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बेबसी: भूख, प्यास और थकान को भूल पैदल आ रहे श्रमिक
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सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रोड़वेज बसो से अपने घर जाते मजदूर
- फोटो : SAHARANPUR
बेबसी: भूख-प्यास और थकान को भूल पैदल आ रहे श्रमिक
सहारनपुर/सरसावा। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों से हजारों कामगार लगातार आ रहे हैं। ये कामगार सहारनपुर अंबाला के मुख्य मार्ग के अलावा बार्डर से सटे गांवों के अंदरूनी रास्तों से भी आ रहे हैं। अंदर के रास्तों से आने वाले कामगारों को पुलिस टीमें चेतावनी देकर पीछे कर रही हैं। उनसे कहा जा रहा है कि ये मजदूर भी मुख्य मार्ग से ही आएं ताकि आने वालों का सही से सत्यापन हो सके। कामगारों का यूपी सीमा के सरसावा बार्डर पर प्रवेश को लेकर प्रशासन-पुलिस बेहट अलर्ट है।
निगरानी में लगी टीमों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी इन कामगारों का काफी संख्या में आबादी वाले गांवों के बीच से आना ठीक नहीं है। हर पल प्रशासन-पुलिस को अपडेट दिया जा रहा है। कामगारों को भी समझाया जा रहा है। उधर, पिछले चौबीस घंटे में जिले में करीब 5000 कामगार पिलखनी स्थित राधास्वामी सत्संग भवन के मेजर सेंटर में आश्रय के लिए पहुंचे। इनमें अधिकतर यूपी, बिहार और झारखंड के जिलों के हैं।
रेलवे ट्रैक के पास के रास्ते से भी पहुंचे मजदूर
- सरसावा क्षेत्र के गांव सौराना में हरियाणा के शहरों से काफी संख्या में मजदूर रेलवे ट्रैक के पास वाले रास्ते से होकर पहुंचे। वहां से आश्रय स्थल की ओर आए कुछ कामगारों ने बताया कि वे रेल पटरियों से नहीं बल्कि पास वाले रास्ते से पहुंचे हैं। कुछ लोग इसलिए दूसरे रास्तों से आ रहे हैं कि कहीं पुलिस टीमें चेकिंग के दौरान उत्पीड़न न किया जाए। इसके अलावा पटना, पटनी सहित अन्य गांवों से होते हुए मजदूर पहुंचे हैं। उधर, आरपीएफ थाना प्रभारी नवीन कुमार का कहना है कि उत्तर रेलवे मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप रेलवे ट्रैक पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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सेहत का ध्यान रखते हुए ही आएं मजदूर
- डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी दिनेश कुमार लगातार आश्रय स्थल पहुंचकर कामगारों के हालात की जानकारी ले रहे हैं। अफसरों की ओर से कामगारों को हिदायत दी जा रही है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखकर ही जिले में प्रवेश करें और आगे की यात्रा करें। बुजुर्ग, पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त कामगार तो बिल्कुल भी कोई खतरा न उठाएं।
--वर्जन--
जैसे-जैसे व्यवस्था सरकार के गाइडलाइन अनुसार बनती जा रही है। प्रवासी मजदूरों को मेजर सेंटर में लिया जा रहा है। यह कोरी अफवाह के सिवाय कुछ नहीं है कि मजदूरों को खदेड़ा जा रहा है। राधा स्वामी सत्संग व्यास के मेजर सेंटर में सभी को नियमानुसार ठहराया जा रहा है।
यतेन्द्र नागर, सीओ नकुड (सहारनपुर)
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सहारनपुर/सरसावा। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों से हजारों कामगार लगातार आ रहे हैं। ये कामगार सहारनपुर अंबाला के मुख्य मार्ग के अलावा बार्डर से सटे गांवों के अंदरूनी रास्तों से भी आ रहे हैं। अंदर के रास्तों से आने वाले कामगारों को पुलिस टीमें चेतावनी देकर पीछे कर रही हैं। उनसे कहा जा रहा है कि ये मजदूर भी मुख्य मार्ग से ही आएं ताकि आने वालों का सही से सत्यापन हो सके। कामगारों का यूपी सीमा के सरसावा बार्डर पर प्रवेश को लेकर प्रशासन-पुलिस बेहट अलर्ट है।
निगरानी में लगी टीमों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी इन कामगारों का काफी संख्या में आबादी वाले गांवों के बीच से आना ठीक नहीं है। हर पल प्रशासन-पुलिस को अपडेट दिया जा रहा है। कामगारों को भी समझाया जा रहा है। उधर, पिछले चौबीस घंटे में जिले में करीब 5000 कामगार पिलखनी स्थित राधास्वामी सत्संग भवन के मेजर सेंटर में आश्रय के लिए पहुंचे। इनमें अधिकतर यूपी, बिहार और झारखंड के जिलों के हैं।
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रेलवे ट्रैक के पास के रास्ते से भी पहुंचे मजदूर
- सरसावा क्षेत्र के गांव सौराना में हरियाणा के शहरों से काफी संख्या में मजदूर रेलवे ट्रैक के पास वाले रास्ते से होकर पहुंचे। वहां से आश्रय स्थल की ओर आए कुछ कामगारों ने बताया कि वे रेल पटरियों से नहीं बल्कि पास वाले रास्ते से पहुंचे हैं। कुछ लोग इसलिए दूसरे रास्तों से आ रहे हैं कि कहीं पुलिस टीमें चेकिंग के दौरान उत्पीड़न न किया जाए। इसके अलावा पटना, पटनी सहित अन्य गांवों से होते हुए मजदूर पहुंचे हैं। उधर, आरपीएफ थाना प्रभारी नवीन कुमार का कहना है कि उत्तर रेलवे मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप रेलवे ट्रैक पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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सेहत का ध्यान रखते हुए ही आएं मजदूर
- डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी दिनेश कुमार लगातार आश्रय स्थल पहुंचकर कामगारों के हालात की जानकारी ले रहे हैं। अफसरों की ओर से कामगारों को हिदायत दी जा रही है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखकर ही जिले में प्रवेश करें और आगे की यात्रा करें। बुजुर्ग, पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त कामगार तो बिल्कुल भी कोई खतरा न उठाएं।
--वर्जन--
जैसे-जैसे व्यवस्था सरकार के गाइडलाइन अनुसार बनती जा रही है। प्रवासी मजदूरों को मेजर सेंटर में लिया जा रहा है। यह कोरी अफवाह के सिवाय कुछ नहीं है कि मजदूरों को खदेड़ा जा रहा है। राधा स्वामी सत्संग व्यास के मेजर सेंटर में सभी को नियमानुसार ठहराया जा रहा है।
यतेन्द्र नागर, सीओ नकुड (सहारनपुर)

सरसावा के राधा स्वामी मेजर सेंटर में मजदूरो को नियंत्रत करती पुलिस- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर: लॉकडाउन के दौरान हरियाणा से रेलवे के किनारे सहारनपुर में आते मजदूर- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान हरियाण से सहारनपुर कोर्ट रोड़ पुल के नीचे रेलवे लाइन से होकर गोंडा - फोटो : SAHARANPUR