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जनपद में प्रोसेस किए जा सकेंगे उन्नतशील बीज
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सहारनपुर। किसानों की आय बढाने की कवायद में जुटा कृषि विभाग स्थानीय स्तर पर उन्नतशील बीज उपलब्ध कराने पर फोकस कर रहा है। जिससे शोध संस्थानों द्वारा निकाली जाने वाली फसलों की नई प्रजातियों का बीज जल्द से जल्द स्थानीय किसानों को उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए फारमर्स प्रोडयूसर ऑर्गेनाईजेशन (एफपीओ) को सीड प्लांट लगाने के लिए 60 लाख रुपये का अनुदान देने की योजना है।
शोध संस्थानों द्वारा तैयार की गई विभिन्न फसलों की नई प्रजातियों के बीज को किसानों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। निजी क्षेत्र की कंपनियां उन्नतशील प्रजातियों के बीजों को बाजार में जल्द ले आती हैं। जिससे किसानों को उन्नतशील प्रजातियों के बीजों को मजबूरन मंहगे भाव में खरीदना पड़ता है। किसानों को सस्ती दरों पर उच्च गुणवत्तायुक्त नई प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन और प्रोसेसिंग कराने पर फोकस किया जा रहा है।
उन्नतशील प्रजातियों के बीज को मिलेगा बढ़ावा
कृषक उत्पादक संगठन अपने सदस्यों के खेतों में शोध संस्थानों से निकाली गई नई प्रजातियों और उन्नतशील बीजों की बुवाई कराएगा। वहां से प्राप्त उच्च गुणवत्तायुक्त बीज को प्रोसेसिंग प्लांट में प्रोसेस करके किसानों को मुहैया कराया जाएगा। जिससे कम समय में नया बीज किसानों तक पहुंच सकेगा। इससे फसलों की उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि हो सकेगी।
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वर्जन --
एफपीओ को ही मिलेगा अनुदान
सीड प्लांट लगाने के लिए कृषक उत्पादक संगठन को कम से कम दो वर्ष पुराना होना चाहिए। प्लांट लगाने के लिए एफपीओ के पास जमीन अपनी या लीज पर होनी चाहिए। अनुदान प्रोसेसिंग प्लांट मशीनरी और शेड के लिए दिया जाएगा। एफपीओ के कम से कम 250 सदस्य होने चाहिए। साथ ही एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर दस लाख और एक लाख रुपये का लाभ होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाला कृषक उत्पादक संगठन ही साठ लाख रुपये के अनुदान का पात्र होगा। इसके लिए एफपीओ को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।
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शोध संस्थानों द्वारा तैयार की गई विभिन्न फसलों की नई प्रजातियों के बीज को किसानों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। निजी क्षेत्र की कंपनियां उन्नतशील प्रजातियों के बीजों को बाजार में जल्द ले आती हैं। जिससे किसानों को उन्नतशील प्रजातियों के बीजों को मजबूरन मंहगे भाव में खरीदना पड़ता है। किसानों को सस्ती दरों पर उच्च गुणवत्तायुक्त नई प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन और प्रोसेसिंग कराने पर फोकस किया जा रहा है।
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उन्नतशील प्रजातियों के बीज को मिलेगा बढ़ावा
कृषक उत्पादक संगठन अपने सदस्यों के खेतों में शोध संस्थानों से निकाली गई नई प्रजातियों और उन्नतशील बीजों की बुवाई कराएगा। वहां से प्राप्त उच्च गुणवत्तायुक्त बीज को प्रोसेसिंग प्लांट में प्रोसेस करके किसानों को मुहैया कराया जाएगा। जिससे कम समय में नया बीज किसानों तक पहुंच सकेगा। इससे फसलों की उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि हो सकेगी।
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एफपीओ को ही मिलेगा अनुदान
सीड प्लांट लगाने के लिए कृषक उत्पादक संगठन को कम से कम दो वर्ष पुराना होना चाहिए। प्लांट लगाने के लिए एफपीओ के पास जमीन अपनी या लीज पर होनी चाहिए। अनुदान प्रोसेसिंग प्लांट मशीनरी और शेड के लिए दिया जाएगा। एफपीओ के कम से कम 250 सदस्य होने चाहिए। साथ ही एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर दस लाख और एक लाख रुपये का लाभ होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाला कृषक उत्पादक संगठन ही साठ लाख रुपये के अनुदान का पात्र होगा। इसके लिए एफपीओ को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।