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मेडिकल स्टोर पर छापा, नशीली और दिल्ली की प्रतिबंधित दवाएं बरामद

Fri, 14 Feb 2020 10:06 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 10:06 PM IST
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मेडिकल स्टोर पर छापा, नशीली और दिल्ली की प्रतिबंधित दवाएं बरामद
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सहारनपुर। ड्रग विभाग सहारनपुर की टीम ने एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर नशीली दवाओं के साथ ही दिल्ली सरकार की दवाएं पकड़ी हैं। दिल्ली सरकार की दवाएं जिले के मेडिकल स्टोर तक पहुंचने से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। हैरानी की बात ये है कि जो दवाएं मिली हैं, उनमें अधिकांश इसी फरवरी माह में एक्सपायर होने वाली थीं। मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। अवैध दवाओं के इस काले खेल के पीछे पूरा रैकेट होने की आशंका है।
औषधि निरीक्षक संदीप चौधरी ने शुक्रवार को विभागीय कर्मचारियों और देहात कोतवाली पुलिस के साथ चिलकाना रोड स्थित बस अड्डे के पास मैसर्स एएमएस मेडिसिन एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान दुकान के भीतर भारी मात्रा में नार्कोटिक्स ड्रग्स ट्रैमडोल की दस हजार टैबलेट, 400 कैप्सूल, 300 इंजेक्शन और दिल्ली सरकार की ‘नॉट फोर सेल’ लिखी दवाओं के 400 कैप्सूल बरामद किए गए। पकड़ी गईं दवाओं की कीमत 50 हजार रुपये आंकी गई है। भारी मात्रा में शॉर्ट एक्सपायरी दवाएं भी पकड़ी गईं। इन दवाओं की खरीद और बिक्री का कोई रिकॉर्ड मेडिसिन एजेंसी पर नहीं मिला। नार्कोटिक्स ड्रग्स ट्रैमडोल में से नौ प्रकार की संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच को लिए गए हैं। सभी दवाओं को जब्त कर संबंधित धाराओं में मेडिसिन एजेंसी संचालक मोहम्मद अजमल पुत्र मुख्तार अहमद के खिलाफ देेहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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लोगों की जिंदगी से खिलवाड़
मेडिसिन एजेंसी पर मिलीं 50 फीसदी से अधिक दवाएं इसी माह एक्सपायर हो रही हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि आम तौर पर मेडिकल स्टोर संचालक एक्सपायर हो चुकी दवाओं को पत्तों से निकालकर डिब्बियों में रख लेते हैं। इसके बाद इन दवाओं को या तो देहात के झोलाछाप को बेच देते हैं या फिर खुद ही आने वाले मरीजों को बेचते रहते हैं।
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बिना पर्चे के नहीं दे सकते दवा
मेडिसिन एजेंसी पर पकड़ी गई नार्कोटिक्स ड्रग्स ट्रैमडोल का इस्तेमाल लोग नशा करने के लिए करते हैं। मेडिसिन एजेंसी और मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश हैं कि वे बिना डॉक्टर के लिखे पर्चे के किसी भी व्यक्ति को उक्त दवा नहीं देंगे। मगर ये दवाएं बिना पर्चे के ही बेचते हैं।
दवाओं का काला कारोबार
दवाओं के काले कारोबार की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर दवाओं का खेल उजागर होता रहा है। करीब पांच वर्ष पहले बेहट रोड स्थित गांव पिंकी के पास एक खेत से कई क्विंटल दवाएं पकड़ी गई थीं। एक व्यक्ति ने उक्त दवाएं खेत में करीब 15 फुट नीचे दबाकर रखी थीं, जिन्हें ड्रग विभाग ने जेसीबी से खुदवाकर निकलवाया था। सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की थीं। आरोप था कि दवाओं की डेट बदलकर नई डेट डालकर बाजार में बेचा जाता था।
नशीली दवाओं का अवैध कारोबार
सहारनपुर में हरियाणा से सटे नकुड़, चिलकाना, गंगोह आदि क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों पर कई बार नशीली दवाएं पकड़ी गई हैं। यही वजह है कि ड्रग विभाग समय-समय पर छापा मारता रहा है। वर्तमान में भी नशीली दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश डीएम द्वारा ड्रग विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।

वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देश पर नशीली दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर हमने शुक्रवार को चिलकाना रोड स्थित बस अड्डे के पास एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित दवा के साथ ही दिल्ली की सरकारी दवाएं पकड़ी हैं। मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। खास तौर से दिल्ली की दवाएं पकड़ा जाना गंभीर मामला है। इस खेल के पीछे पूरा रैकेट है, जिसकी जांच की जा रही है।
- संदीप चौधरी, औषधि निरीक्षक
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