फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Political parties will face the challenge of the mood and pulse

सियासी दलों के सामने होगी मिजाज भांपने की चुनौती

Thu, 05 Jan 2017 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 05 Jan 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
Political parties will face the challenge of the mood and pulse
2017 राजनेता
सहारनपुर में सियासी दंगल का बिगुल बजते ही सहारनपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेजी से बढ़ गई है। राजनीतिक दलों के सामने जिले की सभी सात सीटों पर मतदाताओं का मिजाज और मूड भांपने की चुनौती होगी।
विज्ञापन


हालांकि सभी दल अपने परंपरागत मतदाताओं को रिझाने के साथ जातीय समीकरण साधकर जीत की राह तलाशने में जुटे हैं। मगर, सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले को अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
विज्ञापन


हालांकि सहारनपुर में पिछले कई चुनाव ध्रुवीकरण की भेंट चढ़ चुका है। यही कारण है कि चुुनाव के दौरान विकास और समस्याओं के मुद्दे पीछे छूट जाते रहे हैं।

तीन राज्यों की सीमा पर बसे सहारनपुर में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। सातों सीट पर सपा और बसपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में चारों प्रत्याशी मैदान में आने के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। राजनीतिक दलों के प्रत्याशी अपने मतदाताओं के मिजाज भांपने में जुटने लगे हैं। 

जातीय समीकरण साधने के लिए ही सभी राजनीतिक दलों ने अलग-अलग जातियों के प्रत्याशियों पर दांव खेला है। कुल मिलाकर मुस्लिम और दलित मतदाताओं के अलावा गुर्जर, सैनी, राजपूत बहुल क्षेत्र होने के कारण इनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

यही कारण है कि सभी सियासी दलों ने इन जातियों के प्रत्याशी या तो उतार दिए हैं या उनकी तलाश में जुटी है। केन्द्र की सत्ताधारी भाजपा जिले में अगड़ी जातियों के अलावा पिछड़ी और अति दलित के भरोसे इस बार मैदान में है।

सैनी, गुर्जर, राजपूत मतों को रिझाने के लिए बसपा विधायक महावीर राणा और धर्म सिंह सैनी को अपने पाले में कर लिया है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने भी भाजपा का दामन थामा है।

बसपा ने देवबंद और बेहट में मुस्लिम, देहात और रामपुर में दलित, गंगोह और नकुड़ में गुर्जर और शहर में ब्राह्मण प्रत्याशी के जरिये सोशल इंजीनियरिंग का पूरा जाल बिछाया है।


सपा ने देवबंद से राजपूत,  बेहट, नकुड़ और देहात से मुस्लिम, गंगोह से गुर्जर, रामपुर मनिहारान से दलित और शहर सीट से वैश्य प्रत्याशी उतार कर इन सभी जातियों को रिझाने में कोई कसर  नहीं छोड़ा है।

ऐसे ही कांग्रेस इमरान मसूद के जरिए मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करना चाहती है। इसके अलावा गुर्जर, सैनी और राजपूत पर दांव खेलकर इनको साधना चाहती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed