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Saharanpur News: जनपद में गन्ने की फसल में बढ़ा रेडरॉट का प्रकोप

Sun, 17 Sep 2023 10:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Sep 2023 10:49 PM IST
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Redrot outbreak increased in sugarcane crop in the district
रेडरॉट से प्रभावित गन्ने को देखते जिला गन्ना अ​धिकारी व अन्य
सहारनपुर। जनपद में गन्ने की फसल में रेडरॉट रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। गन्ने का कैंसर माने जाने वाला यह रोग फसल को भारी नुकसान पहुंचता है। कृषि वैज्ञानिकों से लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों को इसके बारे में जागरुक कर रहे हैं। रोग के बढ़ने से गन्ने की पूरी फसल नष्ट हो जाती है। जनपद में अभी तक इस रोग का प्रकोप 25 हेक्टेयर गन्ने की फसल में चिन्हित हुआ है।
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गन्ने का रेडरॉट मृदा एवं बीज जनित रोग हैं। गन्ने के रेडरॉट रोग प्रभावित फसल की तीसरी चौथी पत्तियां पीला पड़ने लगतीं हैं। प्रभावित गन्ने की पोरी काटने पर अंदर का हिस्सा लाल रंग का दिखाई देता है। जिसमें बीच बीच में सफेद धब्बे रहते हैं। प्रभावित गन्ने काे काटने पर उसमें से एल्कोहल जैसी गंध आती है। गन्ने की को-0238 प्रजाति में इस रोग का प्रकोप अधिक दिखाई दे रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि इस रोग पर अंकुश लगाने के लिए ट्राइकोडर्मा से भूमि का उपचार करना चाहिए। गन्ने की बुवाई करते समय इसके दो आंखों वाले बीज को एमएचएटी प्लांट से उपचारित करा लें। इस रोग से प्रभावित खेत की मिट्टी और पानी दूसरे खेत में नहीं आने दिया जाए। ऐसा होने पर इसका प्रकोप दूसरे खेत में भी बढ़ने की आशंका रहती है। प्रभावित खेत की गर्मी में जुताई करने से इस रोग के विषाणु नष्ट हो जाते हैं। खड़ी फसल में रोग प्रभावित पौधों को जड़ सहित खेत से निकालकर जला दें और जिस स्थान से रोगी पौधा उखाड़ा गया हैए वहां पर पानी मिलाकर पांच ग्राम ब्लींचिंग पाउडर को डाल दें। इस रोग से बचाव के लिए पंचवर्षीय फसल चक्र और रोगरोधी प्रजातियों की बुवाई करना मुफीद रहता है।
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- गन्ने की फसल में रेड रॉट रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है। जनपद में अभी तक रेडरॉट से प्रभावित 25 हेक्टेयर गन्ना फसल चिह्नित हुई है। इसका सबसे अधिक प्रकोप गन्ने की को-0238 प्रजाति में दिखाई दे रहा है। इससे बचाव के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। प्रजाति बदलाव इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
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