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पीएम आवास योजना : डीपीआर बनने से पहले होगी पात्रता की जांच
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 4800 लाभार्थियों में से 517 अपात्रों के सामने आने के बाद विभाग सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों ने अब से डीपीआर बनने से पहले ही आवेदकों की पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया है। डीपीआर से पहले पात्रता की जांच करने से अपात्र लोग लाभ नहीं ले पाएंगे।
योजना के तहत बड़ी संख्या में अपात्र सेटिंग के जरिए योजना का लाभ पा चुके हैं। योजना में कितना भ्रष्टाचार रहा है, इसका बेहतर उदाहरण चार लोगों को जेल भेजा जाना और करीब एक दर्जन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना है। यह सभी प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी थे। गड़बड़ियां सामने आने के बाद अधिकारियों ने 4800 लाभार्थियों की पात्रता की जांच कराई है, जिनमें से 517 लोग अपात्र पाए गए हैं, जिनसे पैसे की रिकवरी की तैयारी चल रही है। डूडा अपात्रों को नोटिस जारी कर रह है। रिकवरी नहीं होने की स्थिति में अपात्रों के विरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ना उठाए। इसके लिए डीपीआर से पहले पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया गया है।
अगस्त से पहले हुईं गड़बड़ियां
विभागीय सूत्रों ने बताया कि योजना में ज्यादातर गड़बड़ियां अगस्त माह से पहले हुई हैं। उसके बाद योजना में काफी पारदर्शिता आई है। सूत्रों ने बताया कि योजना में अपात्रों को लाभ दिलाने के लिए पूर्व में बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय रहे हैं, जिनमें कई जनप्रतिनिधि और उनके करीबी भी शामिल रहे हैं। मगर कार्रवाई होने के बाद दलालों की सक्रियता कम हुई है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में जो पूर्व में हो चुका है उसमें सुधार की कवायद चल रही है। अपात्र लाभार्थियों से वसूली के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। अब डीपीआर से पहले ही पात्रता की जांच कराई जा रही है, जिससे की अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ना ले सके।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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योजना के तहत बड़ी संख्या में अपात्र सेटिंग के जरिए योजना का लाभ पा चुके हैं। योजना में कितना भ्रष्टाचार रहा है, इसका बेहतर उदाहरण चार लोगों को जेल भेजा जाना और करीब एक दर्जन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना है। यह सभी प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी थे। गड़बड़ियां सामने आने के बाद अधिकारियों ने 4800 लाभार्थियों की पात्रता की जांच कराई है, जिनमें से 517 लोग अपात्र पाए गए हैं, जिनसे पैसे की रिकवरी की तैयारी चल रही है। डूडा अपात्रों को नोटिस जारी कर रह है। रिकवरी नहीं होने की स्थिति में अपात्रों के विरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ना उठाए। इसके लिए डीपीआर से पहले पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया गया है।
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अगस्त से पहले हुईं गड़बड़ियां
विभागीय सूत्रों ने बताया कि योजना में ज्यादातर गड़बड़ियां अगस्त माह से पहले हुई हैं। उसके बाद योजना में काफी पारदर्शिता आई है। सूत्रों ने बताया कि योजना में अपात्रों को लाभ दिलाने के लिए पूर्व में बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय रहे हैं, जिनमें कई जनप्रतिनिधि और उनके करीबी भी शामिल रहे हैं। मगर कार्रवाई होने के बाद दलालों की सक्रियता कम हुई है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में जो पूर्व में हो चुका है उसमें सुधार की कवायद चल रही है। अपात्र लाभार्थियों से वसूली के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। अब डीपीआर से पहले ही पात्रता की जांच कराई जा रही है, जिससे की अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ना ले सके।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।