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प्राचार्य ने लिया मेडिकल कालेज में कोरोना संक्रमण रोकने की तैयारियों का जायजा
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प्राचार्य ने लिया मेडिकल कालेज में कोरोना संक्रमण रोकने की तैयारियों का जायजा
सरसावा (सहारनपुर)। कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप को रोकने तथा प्रभावित लोगों को बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज में संचालित अस्पताल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार को प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी मेडिकल कॉलेज में संचालित अस्पताल में पहुंचे तथा कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप ओमिक्रोन के संभावित हमले से बचाव के लिए नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। सर्वप्रथम ऑक्सीजन के उत्पादन, मशीनों के संचालन तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच की गई। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव का विशेष प्रशिक्षण लेने वालों से भी सवाल-जवाब किए गए। इसके उपरांत दवाओं की उपलब्धता, वेंटिलेटर की क्रियाशीलता तथा वेंटिलेटर को संचालित करने वाले कर्मियों की कुशलता को परखा। इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि संभावित रूप से यदि कोरोना संक्रमित आता है तो उसको इमरजेंसी वार्ड में बनाए गए विशेष वार्ड में लाने तथा वहां से कोरोना वार्ड में शिफ्ट करने में कम से कम समय लगे, जिससे मरीज को तत्काल इलाज दिया जा सके। तदुपरांत बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाए गए 110 बेड के पीडियाट्रिक केयर यूनिट (पीकू) वार्ड का गहनता से निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को जांचा गया।
प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि पूर्व की भांति कोरोना से बचाव के लिए 300 बेड का अस्पताल पूरी तरह तैयार है। अभी सामान्य मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है, यदि कोरोना संक्रमण काबू से बाहर होता है तो स्थिति के अनुसार वार्डों को परिवर्तित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान लिफ्ट खराब पाई गई, जिसको सही करने के लिए आपूर्ति कंपनी को पत्र लिखकर तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
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सरसावा (सहारनपुर)। कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप को रोकने तथा प्रभावित लोगों को बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज में संचालित अस्पताल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार को प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी मेडिकल कॉलेज में संचालित अस्पताल में पहुंचे तथा कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप ओमिक्रोन के संभावित हमले से बचाव के लिए नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। सर्वप्रथम ऑक्सीजन के उत्पादन, मशीनों के संचालन तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच की गई। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव का विशेष प्रशिक्षण लेने वालों से भी सवाल-जवाब किए गए। इसके उपरांत दवाओं की उपलब्धता, वेंटिलेटर की क्रियाशीलता तथा वेंटिलेटर को संचालित करने वाले कर्मियों की कुशलता को परखा। इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि संभावित रूप से यदि कोरोना संक्रमित आता है तो उसको इमरजेंसी वार्ड में बनाए गए विशेष वार्ड में लाने तथा वहां से कोरोना वार्ड में शिफ्ट करने में कम से कम समय लगे, जिससे मरीज को तत्काल इलाज दिया जा सके। तदुपरांत बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाए गए 110 बेड के पीडियाट्रिक केयर यूनिट (पीकू) वार्ड का गहनता से निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को जांचा गया।
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प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि पूर्व की भांति कोरोना से बचाव के लिए 300 बेड का अस्पताल पूरी तरह तैयार है। अभी सामान्य मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है, यदि कोरोना संक्रमण काबू से बाहर होता है तो स्थिति के अनुसार वार्डों को परिवर्तित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान लिफ्ट खराब पाई गई, जिसको सही करने के लिए आपूर्ति कंपनी को पत्र लिखकर तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
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