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चार हजार साल पुराने अवशेष मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर मनिहारान
Updated Sun, 19 Mar 2017 01:21 AM IST
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निरीक्षण करते डा. भुवन विक्रम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव सकतपुर में आगरा पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे उत्खनन में अब चार हजार वर्ष पुराने मिट्टी के अवशेष मिले हैं। शनिवार को आगरा से पहुंचे पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम सिंह ने उत्खनन स्थल का जायजा लिया और अवशेषों की जांच की। उन्होंने कहा कि उत्खनन का कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक मानव निर्मित अवशेष मिलते रहेंगे।
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव सकतपुर में वर्ष 2016 में नंदराम के खेत में ईंट पथाई के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मजदूरों को तांबे की कुल्हाड़ी, प्लेट नुमा आधा दर्जन धातु के टुकड़े व मृदभांड मिले थे।
सूचना पर पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच में उन्हें चार हजार वर्ष पूर्व के पाया था। इसके बाद इस 12 बीघा खेत को जिलाधिकारी के आदेश पर सीज कर दिया गया था। 22 फरवरी 2017 को आगरा मंडल की पुरातत्व विभाग की टीम गांव में पहुंची और पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम के नेतृत्व में उत्खनन कार्य शुरू किया।
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खुदाई के 24 दिन बाद करीब ढाई फीट नीचे पौराणिक बर्तनों के अवशेष मिलने की सूचना पर शनिवार को आगरा से पहुंचे पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम ने खुदाई में मिल रहे मिट्टी के बर्तनों के अवशेषों की जांच की। उन्होंने उन्हें चार हजार वर्ष पुराने बताए। कहा कि जांच की जाएगी कि चार हजार वर्ष पूर्व मानव किस प्रकार के बर्तनों का इस्तेमाल करते आए हैं और उन्हें बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार की रही होगी।
बर्तनों के बड़े बड़े अवशेष मिलने पर अब टीम की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। खुदाई के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मिट्टी के दबे अवशेषों को साबूत निकालने का प्रयास बड़ी सहजता से किया जा रहा है। जमीन के दबे अवशेषों का पानी का फव्वारा डालकर धोया जा रहा है। अर्खित प्रधान, लोचन सिंह, हिमांशु कुमार, शिखा आदि मौजूद रहे।
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रामपुर मनिहारान तहसील के गांव सकतपुर में वर्ष 2016 में नंदराम के खेत में ईंट पथाई के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मजदूरों को तांबे की कुल्हाड़ी, प्लेट नुमा आधा दर्जन धातु के टुकड़े व मृदभांड मिले थे।
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सूचना पर पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच में उन्हें चार हजार वर्ष पूर्व के पाया था। इसके बाद इस 12 बीघा खेत को जिलाधिकारी के आदेश पर सीज कर दिया गया था। 22 फरवरी 2017 को आगरा मंडल की पुरातत्व विभाग की टीम गांव में पहुंची और पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम के नेतृत्व में उत्खनन कार्य शुरू किया।
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खुदाई के 24 दिन बाद करीब ढाई फीट नीचे पौराणिक बर्तनों के अवशेष मिलने की सूचना पर शनिवार को आगरा से पहुंचे पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम ने खुदाई में मिल रहे मिट्टी के बर्तनों के अवशेषों की जांच की। उन्होंने उन्हें चार हजार वर्ष पुराने बताए। कहा कि जांच की जाएगी कि चार हजार वर्ष पूर्व मानव किस प्रकार के बर्तनों का इस्तेमाल करते आए हैं और उन्हें बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार की रही होगी।
बर्तनों के बड़े बड़े अवशेष मिलने पर अब टीम की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। खुदाई के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मिट्टी के दबे अवशेषों को साबूत निकालने का प्रयास बड़ी सहजता से किया जा रहा है। जमीन के दबे अवशेषों का पानी का फव्वारा डालकर धोया जा रहा है। अर्खित प्रधान, लोचन सिंह, हिमांशु कुमार, शिखा आदि मौजूद रहे।