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ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने फांसी लगाकर जान दी
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पुलिसकर्मी ने फांसी लगाकर जान दी
सहारनपुर। थाना सदर क्षेत्र की दयाल कालोनी में बुधवार दोपहर बाद ड्यूटी से लौटने के बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी उपेंद्र कुमार तोमर (35) ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या का कारण पुराने समय से बीमारी से तनाव होना बताया जा रहा है। पुलिस टीम ने छानबीन शुरू कर दी है। उपेंद्र कुमार मूल रूप से बागपत के जिवाना गांव का रहने वाला था। यहां दयाल कालोनी में उसका परिवार रह रहा है।
छानबीन को पहुंचे सदर थाना प्रभारी पंकज कुमार पंत और कुछ यातायात कर्मचारियों ने बताया कि उपेंद्र को आंतों का इंफेक्शन था। काफी समय से वह इसे लेकर परेशान था। उसकी कोर्ट रोड पर ड्यूटी रहती थी। मार्च माह से वह छुट्टी पर था और तीन दिन पहले ही लौटा था। बुधवार को सुबह दस से दोपहर तक उसने ड्यूटी भी दी। घर पहुंचने के बाद दोपहर में वह एक साइड में टीन की चादर वाले कमरे में चला गया। इसी दौरान उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उपेंद्र कुमार का इकलौता बेटा अनंत है। घटना के बाद पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रोकर बुरा हाल है। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम जांच कर रही है। फिलहाल बीमारी का तनाव ही कारण सामने आया है।
पहले पेट फूल गया था, अब बिल्कुल कमजोर हो गया
- यातायात पुलिस में उपेेंद्र के साथी रहे निशांत, राहुल आदि ने बताया कि इस बीमारी में उपेंद्र का पेट पहले काफी फूल गया था। इसके बाद अचानक वह बेहद कमजोर होने लगा। अब काफी समय से बीमारी को लेकर तनाव में था। शायद इसी कारण उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बारे में परिवार के अन्य लोगों को भी सूचित कर दिया गया है।
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सहारनपुर। थाना सदर क्षेत्र की दयाल कालोनी में बुधवार दोपहर बाद ड्यूटी से लौटने के बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी उपेंद्र कुमार तोमर (35) ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या का कारण पुराने समय से बीमारी से तनाव होना बताया जा रहा है। पुलिस टीम ने छानबीन शुरू कर दी है। उपेंद्र कुमार मूल रूप से बागपत के जिवाना गांव का रहने वाला था। यहां दयाल कालोनी में उसका परिवार रह रहा है।
छानबीन को पहुंचे सदर थाना प्रभारी पंकज कुमार पंत और कुछ यातायात कर्मचारियों ने बताया कि उपेंद्र को आंतों का इंफेक्शन था। काफी समय से वह इसे लेकर परेशान था। उसकी कोर्ट रोड पर ड्यूटी रहती थी। मार्च माह से वह छुट्टी पर था और तीन दिन पहले ही लौटा था। बुधवार को सुबह दस से दोपहर तक उसने ड्यूटी भी दी। घर पहुंचने के बाद दोपहर में वह एक साइड में टीन की चादर वाले कमरे में चला गया। इसी दौरान उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उपेंद्र कुमार का इकलौता बेटा अनंत है। घटना के बाद पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रोकर बुरा हाल है। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम जांच कर रही है। फिलहाल बीमारी का तनाव ही कारण सामने आया है।
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पहले पेट फूल गया था, अब बिल्कुल कमजोर हो गया
- यातायात पुलिस में उपेेंद्र के साथी रहे निशांत, राहुल आदि ने बताया कि इस बीमारी में उपेंद्र का पेट पहले काफी फूल गया था। इसके बाद अचानक वह बेहद कमजोर होने लगा। अब काफी समय से बीमारी को लेकर तनाव में था। शायद इसी कारण उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बारे में परिवार के अन्य लोगों को भी सूचित कर दिया गया है।
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