{"_id":"5a7f46c24f1c1b5e028b49e9","slug":"roads-and-tracks-sold-for-parking","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्किंग के लिए बेच दीं सड़कें और पटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्किंग के लिए बेच दीं सड़कें और पटरी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
रेलवे रोड पर सड़क पर बनी पार्किंग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की प्रतिस्पर्धा बेशक नगर निगम ने कागजों पर आंकड़ों की बाजीगरी कर जीत ली हो, लेकिन शहर की हालत बदतर हो चुकी है। शहर को जाम से मुक्त करने का प्रयास करना तो दूर, शहर की सड़कों पर पार्किंग का ठेका देने के लिए सड़कों और फुटपाथ को बेच डाला। जिसके चलते रेलवे स्टेशन के बाहर अग्रसेन चौक पर हर समय जाम लगा रहता है।
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 28 हजार यात्री यात्रा निकलते हैं। दिन भर में लगभग 65 ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर पहुंचतीं हैं। हर 15 मिनट में रेलवे स्टेशन से हजारों यात्रियों की भीड़ निकलती है। यही नहीं वहीं पर बस स्टैंड भी है।
जहां से सैकड़ों यात्रियों की भीड़ हर समय रहती है, लेकिन रेलवे स्टेशन के गेट पर अग्रसेन चौक पर चारों ओर हुए अतिक्रमण ने यात्रियों के लिए जाम की समस्या खड़ी कर दी है। सबसे बड़ी समस्या रेलवे परिसर में पार्किंग की व्यवस्था होते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर अवैध रूप से पार्किंग स्टैंड बना दिया।
विज्ञापन
सड़क के फुटपाथ को नगर निगम ने अपना बताते हुए ठेका छोड़ दिया। इस ठेके के साथ ठेकेदार ने न सिर्फ फुटपाथ पर कब्जा किया, बल्कि सड़क को भी पार्किंग बना डाला। नगर निगम से भी चार कदम आगे बढ़ते हुए ठेकेदार ने सड़क के दोनों ओर कब्जा कर लिया और सड़क को ही पार्किंग बना डाला। सड़क के साथ लगभग 300 मीटर फुटपाथ को पार्किंग बनाकर बंद कर दिया।
शेष फुटपाथ पर कुछ लोगों ने ठेले, खोखा रख लिया। फुटपाथ तो पूरी तरह से बंद कर दिए साथ ही सड़क भी आधी से अधिक घेर ली। ऐसे में यहां हर समय जाम की समस्या बनी हुई है। अधिकारी समस्या को लेकर तो चिंतित हैं, लेकिन उसके कारणों पर आज तक गौर नहीं किया। न तो अतिक्रमण ही हटवाया गया और ही अवैध पार्किंग ही हटाई गई है।
रेलवे की भूमि पर नगर निगम करवा रहा पार्किंग
नगर निगम ने वसूली के लिए रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा करा दिया है। रेलवे अधिकारियों के आवास के बाहर एवं रेलवे स्टेशन परिसर की भूमि तथा सड़क पर गलत तरीके से नगर निगम ने दुकानें लगवा दी हैं और पार्किंग का ठेका छोड़ दिया है। इससे यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है और रेलवे को भी नुकसान हो रहा है - एसपी सिंह, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, सहारनपुर
नगर निगम ने छोड़ा एक ही ठेका
शहर में जो भी सार्वजनिक भूमि है वह नगर निगम की है। नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर मंदिर के निकट पटरी पर पार्किंग ठेका दे रखा है। रेलवे उस भूमि को अपनी भूमि बता रहा है। जबकि सिर्फ परिसर के अंदर की भूमि ही रेलवे की है। -नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद
पूरा नहीं हो सका ढमोला में अवैध चिह्नीकरण
सहारनपुर। डीएम पीके पांडे के कडे़ रुख के बावजूद ढमोला नदी में अवैध अतिक्रमण के चिह्नीकरण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। डीएम ने इसके लिए 10 फरवरी तक का समय दिया था। शनिवार को छुट्टी होने के चलते चिह्नीकरण का कार्य नहीं हो सका।
अभी भी ढमोला नदी के किनारे अतिक्रमण का काफी सत्यापन बाकी है। टीम द्वारा सत्यापन का कार्य सोमवार तक पूरा होने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के साथ ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को भी ढमोला क्षेत्र में अतिक्रमण के चिन्हिकरण के लिए लगा रखा है।
हालांकि सिंचाई विभाग के कर्मचारी पहले अतिक्रमण के सत्यापन कार्य में अपनी ड्यूटी लगाए जाने से नाखुश थे। उन्होंने इसको लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को अपनी आपत्ति भी जताई थी। एडीएम एफ के कडे़ रुख के बाद ही उन्होंने अवैध अतिक्रमण कार्य में सहयोग किया।
न्यू गोपाल नगर से लेकर खानआलमपुरा और पठानपुरा तक अतिक्रमण का चिह्नीकरण राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। इसमें अवैध निर्माणों को भी चिह्नीकरण किया गया है।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 28 हजार यात्री यात्रा निकलते हैं। दिन भर में लगभग 65 ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर पहुंचतीं हैं। हर 15 मिनट में रेलवे स्टेशन से हजारों यात्रियों की भीड़ निकलती है। यही नहीं वहीं पर बस स्टैंड भी है।
विज्ञापन
जहां से सैकड़ों यात्रियों की भीड़ हर समय रहती है, लेकिन रेलवे स्टेशन के गेट पर अग्रसेन चौक पर चारों ओर हुए अतिक्रमण ने यात्रियों के लिए जाम की समस्या खड़ी कर दी है। सबसे बड़ी समस्या रेलवे परिसर में पार्किंग की व्यवस्था होते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर अवैध रूप से पार्किंग स्टैंड बना दिया।
विज्ञापन
सड़क के फुटपाथ को नगर निगम ने अपना बताते हुए ठेका छोड़ दिया। इस ठेके के साथ ठेकेदार ने न सिर्फ फुटपाथ पर कब्जा किया, बल्कि सड़क को भी पार्किंग बना डाला। नगर निगम से भी चार कदम आगे बढ़ते हुए ठेकेदार ने सड़क के दोनों ओर कब्जा कर लिया और सड़क को ही पार्किंग बना डाला। सड़क के साथ लगभग 300 मीटर फुटपाथ को पार्किंग बनाकर बंद कर दिया।
शेष फुटपाथ पर कुछ लोगों ने ठेले, खोखा रख लिया। फुटपाथ तो पूरी तरह से बंद कर दिए साथ ही सड़क भी आधी से अधिक घेर ली। ऐसे में यहां हर समय जाम की समस्या बनी हुई है। अधिकारी समस्या को लेकर तो चिंतित हैं, लेकिन उसके कारणों पर आज तक गौर नहीं किया। न तो अतिक्रमण ही हटवाया गया और ही अवैध पार्किंग ही हटाई गई है।
रेलवे की भूमि पर नगर निगम करवा रहा पार्किंग
नगर निगम ने वसूली के लिए रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा करा दिया है। रेलवे अधिकारियों के आवास के बाहर एवं रेलवे स्टेशन परिसर की भूमि तथा सड़क पर गलत तरीके से नगर निगम ने दुकानें लगवा दी हैं और पार्किंग का ठेका छोड़ दिया है। इससे यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है और रेलवे को भी नुकसान हो रहा है - एसपी सिंह, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, सहारनपुर
नगर निगम ने छोड़ा एक ही ठेका
शहर में जो भी सार्वजनिक भूमि है वह नगर निगम की है। नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर मंदिर के निकट पटरी पर पार्किंग ठेका दे रखा है। रेलवे उस भूमि को अपनी भूमि बता रहा है। जबकि सिर्फ परिसर के अंदर की भूमि ही रेलवे की है। -नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद
पूरा नहीं हो सका ढमोला में अवैध चिह्नीकरण
सहारनपुर। डीएम पीके पांडे के कडे़ रुख के बावजूद ढमोला नदी में अवैध अतिक्रमण के चिह्नीकरण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। डीएम ने इसके लिए 10 फरवरी तक का समय दिया था। शनिवार को छुट्टी होने के चलते चिह्नीकरण का कार्य नहीं हो सका।
अभी भी ढमोला नदी के किनारे अतिक्रमण का काफी सत्यापन बाकी है। टीम द्वारा सत्यापन का कार्य सोमवार तक पूरा होने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के साथ ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को भी ढमोला क्षेत्र में अतिक्रमण के चिन्हिकरण के लिए लगा रखा है।
हालांकि सिंचाई विभाग के कर्मचारी पहले अतिक्रमण के सत्यापन कार्य में अपनी ड्यूटी लगाए जाने से नाखुश थे। उन्होंने इसको लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को अपनी आपत्ति भी जताई थी। एडीएम एफ के कडे़ रुख के बाद ही उन्होंने अवैध अतिक्रमण कार्य में सहयोग किया।
न्यू गोपाल नगर से लेकर खानआलमपुरा और पठानपुरा तक अतिक्रमण का चिह्नीकरण राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। इसमें अवैध निर्माणों को भी चिह्नीकरण किया गया है।