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Saharanpur News: खेतों में भरा बारिश का पानी, सब्जी की फसल हुई बरबाद
Sun, 25 May 2025 11:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 25 May 2025 11:25 PM IST
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छुटमलपुर के गांव दतौली मुगल में सब्जी की फसल में भरा पानी। श्रोत किसान
छुटमलपुर। सुबह के वक्त हुई तेज बारिश से सब्जी उत्पादक किसानों को खासा नुकसान हुआ है। निचले खेतों में पानी भरने से लौकी, कद्दू, भिंडी, खीरे आदि की फसलें जलमग्न हो गई है। इन फसलों में करीब दो फीट तक पानी भरा है जिसके खेतों से निकलने की दो चार दिन कोई उम्मीद नहीं है।
गांव दतौली मुगल निवासी सब्जी उत्पादक किसान नौशाद ने बताया कि उसने साढ़े तीन बीघा लौकी, दस बीघा कद्दू और ढाई बीघा भिंडी की फसल लगा रखी है। एक सप्ताह पहले ही सब्जियों की तोड़ शुरू हुई लेकिन रात की बारिश से इन फसलों के लिए लगाए गए जाल खेतों में पानी भरने से नीचे गिर गए। लगातार पानी भरा रहने से बेलों की जड़ें भी गल जाएगी। किसान का कहना है कि उसका करीब साठ हजार रुपये खर्च इन फसलों को तैयार करने पर आया था। खेत निचाई में होने के कारण पानी निकलने की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में उसकी फसल नहीं बच पाएगी।
गांव के आरिफ ने बताया कि उसने चार बीघा खीरा लगाया था जिसमें बीस हजार रुपये की लागत आई थी। खीरे की दो ही तोड़ की थी कि बारिश ने सब चौपट कर दिया है। अब तो लागत भी निकलती नहीं दिख रही है। किसानों का कहना है कि उनके खेत निचाई में है जिस कारण इनकी पानी निकासी भी नहीं है। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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गांव दतौली मुगल निवासी सब्जी उत्पादक किसान नौशाद ने बताया कि उसने साढ़े तीन बीघा लौकी, दस बीघा कद्दू और ढाई बीघा भिंडी की फसल लगा रखी है। एक सप्ताह पहले ही सब्जियों की तोड़ शुरू हुई लेकिन रात की बारिश से इन फसलों के लिए लगाए गए जाल खेतों में पानी भरने से नीचे गिर गए। लगातार पानी भरा रहने से बेलों की जड़ें भी गल जाएगी। किसान का कहना है कि उसका करीब साठ हजार रुपये खर्च इन फसलों को तैयार करने पर आया था। खेत निचाई में होने के कारण पानी निकलने की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में उसकी फसल नहीं बच पाएगी।
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गांव के आरिफ ने बताया कि उसने चार बीघा खीरा लगाया था जिसमें बीस हजार रुपये की लागत आई थी। खीरे की दो ही तोड़ की थी कि बारिश ने सब चौपट कर दिया है। अब तो लागत भी निकलती नहीं दिख रही है। किसानों का कहना है कि उनके खेत निचाई में है जिस कारण इनकी पानी निकासी भी नहीं है। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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