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Saharanpur News: गंगासागर से कासिम और मन्नी से बन गया इस्तकार ढाबा

Sat, 20 Jul 2024 05:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 20 Jul 2024 05:23 AM IST
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Qasim from Gangasagar and Manni became Istakar Dhaba
सहारनपुर। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल और ढाबों पर मालिक का नाम लिखने के आदेशों का असर दिखाई देने लगा है। इन आदेशों पर कितना अमल हुआ इसे लेकर कांवड़ मार्ग की पड़ताल की गई। इस दौरान सामने आया कि मक्काबांस गांव में गंगासागर से नाम बदलकर कासिम ढाबा और कुम्हारहेड़ा गांव में मन्नी से इस्तकार ढाबा नाम हो गया। कुछ होटल और ढाबा संचालक नाम बदलने की तैयारी में है।
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दरअसल, कांवड़ यात्रा को लेकर आदेश जारी किए गए हैं कि जो भी होटल या ढाबा कांवड़ रूट पर पड़ेगा उस पर रेट लिस्ट और मालिक का नाम लिखा होना अनिवार्य है। सहारनपुर रेंज के डीआइजी अजय साहनी ने भी बृहस्पतिवार को इस पर निर्देश जारी कर दिए थे। शुक्रवार को पड़ताल के दौरान पाया कि गागलहेड़ी क्षेत्र की काली नदी से शुरू होने वाले कांवड़ यात्रा मार्ग से नौगजा पीर तक ढाबा संचालकों ने अपने नाम के साथ बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं। सहारनपुर से शाहजहांपुर तक कांवड़ यात्रा मार्ग पर अधिकतर होटल ढाबा संचालकों ने रेट लिस्ट चस्पा कर दी है, साथ ही होटल के नाम के साथ संचालक का नाम लिखवाना भी शुरू कर दिया है।
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नागल क्षेत्र में नहीं दिखा आदेश का असर

नागल क्षेत्र में मुजफ्फरनगर गागलहेड़ी स्टेट हाईवे पर करीब 10 ढाबे हैं, जिन पर अभी तक रेट लिस्ट चस्पा नहीं हुई है न ही किसी ने संचालक के नाम वाला बोर्ड ढाबे पर लगाया है। तल्हेड़ी क्षेत्र में अभी तक बोर्ड नहीं बदले गए हैं। यहां आधा दर्जन ढाबे हैं। हालांकि संचालकों का कहना है कि उन्होंने नए बोर्ड बनने दिए हैं, जिस पर नाम लिखवा रहे हैं।
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यह बोले होटल व ढाबा संचालक :


मन पाक साफ, नए आदेश से होगा अलगाव पैदा
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरसावा में ए-वन होटल के संचालक रिजवान ने बताया कि उनका मन पाक साफ है। रविदास आश्रम के बाहर उनका होटल बना है। उनके होटल पर सभी धर्म के लोग आकर भोजन करते हैं। हालांकि इस तरह के आदेश से भाईचारा नहीं, बल्कि अलगाव पैदा होगा।

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बदल दिया नाम, नहीं कोई दिक्कत
- गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कुम्हारहेड़ा स्थित ढाबे के संचालक इस्तकार का कहना है कि शासन का जो भी निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने अपने ढाबे का नाम मन्नी ढाबा से बदलकर इस्तकार ढाबा कर दिया है। इसमें कोई दिक्कत भी नहीं है।
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आदेशों का होगा पालन
- मक्काबांस में कासिम ढाबे के मालिक सलमान का कहना है कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने मीटिंग में निर्देश दिए थे। शासन-प्रशासन के आदेशों का पालन किया जाएगा।

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निर्देशों से नहीं है कोई आपत्ति
- सरसावा में मुरथल पंजाबी रसोई ढाबे के संचालक अरुण चौधरी ने बताया कि उन्हें शासन प्रशासन के नए आदेश से कोई आपत्ति नहीं है। उनके होटल का नाम पहले ही साफ अक्षरों में लिखा है। उस पर शाकाहारी का बोर्ड भी लगा हुआ है। वह अपना नाम लिखकर लगा देंगे इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
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