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ग्राम पंचायत उग्राहू के कायाकल्प ने की मिसाल पेश
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प्राथमिक विद्यालय उग्राहू
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर/गागलहेड़ी। जिले में ब्लॉक पुवांरका की ग्राम पंचायत उग्राहू ने विकास की इबारत लिखी है। यह ग्राम पंचायत जहां प्रदेश में सबसे पहले खुले में शौच मुक्त हुई थी, वहीं गांव का सरकारी स्कूल भी किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है। इसके साथ ही गांव की प्रत्येक सड़क पक्की हैं और पथ प्रकाश के अलावा सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।
पिछले दस वर्षों में गांव के विकास में लगातार सुधार हुआ है। ऊग्राहू में पिछली पंच वर्षीय योजना में गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान राजबाला ने कई विकास कार्य कराए। इस गांव के दो मजरे हैं, उनमें भी रिकार्ड विकास कार्य हुए हैं। प्रदेश में सबसे पहली ग्राम पंचायत उग्राहू ही है, जो सबसे पहले खुले में शौच मुक्त हुई थी। इसके साथ ही गांव की प्रत्येक गली पक्की बनी है। सरकारी स्कूल की स्थापना कराई गई, जो किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है। इस स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय और ग्राम सचिवालय भी पूरी तरह विकसित हो चुका है। इसी वजह से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी पूर्व ग्राम प्रधान को सम्मान मिल चुका है। इसके साथ ही पानी की टंकी का निर्माण हुआ है। वर्तमान में दीपिका राणा गांव की प्रधान है। वह भी विकास कार्यों को इसी तरह रफ्तार दिए हुए हैं।
पूरे प्रदेश में हुई थी चर्चा
ग्राम पंचायत उग्राहू के विकास कार्यों की चर्चा पूरे प्रदेेश में हो चुुकी है। इस ग्राम पंचायत को दूसरे जिलों की ग्राम पंचायतों के लिए आदर्श के रूप में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
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मिल रही हर तरह की सुविधाएं
गांव के बबलू कुमार ने कहना है कि ग्राम पंचायत में सभी तरह की सुविधाएं सरकार की ओर से मिल रही है। चाहे वह राशन संबंधित और या फिर बेरोजगारी खत्म करने को मनरेगा योजना होग। इन सभी योजनाओं का अच्छे से संचालन हो रहा है। दिनेश कुमार ने बताया की इस गांव के दो मजरे हैं, जो गांव माजरी ओर भरतपुर गांव है। इन दोनों गांवों में भी पिछले दस वर्षों में सड़क, पानी, बिजली, सफाई आदि को लेकर अनेक कार्य हुए हैं।
जारी रहेंगे विकास कार्य : दीपिका
वर्तमान में उग्राहू की ग्राम प्रधान दीपिका राणा हैं, जो पहली बार प्रधान बनी हैं। बीए पास दीपिका राणा का कहना है कि गांव में पूर्व की भांति ही विकास कार्य जारी रहेंगे। ग्रामीणों की समस्या का समाधान और प्रत्येक व्यक्ति मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही उनकी प्राथमिकता है।
संघर्षों से भरा रहा पूर्व प्रधान का जीवन
गांव की पूर्व प्रधान राजबाला ने भी अनेक विकास कार्य कराए हैं। 59 वर्षीय राजबाला का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। 36 वर्ष की उम्र में ही उनके पति मदन का देहांत हो गया था। बच्चों की परवरिश करने के साथ राजबाला ग्राम प्रधान बनी और उन्होंने अपने कार्यकाल में विकास की इबारत लिखकर उग्राहू को पूरे प्रदेश में आदर्श गांव के रूप में प्रस्तुत किया।
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पिछले दस वर्षों में गांव के विकास में लगातार सुधार हुआ है। ऊग्राहू में पिछली पंच वर्षीय योजना में गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान राजबाला ने कई विकास कार्य कराए। इस गांव के दो मजरे हैं, उनमें भी रिकार्ड विकास कार्य हुए हैं। प्रदेश में सबसे पहली ग्राम पंचायत उग्राहू ही है, जो सबसे पहले खुले में शौच मुक्त हुई थी। इसके साथ ही गांव की प्रत्येक गली पक्की बनी है। सरकारी स्कूल की स्थापना कराई गई, जो किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं है। इस स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय और ग्राम सचिवालय भी पूरी तरह विकसित हो चुका है। इसी वजह से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी पूर्व ग्राम प्रधान को सम्मान मिल चुका है। इसके साथ ही पानी की टंकी का निर्माण हुआ है। वर्तमान में दीपिका राणा गांव की प्रधान है। वह भी विकास कार्यों को इसी तरह रफ्तार दिए हुए हैं।
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पूरे प्रदेश में हुई थी चर्चा
ग्राम पंचायत उग्राहू के विकास कार्यों की चर्चा पूरे प्रदेेश में हो चुुकी है। इस ग्राम पंचायत को दूसरे जिलों की ग्राम पंचायतों के लिए आदर्श के रूप में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
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मिल रही हर तरह की सुविधाएं
गांव के बबलू कुमार ने कहना है कि ग्राम पंचायत में सभी तरह की सुविधाएं सरकार की ओर से मिल रही है। चाहे वह राशन संबंधित और या फिर बेरोजगारी खत्म करने को मनरेगा योजना होग। इन सभी योजनाओं का अच्छे से संचालन हो रहा है। दिनेश कुमार ने बताया की इस गांव के दो मजरे हैं, जो गांव माजरी ओर भरतपुर गांव है। इन दोनों गांवों में भी पिछले दस वर्षों में सड़क, पानी, बिजली, सफाई आदि को लेकर अनेक कार्य हुए हैं।
जारी रहेंगे विकास कार्य : दीपिका
वर्तमान में उग्राहू की ग्राम प्रधान दीपिका राणा हैं, जो पहली बार प्रधान बनी हैं। बीए पास दीपिका राणा का कहना है कि गांव में पूर्व की भांति ही विकास कार्य जारी रहेंगे। ग्रामीणों की समस्या का समाधान और प्रत्येक व्यक्ति मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही उनकी प्राथमिकता है।
संघर्षों से भरा रहा पूर्व प्रधान का जीवन
गांव की पूर्व प्रधान राजबाला ने भी अनेक विकास कार्य कराए हैं। 59 वर्षीय राजबाला का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। 36 वर्ष की उम्र में ही उनके पति मदन का देहांत हो गया था। बच्चों की परवरिश करने के साथ राजबाला ग्राम प्रधान बनी और उन्होंने अपने कार्यकाल में विकास की इबारत लिखकर उग्राहू को पूरे प्रदेश में आदर्श गांव के रूप में प्रस्तुत किया।

दीपिका राणा ग्राम प्रधान- फोटो : SAHARANPUR

पूर्व प्रधान राजबाला- फोटो : SAHARANPUR