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जनऔषधि केंद्र की दवा लिखें चिकित्सक

Sun, 22 May 2022 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 11:45 PM IST
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Prescribe medicine for Janaushadhi Kendra
संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। यदि सरकारी अस्पताल में दवा नहीं है और मरीज को उसे दिया जाना जरूरी है तो चिकित्सक अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध दवा ही लिखेंगे। इस संबंध में महानिदेशक ने सभी जनपदों को आदेश जारी करके जन औषधि केंद्रों को क्रियाशील बनाने के लिए कहा है।
जिला अस्पताल में 287 दवा होनी चाहिए। इनमें से 272 दवा उपलब्ध हैं। उनकी जरूरत के हिसाब से मिलीग्राम नहीं होने की वजह से मरीजों के सामने समस्या आती है। कईं मरीजों को डबल एमजी की गोली आधी या कम एमजी की दो गोली खाने की सलाह दी जाती है। कुछ मरीजों की बीमारी के हिसाब से दवा सेट नहीं होने की वजह से चिकित्सक उन्हें बाहर की दवा लिख देते हैं, जिसकी मनाही है। महानिदेशक ने अस्पतालों में संचालित जन औषधि केंद्रों को क्रियाशील बनाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी अस्पतालों में ईडीएल के अनुसार दवा की सूची एवं उपलब्धता प्रदर्शित की जाए। अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं होने पर केवल जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली दवा ही लिखी जाए।
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जन औषधि केंद्रों पर नहीं मिलतीं सभी दवा
एसबीडी जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के ठीक सामने जन औषधि केंद्र है। खास बात यह है कि जन औषधि केंद्र पर करीब 750 दवा होनी चाहिए। यहां अक्सर 200 से 250 प्रकार की ही दवा मिलती हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी जन औषधि केंद्र है। वहां भी ऐसी ही स्थिति है।
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प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों मरीज
एसबीडी जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की करीब 15 ओपीडी चलती हैं। इनमें प्रतिदिन 1500 से 2,000 नए और पुराने मरीज परामर्श लेने पहुंचते हैं। 316 बेड के जिला अस्पताल में 24 घंटे करीब 80 से 90 फीसदी बेड फुल रहते हैं। बीमारियों के मौसम में मरीजों की संख्या बेड से दोगुनी तक हो जाती है। ऐसे में दवा की खासी खपत रहती है। जिला महिला अस्पताल में भी प्रतिदिन 500 तक महिला मरीज पहुंचती हैं। उधर, अस्पताल परिसर में टीबी अस्पताल भी है, यहां 24 घंटे 50 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं।

वर्जन
एसबीडी जिला अस्पताल में सभी दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों को वे ही दवा लिखी जा रही हैं। ऐसे कम ही मामले होते हैं जब कोई दवा न मिले। कुछ मरीज खुद बाहर की दवा लिखने के लिए कहते हैं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र की दवा लिखी जा सकती है।-डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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