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शराब के खिलाफ पर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर मनिहारान
Updated Wed, 03 Aug 2016 01:40 AM IST
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शराब की कसीदगी के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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क्षेत्र के गांव जानखेडा में कच्ची शराब कसीदगी एवं इस अवैध धंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को सैकड़ों महिला पुरुषों ने तहसील दिवस में पहुंच प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि गांव में कच्ची शराब बेचने का धंधा किया जा रहा है और पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।
थाना क्षेत्र का गांव जानखेड़ा कच्ची शराब को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहा है। तहसील दिवस में कई ट्रैक्टर-ट्रॉली में ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील पर पहुंचे जहां उन्होंने हंगामा किया। अंबेडकर सुधार समिति के अध्यक्ष कर्म सिंह के नेतृत्व में आई ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि गांव में कुछ दबंग लोग कच्ची शराब के धंधा को बेखौफ होकर कर रहे हैं।
कई बार पुलिस को इसकी सूचना दी गई परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गांव व आसपास के डेरों में शराब की कसीदगी का अवैध व्यापार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब, भांग, गांजा व अन्य नशीले पदार्थ भी गांव में बेचे जा रहे हैं जिससे छोटे बच्चे की इस नशे की चपेट में आ रहे हैं। बाद में ग्रामीण थाने पर पहुंचे और थानाध्यक्ष से मिले।
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जब ग्रामीणों ने पुलिस को इस धंधे पर रोक लगाने की मांग की तो आरोप है कि थानाध्यक्ष का जवाब था कि वह एक दो बोतल को पकड़ने के लिए नहीं बैठे हैं जिससे ग्रामीण खफा हो गए।
ग्रामीणों का कहना था कि थानाध्यक्ष की कार्यशैली से लगता है कि वह शराब माफिया के साथ मिले हुए हैं। इस मौके पर बबीता, रेखा, सलेलता, सविता, संदीपा, उषा, रेशम, प्रमीला, शिमला, नगीनी, इंद्रपाल, सौराज, राजेश, मांगेराम आदि रहे। हालांकि एसओ का कहना था कि लगातार शराब माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
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थाना क्षेत्र का गांव जानखेड़ा कच्ची शराब को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहा है। तहसील दिवस में कई ट्रैक्टर-ट्रॉली में ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील पर पहुंचे जहां उन्होंने हंगामा किया। अंबेडकर सुधार समिति के अध्यक्ष कर्म सिंह के नेतृत्व में आई ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि गांव में कुछ दबंग लोग कच्ची शराब के धंधा को बेखौफ होकर कर रहे हैं।
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कई बार पुलिस को इसकी सूचना दी गई परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गांव व आसपास के डेरों में शराब की कसीदगी का अवैध व्यापार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब, भांग, गांजा व अन्य नशीले पदार्थ भी गांव में बेचे जा रहे हैं जिससे छोटे बच्चे की इस नशे की चपेट में आ रहे हैं। बाद में ग्रामीण थाने पर पहुंचे और थानाध्यक्ष से मिले।
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जब ग्रामीणों ने पुलिस को इस धंधे पर रोक लगाने की मांग की तो आरोप है कि थानाध्यक्ष का जवाब था कि वह एक दो बोतल को पकड़ने के लिए नहीं बैठे हैं जिससे ग्रामीण खफा हो गए।
ग्रामीणों का कहना था कि थानाध्यक्ष की कार्यशैली से लगता है कि वह शराब माफिया के साथ मिले हुए हैं। इस मौके पर बबीता, रेखा, सलेलता, सविता, संदीपा, उषा, रेशम, प्रमीला, शिमला, नगीनी, इंद्रपाल, सौराज, राजेश, मांगेराम आदि रहे। हालांकि एसओ का कहना था कि लगातार शराब माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।