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Saharanpur News: सहारनपुर में बेशकीमती जमीनन...दे दी 10 हजार रुपये लीज पर

Thu, 12 Oct 2023 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 12:28 AM IST
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Precious land in Saharanpur...given on lease for Rs 10 thousand
सहारनपुर। बेहट रोड स्थित रामलीला मैदान की बगल में खाली पड़ी बेशकीमती जमीन को नगर निगम ने मात्र दस हजार रुपये सालाना लीज पर वन कल्याण आश्रम समिति को दे दी है। नगर निगम के प्रस्ताव पर योगी सरकार की कैबिनेट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। महानगर में इस बेशकीमती जमीन की लीज पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। नगर महापौर डा. अजय कुमार का कहना है कि यह जमीन बच्चों की शिक्षा के लिए लाभकारी साबित होगी।
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महानगर के बेहट रोड पर रामलीला मैदान के पास बेशकीमती 3789 वर्ग मीटर भूमि है, जिसकी कीमत खुले बाजार में करीब 50 हजार रुपये वर्ग गज बताई जा रही है। इस जमीन को वनवासी कल्याण आश्रम समिति को दिए जाने का प्रस्ताव अक्तूबर 2022 में तत्कालीन महापौर संजीव वालिया ने नगर निगम की ओर से पारित कराकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया था। दस अक्तूबर (मंगलवार) 2023 को कैबिनेट की बैठक में उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। नगर निगम की इस बेशकीमती 3789 वर्ग मीटर भूमि को मात्र दस हजार रुपये सालाना लीज पर दिया गया है, जिसको लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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जमीन लेने वाली वनवासी कल्याण आश्रम समित महानगर में नवाबगंज चौक पर वनवासी बच्चों के लिए छात्रावास का संचालन करती है। समिति सदस्यों ने गत वर्ष नगर निगम से नया छात्रावास और पुस्तकालय बनाने के लिए भूखंड उपलब्ध कराने की मांग रखी थी, जिसका प्रस्ताव कराकर तत्कालीन महापौर संजीव वालिया ने स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था।
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--वनवासी बच्चों को दी जाती है नि:शुल्क सुविधाएं

वनवासी कल्याण आश्रम समिति के सदस्य विजय माहेश्वरी ने बताया कि समिति वनवासी बच्चों के लिए नवाबगंज चौक पर 1981 से छात्रावास चला रही है। वहां 18 कमरों में से दो प्रचारकों के लिए, एक हॉल है और एक ऑफिस के लिए इस्तेमाल हो रहा है। शेष 14 कमरों में 40 बच्चे रहते हैं, जिनको काफी परेशानी रहती है। इसीलिए नगर निगम से भूखंड की मांग की गई थी, जिसे निगम के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उनका कहना है कि वनवासी बच्चों की पढ़ाई और खाने, रहने की व्यवस्था समिति अपने स्तर से करती है। लीज पर मिली भूमि पर बनाए जाने वाले छात्रावास की क्षमता 100 छात्रों की होगी। इसके अलावा उन्हीं के लिए पुस्तकालय, मैदान और अन्य सुविधाएं रहेंगी।





-- भूमि पर हो रहा निजी बसों का संचालन

जिस भूमि पर छात्रावास और पुस्तकालय बनाया जाना है। उस पर निजी बसों का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है। दिनभर यहां बसों की अवैध वर्कशॉप चलती है। इसके अलावा कुछ लोगों ने पार्किंग बनाई हुई है। पशुपालन भी किया जा रहा है। ज्यादातर हिस्सा पीछे की ओर खाली पड़ा है।




-- नगर निगम के पिछले बोर्ड ने वनवासी कल्याण आश्रम समिति की मांग और वनवासी बच्चों की जरूरत को देखते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। भूमि देने को लेकर जो भी नियम हैं, उनको अपनाते हुए ही आश्रम को भूमि दी जाएगी। मैं समझता हूं कि बच्चों के साथ ही नगर निगम के लिए भी अच्छा कदम है। -डा. अजय कुमार, महापौर।
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