{"_id":"614cc8f28ebc3efd1617a689","slug":"rising-gas-prices-ujjwala-scheme-is-not-working-saharanpur-news-mrt557578257","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस के बढ़ रहे दाम, उज्जवला योजना नहीं आ रही काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैस के बढ़ रहे दाम, उज्जवला योजना नहीं आ रही काम
विज्ञापन
चुल्हे पर रोटी बनाती उमाही की गरजाला
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई का प्रभाव उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर भी हो रहा है। एक महीने के भीतर ही गैस सिलिंडर का दाम 50 रुपये महंगा हो गया। यही वजह है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी गैस सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। जिसके चलते केंद्र सरकार की यह योजना महंगाई की मार से दम तोड़ती नजर आ रही है। लाभार्थी परिवार की महिलाओं को फिर से लकड़ी और उपले जलाकर ही चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
एक अगस्त को 850, एक सितंबर को 900 रुपये
गैस सिलिंडर भरवाने पर अब उपभोक्ताओं को प्रति सिलिंडर 900 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि एक अगस्त को दाम 850 रुपये था, जो 17 अगस्त को 875 रुपये हुआ और फिर एक सितंबर को 900 रुपये हो गया था।
गांव उमाही निवासी गरजाला पत्नी गुलफाम ने बताया कि सरकार ने मुफ्त में उज्जवला गैस सिलिंडर तो दे दिए लेकिन गैस के बढ़ते दामों के चलते मुश्किल हो रही है। सिलिंडर भरवाने पर अब 900 रुपये तक खर्च होते हैं, जो गरीब आदमी के पहुंच से दूर है। इसलिए कई माह से लकड़ी जलाकर चूल्हे पर ही रोटी बनाने को मजबूर है।
विज्ञापन
नागल निवासी शिक्षा पत्नी स्व राज्यपाल कश्यप का कहना है कि वह वृद्ध महिला है। तीन बेटे हैं लेकिन वह अलग रहकर मजदूरी कर अपना परिवार पालते है। ऐसे में उसे भी अपना पेट पालने को मजदूरी करनी पड़ रही है। इतनी मजदूरी नहीं मिल पाती कि वह गैस सिलिंडर भरवाकर रोटी बना सके।
तल्हेड़ी बुजुर्ग निवासी सुनील की पत्नी रंजीता ने बताया कि उन्हें उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिला था, लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते अब सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो रहा है। सरकार को रसोई गैस के दाम कम करने चाहिए।
तीतरो क्षेत्र के गांव फतेहचंदपुर निवासी बेबी पत्नी विजेंद्र का कहना है कि करीब दो माह पूर्व उज्जवला गैस कनेक्शन से मिले सिलिंडर की गैस खत्म हो गई थी। गैस की कीमत बढ़ने के बाद दोबारा से सिलिंडर को भरवाने की हिम्मत नहीं हो रही, जिस कारण उपले जलाकर चूल्हे पर ही परिवार के लिए भोजन बनाने को विवश है।
गंदेवड़ा की शफीकन ने बताया कि छह माह से वह उज्ज्वला के तहत मिले सिलिंडर को नहीं भरवा सकी है। सिलिंडर के दाम आसमान छु रहे हैं। ऐसे में उपले जलाकर चूल्हे पर ही खाना बनाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
एक अगस्त को 850, एक सितंबर को 900 रुपये
गैस सिलिंडर भरवाने पर अब उपभोक्ताओं को प्रति सिलिंडर 900 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि एक अगस्त को दाम 850 रुपये था, जो 17 अगस्त को 875 रुपये हुआ और फिर एक सितंबर को 900 रुपये हो गया था।
विज्ञापन
गांव उमाही निवासी गरजाला पत्नी गुलफाम ने बताया कि सरकार ने मुफ्त में उज्जवला गैस सिलिंडर तो दे दिए लेकिन गैस के बढ़ते दामों के चलते मुश्किल हो रही है। सिलिंडर भरवाने पर अब 900 रुपये तक खर्च होते हैं, जो गरीब आदमी के पहुंच से दूर है। इसलिए कई माह से लकड़ी जलाकर चूल्हे पर ही रोटी बनाने को मजबूर है।
विज्ञापन
नागल निवासी शिक्षा पत्नी स्व राज्यपाल कश्यप का कहना है कि वह वृद्ध महिला है। तीन बेटे हैं लेकिन वह अलग रहकर मजदूरी कर अपना परिवार पालते है। ऐसे में उसे भी अपना पेट पालने को मजदूरी करनी पड़ रही है। इतनी मजदूरी नहीं मिल पाती कि वह गैस सिलिंडर भरवाकर रोटी बना सके।
तल्हेड़ी बुजुर्ग निवासी सुनील की पत्नी रंजीता ने बताया कि उन्हें उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिला था, लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते अब सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो रहा है। सरकार को रसोई गैस के दाम कम करने चाहिए।
तीतरो क्षेत्र के गांव फतेहचंदपुर निवासी बेबी पत्नी विजेंद्र का कहना है कि करीब दो माह पूर्व उज्जवला गैस कनेक्शन से मिले सिलिंडर की गैस खत्म हो गई थी। गैस की कीमत बढ़ने के बाद दोबारा से सिलिंडर को भरवाने की हिम्मत नहीं हो रही, जिस कारण उपले जलाकर चूल्हे पर ही परिवार के लिए भोजन बनाने को विवश है।
गंदेवड़ा की शफीकन ने बताया कि छह माह से वह उज्ज्वला के तहत मिले सिलिंडर को नहीं भरवा सकी है। सिलिंडर के दाम आसमान छु रहे हैं। ऐसे में उपले जलाकर चूल्हे पर ही खाना बनाना पड़ रहा है।

चुल्हे पर खाना बनाती नागल की शिक्षा देवी- फोटो : SAHARANPUR

चुल्हे के पास बैठ खाली सिलेंडर दिखाती फतेहचंदपुर की बेबी- फोटो : SAHARANPUR