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टोडरपुर चीनी मिल बंदी से क्षेत्रीय किसानों में गुस्सा

Sun, 23 Feb 2020 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 01:00 AM IST
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Regional farmers angry due to Todarpur sugar mill closure
साढौली कदीम(सहारनपुर)। पिछले पांच साल से मिल बंदी के चलते क्षेत्र का गन्ना किसान लगातार कर्ज का शिकार होता जा रहा है। किसानों का मानना है कि मिल बंदी के बाद से मजबूरन उन्हें कोल्हू में औने पौने दामों पर अपना गन्ना लुटाना पड़ रहा है। इससे फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति गुस्सा है।
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यमुना खादर के पिछडे़ क्षेत्र के गांव टोडरपुर में 1992-93 में शाकंभरी शुगर मिल की स्थापना की। इसके बाद गन्ना किसानों को फसल का उचित मूल्य भी समय पर मिलने लगा। किसान सतीश शर्मा, बिरम पाल काम्बोज, बुद्ध सिंह, इंद्राज सिंह, योगेंद्र सिंह, ब्रिजेश काम्बोज, चमेल सिंह सैनी, चौ. राम पाल सिंह, विश्वास चौधरी लंबरदार, सुंदर लाल कश्यप, विनोद राणा, ओमी पंवार, चौ. ताहिर, हाजी मुकर्रम, आमिर चौहान आदि ने कहा अचानक 2014 में मिल प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर मिल को अवैध रूप से बीमार दर्शाकर बंद कर दिया। तब से क्षेत्र का गन्ना किसान लगातार कर्ज के बोझ का शिकार होता जा रहा है।
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विगत वर्ष मिल चलाने की मांग को क्षेत्र के 356 गांवों के गन्ना किसान लंबे समय तक आंदोलनरत रहे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर गत वर्ष मिल चालू कराने की घोषणा की। इस दौरान टोडरपुर एग्रो नामक एक अन्यत्र कंपनी द्वारा कर्मचारी लगाकर मिल का मरम्मत कार्य भी पूर्ण करा दिया। इसके बाद भी मिल नहीं चली।
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किसानों ने कहा आगामी विधान सभा चुनाव के दौरान मिल बंदी से प्रभावित क्षेत्र के 356 गांवों के किसान चुनाव का बहिष्कार करेंगे तथा किसी भी राजनीतिक दल के नुमाइंदे को गांवों में घुसने नहीं देंगे।
मिल बंदी से क्षेत्र का विकास ठप हो गया है। उन्होंने विधान सभा में भी पटल पर बंद चीनी मिल को चलाने का प्रश्न उठाया। किसान हित एवं क्षेत्र के विकास के लिए मिल को चालू कराया जाना आवश्यक है। - नरेश सैनी क्षेत्रीय विधायक
किसान हित में संसद में समय से गन्ना भुगतान व टोडरपुर की बंद चीनी मिल को चलाने का प्रश्न प्रमुखता से उठाया, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। आगे भी उक्त समस्या को पटल पर रखा जाएगा। -हाजी फजलूर्रहमान सदस्य लोकसभा

विगत वर्ष एक अन्य कंपनी ने मिल चालू कराने के लिए मिल मरम्मत सहित अधिकतर तैयारी पूर्ण कर ली, लेकिन किन्ही तकनीकी कारणों के चलते मिल चालू नहीं हो पायी। - कृष्ण मोहन मनी त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी, सहारनपुर
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