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उत्खनन में मिट्टी के बर्तन के अलावा कुछ नहीं मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:04 AM IST
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उत्खनन में मिले बर्तनों के टुकड़ों को देखते टीम सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के गांव सकतपुर में चौथे दिन उत्खनन के दौरान पुराने मिट्टी के बर्तनों के अवशेषों के अलावा अन्य कोई महत्वपूर्ण वस्तु बरामद नहीं हुई है। उत्खनन का कार्य जारी है।
आगरा मंडल पुरातत्व विभाग टीम के पुरातत्व विद डा. भुवन विक्रम सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम गांव सकतपुर में उत्खनन का कार्य कर रही है। टीम में अर्खित प्रधान, वाईपी अग्रवाल, एके नामदेव, लोचन सिंह, मोहित कुमार, मनोज, भवानी सिंह के अलावा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अध्यनरत पीएचडी के छात्र हिमांशु औरं शिखा मौके पर मौजूद हैं।
सोमवार को उत्खनन के चौथे दिन भी टीम को पुराने बर्तनों के अवशेष के अलावा कुछ नहीं मिला है। अब तक मिले अवशेषों से सिर्फ यहीं कहा जा रहा है कि अवशेष काफी पुराने है जिन्हें एकत्रित किया जा रहा है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह कितने वर्ष पुराने हैं।
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उत्खनन को लेकर क्षेत्र के लोगों ने जिज्ञासा बढ़ रही है कि उनके क्षेत्र में क्या चार हजार वर्ष पुराना इतिहास छुपा है। प्रतिदिन आस पास के लोग उत्खनन को देखने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं। उत्खनन का कार्य धीमी गति से किया जा रहा है।
इस संबंध में टीम का कहना है कि यदि खुदाई के दौरान कोई वस्तु नजर आए तो उसे सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा सकेगा। खुदाई के दौरान मिलने वाले अवशेषों को आपस में मिलाकर देखा जा रहा है।
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आगरा मंडल पुरातत्व विभाग टीम के पुरातत्व विद डा. भुवन विक्रम सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम गांव सकतपुर में उत्खनन का कार्य कर रही है। टीम में अर्खित प्रधान, वाईपी अग्रवाल, एके नामदेव, लोचन सिंह, मोहित कुमार, मनोज, भवानी सिंह के अलावा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अध्यनरत पीएचडी के छात्र हिमांशु औरं शिखा मौके पर मौजूद हैं।
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सोमवार को उत्खनन के चौथे दिन भी टीम को पुराने बर्तनों के अवशेष के अलावा कुछ नहीं मिला है। अब तक मिले अवशेषों से सिर्फ यहीं कहा जा रहा है कि अवशेष काफी पुराने है जिन्हें एकत्रित किया जा रहा है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह कितने वर्ष पुराने हैं।
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उत्खनन को लेकर क्षेत्र के लोगों ने जिज्ञासा बढ़ रही है कि उनके क्षेत्र में क्या चार हजार वर्ष पुराना इतिहास छुपा है। प्रतिदिन आस पास के लोग उत्खनन को देखने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं। उत्खनन का कार्य धीमी गति से किया जा रहा है।
इस संबंध में टीम का कहना है कि यदि खुदाई के दौरान कोई वस्तु नजर आए तो उसे सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा सकेगा। खुदाई के दौरान मिलने वाले अवशेषों को आपस में मिलाकर देखा जा रहा है।