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पहाड़ियों पर बारिश से नदियां उफान पर
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शाकंभरी देवी मार्ग के रपटे पर पानी आने पर सड़क के दोनों साइड खड़े लोग और वाहन
- फोटो : SAHARANPUR
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बेहट/शाकंभरी (सहारनपुर)। पहाड़ और मैदानी क्षेत्र में हुई भारी बरसात के कारण शिवालिक की पहाड़ियों से निकलने वाली अधिकांश बरसाती नदियां उफन गयी। जिसके कारण नदियों से घिरे इलाके के लगभग 20 गांवों का बाहरी स्थानों से संपर्क टूट गया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मार्ग समेत कई सड़कों पर आवागमन बंद हो गया। नदियां उफनने के कारण शाकंभरी मंदिर जाने वाले श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए। शाम चार बजे के बाद जलस्तर कम होने पर लोगों की आवाजाही शुरू हो सकी।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे पहाड़ियों पर बारिश शुरू हुई। दो घंटे बाद सुबह सात बजे मैदानी क्षेत्र में भी बादल बरसने शुरू हो गए। पहाड़ और मैदान में हुई तेज बारिश के पानी से इलाके की बरसाती नदियां पानी से लबालब हो गई। बेहट- शाकंभरी देवी व मिर्जापुर - सुंदरपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। सड़कों के दोनों तरफ वाहनों और लोगों की भीड़ लग गई। इन मार्गों को कई स्थानों पर नदी का पानी सड़क पर पहुंच गया। सीमेंट के रपटे सड़क बनाकर पानी को सड़क के ऊपर से निकलने की व्यवस्था की गई है। जिसका लाभ जनता को मिला।
उधर सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में नदी में पानी का तेज बहाव आने पर श्रद्धालु आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शन नहीं कर सके। जो श्रद्धालु रविवार की रात सिद्धपीठ में रुके थे वह वहीं पर फंस गए। जो सोमवार सुबह माता दर्शन के लिए गए थे, उन्हें बाबा भूरादेव मंदिर पर खड़े होकर पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि शाम करीब चार बजे के बाद नदियों का जलस्तर कम होने पर सिद्धपीठ समेत नदियों से घिरे गांवों में आवाजाही शुरू हो सकी।
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बेहट। सोमवार को यमुना नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हथिनीकुंड बैराज पर दोपहर 12 बजे 52390 क्यूसेक दर्ज किया गया, हालांकि इसके बाद जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई। शाम 5 बजे जलस्तर की स्थिति 25298 रिकार्ड की गई।
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सोमवार सुबह करीब पांच बजे पहाड़ियों पर बारिश शुरू हुई। दो घंटे बाद सुबह सात बजे मैदानी क्षेत्र में भी बादल बरसने शुरू हो गए। पहाड़ और मैदान में हुई तेज बारिश के पानी से इलाके की बरसाती नदियां पानी से लबालब हो गई। बेहट- शाकंभरी देवी व मिर्जापुर - सुंदरपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। सड़कों के दोनों तरफ वाहनों और लोगों की भीड़ लग गई। इन मार्गों को कई स्थानों पर नदी का पानी सड़क पर पहुंच गया। सीमेंट के रपटे सड़क बनाकर पानी को सड़क के ऊपर से निकलने की व्यवस्था की गई है। जिसका लाभ जनता को मिला।
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उधर सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में नदी में पानी का तेज बहाव आने पर श्रद्धालु आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शन नहीं कर सके। जो श्रद्धालु रविवार की रात सिद्धपीठ में रुके थे वह वहीं पर फंस गए। जो सोमवार सुबह माता दर्शन के लिए गए थे, उन्हें बाबा भूरादेव मंदिर पर खड़े होकर पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि शाम करीब चार बजे के बाद नदियों का जलस्तर कम होने पर सिद्धपीठ समेत नदियों से घिरे गांवों में आवाजाही शुरू हो सकी।
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बेहट। सोमवार को यमुना नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हथिनीकुंड बैराज पर दोपहर 12 बजे 52390 क्यूसेक दर्ज किया गया, हालांकि इसके बाद जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई। शाम 5 बजे जलस्तर की स्थिति 25298 रिकार्ड की गई।

शाकंभरी देवी रोड पर पानी को पार करते लोग।- फोटो : SAHARANPUR

शाकंभरी देवी नदी में पाने आने पर सिद्धपीठ की तरफ फंसे श्रद्धालु।- फोटो : SAHARANPUR

बेहट क्षेत्र में मशकरा नदी में आया पानी का उफान।- फोटो : SAHARANPUR