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जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल पहुंचाने की तैयारी
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल अभियान के तहत जल निगम ने जनपदवासियों की प्यास बुझाने के लिए 582 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। इनमें 120 करोड़ रुपये की लागत से जहां सत्तर पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन की योजना है, वहीं 188 ग्राम पंचायतों में 462 करोड़ रुपये की लागत से नई एकल परियोजनाओं की स्थापना के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
सहारनपुर जिले में जल निगम 79 पेयजल योजनाओं के माध्यम से करीब सत्तर हजार परिवारों तक स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। इसमें 36 ग्राम समूह पेयजल योजनाएं जल निगम की ओर से संचालित की जाती है, जबकि 43 एकल पेयजल योजनाएं संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से चलाई जा रही हैं। जल निगम की 36 में से 16 पेयजल योजना बेहट तहसील के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित हैं। जल निगम की ग्राम समूह पेयजल योजनाओं में ज्यादातर तीस साल से पुरानी हैं। ऐसे में ये लाभान्वित गांवों के निवासियों की प्यास बुझा पाने में नाकाम साबित हो रही हैं। इसे ध्यान में रखकर जल निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से लॉक डाउन पीरियड में जिले भर में सर्वे करा कर इन योजनाओं की हकीकत जानी गई।
जल निगम के परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि कुल सत्तर स्टीमेट सर्वे टीमों ने उन्हें सौंपे हैं। इनके आधार पर उनके द्वारा शासन को सत्तर पेयजल योजनाओं के जीर्णोद्वार के लिए 120 करोड़ रुपये के प्रस्ताव बना कर भेजे हैं। इनमें सभी योजनाओं पर नये नलकूपों के साथ ही ओवरहैड टैंकों और पाइन लाइन विस्तार का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त जल निगम ने हर घर तक पानी पहुंचाने की कवायद को मूर्त रुप देने के लिए पहले चरण में 462 करोड़ रुपये से 188 ग्राम पंचायतों में नई 186 एकल पेयजल योजनाओं की स्थापना के प्रस्ताव भी शासन को भेजे हैं। इन पंचायतों में नलकूप लगाने के साथ ही ओवरहैड टैंक और पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन प्रस्तावों के मंजूर होने की संभावना है। बजट मिलते ही जीर्णोद्वार और नई पेयजल योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
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जल्द बजट मंजूर होने की उम्मीद
लॉक डाउन के दौरान भी सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों में सहारनपुर के कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा काम कर नब्बे फीसदी सर्वे पूरा किया है। इसकी बदौलत वे समय से 582 करोड़ के स्टीमेट बना कर शासन को भेज सके हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए बजट मंजूर हो जाएगा। इसके बाद युद्ध स्तर पर पेयजल योजनाओं का कायाकल्प किया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, परियोजना प्रबंधक जल निगम सहारनपुर।
एक लाख परिवारों तक पानी पहुंचाने की कवायद
छुटमलपुर। जल निगम द्वारा वर्तमान में जिले के 337 गांवों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाता है। निगम के अभिलेखों के अनुसार इससे इन गांवों में रहने वाली 70 हजार परिवारों की साढ़े तीन लाख की आबादी लाभान्वित होती है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होते हैं तो जिले में 265 पेयजल योजनाओं के माध्यम से सात सौ गांवों के एक लाख पांच हजार परिवारों की सवा पांच लाख की आबादी की प्यास बुझ सकेगी।
कई साल से योजनाओं के पुनर्गठन की मांग कर रहा है संगठन
घाड़ क्षेत्र की 16 पेयजल योजनाएं तीस से चालीस साल पुरानी हैं। नलकूपों का डिस्चार्ज कम हो चुका है। आबादी बढ़ने से ओवर हैड टैंक भी छोटे पड़ गए हैं। पाइप लाइनें टूटी पड़ी हैं या कई जगहों पर बंद हो चुकी है। इनके अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। हमारा संगठन कई साल से योजनाओं के पुनर्गठन की मांग कर रहा है।
- अरविंद शर्मा , जिला सचिव जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन सहारनपुर।
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सहारनपुर जिले में जल निगम 79 पेयजल योजनाओं के माध्यम से करीब सत्तर हजार परिवारों तक स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। इसमें 36 ग्राम समूह पेयजल योजनाएं जल निगम की ओर से संचालित की जाती है, जबकि 43 एकल पेयजल योजनाएं संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से चलाई जा रही हैं। जल निगम की 36 में से 16 पेयजल योजना बेहट तहसील के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित हैं। जल निगम की ग्राम समूह पेयजल योजनाओं में ज्यादातर तीस साल से पुरानी हैं। ऐसे में ये लाभान्वित गांवों के निवासियों की प्यास बुझा पाने में नाकाम साबित हो रही हैं। इसे ध्यान में रखकर जल निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से लॉक डाउन पीरियड में जिले भर में सर्वे करा कर इन योजनाओं की हकीकत जानी गई।
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जल निगम के परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि कुल सत्तर स्टीमेट सर्वे टीमों ने उन्हें सौंपे हैं। इनके आधार पर उनके द्वारा शासन को सत्तर पेयजल योजनाओं के जीर्णोद्वार के लिए 120 करोड़ रुपये के प्रस्ताव बना कर भेजे हैं। इनमें सभी योजनाओं पर नये नलकूपों के साथ ही ओवरहैड टैंकों और पाइन लाइन विस्तार का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त जल निगम ने हर घर तक पानी पहुंचाने की कवायद को मूर्त रुप देने के लिए पहले चरण में 462 करोड़ रुपये से 188 ग्राम पंचायतों में नई 186 एकल पेयजल योजनाओं की स्थापना के प्रस्ताव भी शासन को भेजे हैं। इन पंचायतों में नलकूप लगाने के साथ ही ओवरहैड टैंक और पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन प्रस्तावों के मंजूर होने की संभावना है। बजट मिलते ही जीर्णोद्वार और नई पेयजल योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
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जल्द बजट मंजूर होने की उम्मीद
लॉक डाउन के दौरान भी सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों में सहारनपुर के कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा काम कर नब्बे फीसदी सर्वे पूरा किया है। इसकी बदौलत वे समय से 582 करोड़ के स्टीमेट बना कर शासन को भेज सके हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए बजट मंजूर हो जाएगा। इसके बाद युद्ध स्तर पर पेयजल योजनाओं का कायाकल्प किया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, परियोजना प्रबंधक जल निगम सहारनपुर।
एक लाख परिवारों तक पानी पहुंचाने की कवायद
छुटमलपुर। जल निगम द्वारा वर्तमान में जिले के 337 गांवों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाता है। निगम के अभिलेखों के अनुसार इससे इन गांवों में रहने वाली 70 हजार परिवारों की साढ़े तीन लाख की आबादी लाभान्वित होती है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होते हैं तो जिले में 265 पेयजल योजनाओं के माध्यम से सात सौ गांवों के एक लाख पांच हजार परिवारों की सवा पांच लाख की आबादी की प्यास बुझ सकेगी।
कई साल से योजनाओं के पुनर्गठन की मांग कर रहा है संगठन
घाड़ क्षेत्र की 16 पेयजल योजनाएं तीस से चालीस साल पुरानी हैं। नलकूपों का डिस्चार्ज कम हो चुका है। आबादी बढ़ने से ओवर हैड टैंक भी छोटे पड़ गए हैं। पाइप लाइनें टूटी पड़ी हैं या कई जगहों पर बंद हो चुकी है। इनके अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। हमारा संगठन कई साल से योजनाओं के पुनर्गठन की मांग कर रहा है।
- अरविंद शर्मा , जिला सचिव जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन सहारनपुर।