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गड्ढों वाली सड़क पर जोखिम भरा सफर

Fri, 02 Oct 2020 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 11:27 PM IST
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Risky journey on pit road
-- अति महत्वपूर्ण है नानौता-गंगोह मार्ग की 16 किलोमीटर सड़क
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-- 08 स्कूल, 02 दो लाख की आबादी, 50 गांव के लोग प्रभावित
-- 30 मिनट के सफर में लग रहा सवा घंटे से अधिक समय
-- लोक निर्माण विभाग की है यह सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
नानौता/सहारनपुर। नानौता से गंगोह तक 16 किलोमीटर की सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। सड़कों में हुए गड्ढों की वजह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं धूल के गुब्बार ने भी लोगों की परेशानी को बढ़ा रखा है। इस मार्ग पर आठ स्कूल हैं और संपर्क मार्ग को मिलकर 50 गांव के करीब दो लाख लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।
शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने इस मार्ग की हालत देखी तो जगह-जगह गड्ढे नजर आए। सड़क ठीक हो तो, नानौता से गंगोह जाने मेें 30 मिनट का समय लगता है, लेकिन सड़क में जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से दूरी तय करने में एक से सवा घंटा लग रहा है। इस मार्ग पर गांव टिकरौल तक सड़क की हालत ज्यादा खराब है। वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सड़क किनारे बसें गांवों में जिन लोगों के मकान मुख्य मार्ग पर है, उनके घरों में धूल की वजह से गंदगी फैल रही है। इसके अलावा दुकानदारों का सामान भी गंदा हो जाता है। लोगों की मांग के बावजूद सड़क के गड्ढों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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दावे तो किए जाते हैं, गुणवत्ता पर नहीं दिया जाता ध्यान
गांव टिकरौल निवासी किसान अनुराग चौधरी का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इसीलिए पैचिंग कार्य के कुछ समय बाद ही सड़क टूट जाती है। बरसात के बाद इन दिनों सड़क में गड्ढे ही गड्ढे बने हैं। व्यापारी विनोद अग्रवाल और समाजसेवी शमशेर खान का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने की वजह से सड़क टूट जाती है और परेशानी क्षेत्रवासियाें एवं राहगीरों को उठानी पड़ती है। टूटी सड़क की वजह से धूल का गुब्बार से भी गंदगी फैल रही है।
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इस मार्ग पर हैं यह स्कूल
नानौता से गंगोह मार्ग पर गांव संगाठेड़ा में प्राइमरी स्कूल, महंगी में गुरुनानक इंटर कॉलेज, ग्राम टिकरौल में कन्या इंटर कालेज, आदर्श जूनियर हाईस्कूल, ग्राम लंढौरा में प्राथमिक विद्यालय, नानौता में गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थान भी हैं। इन दिनों कोरोना की वजह से स्कूल बंद है, लेकिन जब स्कूल खुलेंगे तो टूटी सड़क की वजह से छात्रों को भी मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
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हाईवे हुआ था घोषित, फिर भी सड़क का बुरा हाल
गंगोह से नानौता और देवबंद से मंगलौर तक 68 किलोमीटर मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित किया गया था, लेकिन सड़क की हालत बदतर है। छह माह पूर्व ही इस मार्ग को स्टेट हाईवे में शामिल किया गया है। यह मार्ग हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड को भी जोड़ता है।

------ वर्जन
सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है। नानौता-गंगोह मार्ग पर भी पैचिंग कार्य होगा। लोगों की परेशानी को जल्द दूर कर दिया जाएगा। पर्याप्त बजट न मिलने की वजह से विभाग के सामने दिक्कत आती है। -- अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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