{"_id":"63fa514a8a9a9b19820786d5","slug":"prisoner-absconded-on-charges-of-recruitment-fraud-in-delhi-aiims-saharanpur-news-c-14-1-133284-2023-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: दिल्ली एम्स में भर्ती ठगी के आरोप का बंदी फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: दिल्ली एम्स में भर्ती ठगी के आरोप का बंदी फरार
Sat, 25 Feb 2023 11:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 25 Feb 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। दिल्ली एम्स में भर्ती सहारनपुर का बंदी सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया, जबकि पीएसी के जवान के खिलाफ कार्रवाई को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने नौ फरवरी को धोखाधड़ी के मामले में जनपद बागपत के कस्बा टीकरी की पट्टीमैन निवासी अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अरुण शर्मा तभी से जेल में बंद था। 21 फरवरी को एक मामले में अरुण शर्मा की उत्तराखंड़ के जनपद हरिद्वार की अदालत में पेशी थी। पुलिसकर्मियों के साथ अरुण जब वापस लौट रहा था, तो रास्ते में उसे उल्टी आनी शुरू हो गई। इसकी जानकारी संबंधित पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दूबे को दी। इसके बाद जिला कारागार के अस्पताल में अरुण को भर्ती कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे जिला अस्पताल और यहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी रेफर किया गया। मगर, तबियत ठीक न होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया।
बृहस्पतिवार को बंदी रक्षक आदित्य सोम और पीएसी का जवान विवेक कौशिक ने अरुण शर्मा को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया। जहां से वह शनिवार की दोपहर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इसका पता लगते ही वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक आदित्य सोम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विवेक कौशिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएसी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दूबे ने बताया कि एम्स में भर्ती बंदी अरुण फरार हुआ है। लापरवाही बरतने पर बंदी रक्षक को निलंबित किया है। पीएसी के जवान के खिलाफ कार्रवाई को उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
इनसेट...........
पहले भी फरार हो चुके हैं बंदी
सहारनपुर। जनपद में पहले भी कई बार बंदी फरार हो चुके हैं। न्यू भगत सिंह कालोनी में वर्ष 2011 में सहगल परिवार हत्याकांड का आरोपी जोधन मध्य प्रदेश के भोपाल में पेशी पर ले जाते समय राजगढ़ के ब्यावर क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। दो वर्ष पूर्व अलग-अलग मामलों में जेल गए आरोपी सदर हवालात की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इसके कुछ दिन बाद ही चार बंदी पुलिस के वाहन की जाली काटकर भाग गए थे। इसी तरह थाना जनकपुरी पुलिस द्वारा पकड़ा चोरी का आरोपी भी अदालत से जेल जाते समय थाना जनकपुरी क्षेत्र में रिमाउंड डिपो के पास से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कुछ दिन बाद ही पकड़ लिया था।
विज्ञापन
कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने नौ फरवरी को धोखाधड़ी के मामले में जनपद बागपत के कस्बा टीकरी की पट्टीमैन निवासी अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अरुण शर्मा तभी से जेल में बंद था। 21 फरवरी को एक मामले में अरुण शर्मा की उत्तराखंड़ के जनपद हरिद्वार की अदालत में पेशी थी। पुलिसकर्मियों के साथ अरुण जब वापस लौट रहा था, तो रास्ते में उसे उल्टी आनी शुरू हो गई। इसकी जानकारी संबंधित पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दूबे को दी। इसके बाद जिला कारागार के अस्पताल में अरुण को भर्ती कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे जिला अस्पताल और यहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी रेफर किया गया। मगर, तबियत ठीक न होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को बंदी रक्षक आदित्य सोम और पीएसी का जवान विवेक कौशिक ने अरुण शर्मा को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया। जहां से वह शनिवार की दोपहर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इसका पता लगते ही वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक आदित्य सोम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विवेक कौशिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएसी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दूबे ने बताया कि एम्स में भर्ती बंदी अरुण फरार हुआ है। लापरवाही बरतने पर बंदी रक्षक को निलंबित किया है। पीएसी के जवान के खिलाफ कार्रवाई को उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
इनसेट...........
पहले भी फरार हो चुके हैं बंदी
सहारनपुर। जनपद में पहले भी कई बार बंदी फरार हो चुके हैं। न्यू भगत सिंह कालोनी में वर्ष 2011 में सहगल परिवार हत्याकांड का आरोपी जोधन मध्य प्रदेश के भोपाल में पेशी पर ले जाते समय राजगढ़ के ब्यावर क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। दो वर्ष पूर्व अलग-अलग मामलों में जेल गए आरोपी सदर हवालात की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इसके कुछ दिन बाद ही चार बंदी पुलिस के वाहन की जाली काटकर भाग गए थे। इसी तरह थाना जनकपुरी पुलिस द्वारा पकड़ा चोरी का आरोपी भी अदालत से जेल जाते समय थाना जनकपुरी क्षेत्र में रिमाउंड डिपो के पास से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कुछ दिन बाद ही पकड़ लिया था।