शाकंभरी (सहारनपुर)। दस जनवरी को सिद्ध पीठ में मां शाकंभरी जयंती धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। जयंती उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सिद्ध पीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित आचार्य संदीप हेमदान ने बताया वैसे तो मां भगवती की जयंती विभिन्न प्रांतों में विभिन्न मंदिरों में हर्षोल्लास से मनाई जाती है। इस दिन प्रसन्नता के साथ भक्त मां का गुणगान करते हैं। शाकंभरी शक्तिपीठ में मां की महिमा अपरंपार और दर्शनीय है। शाकंभरी जयंती पोष पूर्णिमा को विशेष आयोजन के साथ मनाई जाती है। इस दिन मां शाकंभरी का इस भूमंडल पर पदार्पण हुआ । पूर्णकाल से मां शक्ति के रूप में विख्यात होने के पश्चात की लीला की संसार भर में अनुपम प्रसिद्धि हुई। मां संपूर्ण संसार में दुर्गा, लक्ष्मी, वैष्णवी, शाकंभरी, शताक्षी आदि कई नामों से विख्यात है। पहले मां का उत्सव इतने विशाल रूप से नहीं सूक्ष्म रूप से मनाया जाता था। गत कुछ वर्षों से मां भगवती की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस दिन मां की प्रिय वस्तु शाक, फल, कंदमूल आदि हरी सब्जियों से मां का संपूर्ण श्रृंगार किया जाता है और मां भगवती का वर्ण नील वस्त्रों को पहनाया जाता है। गर्भगृह में शोभनीय श्रृंगार शाक, फलों से किया जाता है। मनमोहिनी मां भगवती के अतुलनीय सौंदर्य दर्शन से मन स्तब्ध रह जाता है। मां के प्रिय सराल, शकरकंद आदि का हलुवा एवं विभिन्न तरह के प्रसाद राणा परिवार जसमौर की तरफ से बांटा जाता है। उन्होंने बताया इस दिन मां का शाकमय स्वरूप को हजारों सूर्य के किरणों से भी प्रभावशाली तेज बिखरा हुआ देखने को मिलता है, जो भी इस दिव्य स्वरूप को मां का ह्रदय में ध्यान करता है और असंख्य पापों को क्षय करता हुआ पूण्य को प्राप्त करता है। संपूर्ण जीवन आनंदमय हो जाता है। उन्होंने बताया नौ जनवरी की रात्रि में जागरण, भजन, कीर्तन एवं भवन श्रृंगार, हवन आदि होता है। 10 जनवरी को सुबह चार बजे महाभिषेक एवं दिव्य श्रृंगार एवं छह बजे आरती, भोग वितरण एवं दोपहर 12 बजे भंडारा होगा।

शाकंभरी मंदिर