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प्रोबेशन अधिकारी बोले, नौकरी से हटा दिया था अभिषेक को
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प्रोबेशन अधिकारी बोले, नौकरी से हटा दिया था अभिषेक को
सहारनपुर। नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये ठगने के मामले में कोर्ट ने अभिषेक नामक युवक और प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अभिषेक के खिलाफ पूर्व में ऐसी कई शिकायतें विभाग को मिली थीं, जिस वजह से उसे डेढ़ साल पहले भी हटा दिया गया था।
कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेडा निवासी सुशील कुमार ने 14 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था, जिसमें आरोप लगाया था कि कलेक्ट्रेट में काम करने वाले अभिषेक ने उसके भाई अनिल की नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये लिए थे। उसके बाद नियुक्ति पत्र देकर अनिल को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। आरोप लगाया था कि इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी की भी मिलीभगत रही है। कोर्ट ने अभिषेक और जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र के खिलाफ (156) 3 में कोतवाली सदर बाजार पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने आदेश दिए थे। पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि पेपर मिल रोड निवासी अभिषेक काउंसलर के रूप में कार्यालय में तैनात था, जिसे डेढ़ वर्ष पूर्व हटा दिया गया था। क्योंकि, अभिषेक के खिलाफ इसी तरह की कई शिकायतें मिली थीं। पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं। वहीं, एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि मामले को दिखवा रहे हैं।
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सहारनपुर। नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये ठगने के मामले में कोर्ट ने अभिषेक नामक युवक और प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अभिषेक के खिलाफ पूर्व में ऐसी कई शिकायतें विभाग को मिली थीं, जिस वजह से उसे डेढ़ साल पहले भी हटा दिया गया था।
कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेडा निवासी सुशील कुमार ने 14 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था, जिसमें आरोप लगाया था कि कलेक्ट्रेट में काम करने वाले अभिषेक ने उसके भाई अनिल की नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये लिए थे। उसके बाद नियुक्ति पत्र देकर अनिल को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। आरोप लगाया था कि इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी की भी मिलीभगत रही है। कोर्ट ने अभिषेक और जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र के खिलाफ (156) 3 में कोतवाली सदर बाजार पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने आदेश दिए थे। पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि पेपर मिल रोड निवासी अभिषेक काउंसलर के रूप में कार्यालय में तैनात था, जिसे डेढ़ वर्ष पूर्व हटा दिया गया था। क्योंकि, अभिषेक के खिलाफ इसी तरह की कई शिकायतें मिली थीं। पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं। वहीं, एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि मामले को दिखवा रहे हैं।
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