैं। अधिकारियों के आवासों की ओर जाने वाले मार्ग भी टूटे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को निर्माण विभागों से सड़कों के सुधार की उम्मीद नहीं है।
मंडल के सबसे बड़े अधिकारी मंडलायुक्त का कार्यालय दिल्ली रोड पर है। पूरे दिल्ली रोड की हालत खराब है। मंडलायुक्त के आवास से लेकर उनके कार्यालय तक सड़क में जगह जगह गड्ढे बने हैं। जिनसे होकर मंडलायुक्त की गाड़ी प्रतिदिन गुजरती है। कलक्ट्रेट गेट के ठीक सामने सड़क में गहरे गड्ढे बने हैं। जिलाधिकारी की गाड़ी इन्हीं गड्ढों से होकर गुजरती है। इतना ही नहीं, जिस हकीकतनगर तिराहे से होकर उनकी गाड़ी जाती है उस तिराहे का भी हाल भी खराब है, जिसकी सड़क क्षतिग्रस्त है। पुलिस लाइन के गेट के बाहर सड़क दो जगहों से धंसी हुई है।
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उधर, जिस नगर निगम पर सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है। उसके महापौर और नगरायुक्त गाड़ी, जिस कोर्ट रोड और दिल्ली रोड से गुजरकर उनके आवासों तक पहुंचती है। उस रोड की हालत बेहद खराब है, जिसमें छह इंच तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं। यानी मंडल, जनपद और महानगर के बड़े अधिकारियों के मूवमेंट वाले मार्ग ही जर्जर और क्षतिग्रस्त हैं, जिनके ही गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों से जुड़े मांर्गों और बाजारों के सुधरने या गड्ढामुक्त होने की उम्मीद करना बेमानी है।
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- व्यापारी सोमप्रकाश शास्त्री का कहना है कि पूरे शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिसकी वजह से राहगीरों को परेशानी हो रही है। लेकिन संबंधित विभाग सड़कों को दुरुस्त नहीं कर रहे हैं।
- हकीकतनगर निवासी अमित सेठी ने बताया कि हकीतनगर तिराहे पर बड़े बड़े गड्ढे बने हैं। अधिकारियों की गाड़ियां यहां से होकर गुजरतीं हैं, लेकिन कोई ध्यान नगर निगम का नहीं है।
- अशोक कुमार का कहना है कि बरसात के बाद सड़कोें की हालत और खराब हुई है। सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश निगमों को दिए हुए हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं है।
- लक्ष्य चौहान का कहना है कि टूटी सड़कों के कारण लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गाड़ियां खराब हो रहीं है। गति नहीं होने की वजह से गाड़ियों में ईंधन अधिक फुंक रहा है।