'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद: सांसद इमरान मसूद और विधायक शाहनवाज खान हाउस अरेस्ट, घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा
Poster Controversy: 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सांसद इमरान मसूद और विधायक शाहनवाज खान को पुलिस ने बरेली रवाना होने से पहले ही घरों पर रोक दिया। दोनों जनप्रतिनिधियों के घरों के बाहर पुलिस तैनात है और आने-जाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।
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'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद ने कई शहरों में स्थिति तनावपूर्ण बना दी है। प्रशासन को आशंका है कि यह मामला बड़े विवाद का रूप ले सकता है, इसलिए किसी भी स्थिति को बिगड़ने से पहले ही कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में सांसद इमरान मसूद और विधायक शाहनवाज खान को बरेली रवाना होने से पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वहीं इस पर सांसद इमरान मसूद ने कड़े शब्दों में प्रदेश व केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
बरेली जाने वाले थे दोनों ही नेता
जानकारी के अनुसार, दोनों जनप्रतिनिधियों का बरेली जाने का कार्यक्रम था। लेकिन प्रशासन को इनकी मौजूदगी से माहौल और ज्यादा गर्माने की आशंका थी। इसीलिए पुलिस ने एहतियातन दोनों नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया। उनके घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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मिलने जुलने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर
नेताओं के घरों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि किसी भी तरह का उकसाने वाला बयान या विरोध-प्रदर्शन की स्थिति बरेली में तनाव को और बढ़ा सकती है। यही कारण है कि उन्हें फिलहाल घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि शांति व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस-प्रशासन लगातार अलर्ट मोड में है और हर स्तर पर हालात की मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नेताओं को रोकने का फैसला शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है।
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अपनी नाकामी छिपाने के लिए हथकंडे अपना रही सरकार: इमरान मसूद
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि हमें बरेली जाकर पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखनी थी। जिस तरह से हमें बरेली जाने से रोका जा रहा है, यह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली बात है। उन्होंने कहा कि मैं पहले से कहता रहा हूं कि मुसलमान किसी भी एजेंडे का हिस्सा न बनें। भाजपा सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए इस तरह के हथकंड़े अपना रही है। फतेहपुर में मस्जिद तोड़ी गई और मजारों को नुकसान पहुंचाया गया। वहां पर सरकार ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। वहां पर बुलडोजर नहीं चलवाया गया। बुलडोजर तो हम पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास अपनी नाकामी छिपाने का मात्र एक ही तरीका है कि हिंदू और मुसलमान के बीच नफरत पैदा करें। उन्होंने कहा कि हम सभी को अक्लमंदी दिखानी पड़ेगी। नफरत के एजेंडे से दूर रहना होगा। लड़का पोस्टर लेकर खड़ा हो जाता है, आप उसके हाथ-पैर तोड़ देते हैं। उस पोस्टर में किसी के प्रति नफरत नहीं है। हम सभी के दिलों में अल्लाह के प्रति मोहब्बत है। हालांकि वह इस तरह के कदम का समर्थन नहीं करते।