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Saharanpur News: मुनाफे के चक्कर में कर रहे जिंदगी से खिलवाड़
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- प्रतिबंध के बाद भी बिक रहा जानलेवा चीनी मांझा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्रतिबंध के बावजूद महानगर और देहात क्षेत्रों में चीनी मांझा बिक रहा है। इस मांझे से पतंग कारोबारियों को ज्यादा मुनाफा होता है। इसी चक्कर में वह चोरी-छिपे मांझा बेच रहे हैं। बीते तीन वर्षों में चीनी मांझे की चपेट में आकर 150 से अधिक लोग घायल हुए और एक बालक सहित दो युवकों की मौत भी हो चुकी है।
महानगर में लक्खीगेट, खाताखेड़ी, खलासी लाइन, नुमाइशकैंप, हकीकतनगर, गोविंदनगर, लोहानी सराय, ढोलीखाल, पुरानी चुंगी सहित अनेक जगहाें पर दुकानदार चोरी छिपे चीनी मांझा बेच रहे हैं। यह कारोबारी दुकान पर चीनी मांझा नहीं रखते हैं। ग्राहक के मांगने पर पहले तो कई बार दुकानदार मना कर देते हैं, लेकिन इसके बाद ग्राहक को मांझा उपलब्ध करा देते हैं। मांझे को गोपनीय स्थान पर रखा जाता है, जहां से लाकर मांझे की चरखी ग्राहक को उपलब्ध करा दी जाती है। इसी देहात क्षेत्रों में गंगोह, नकुड़, देवबंद, बेहट, चिलकाना, रामपुर मनिहारान सहित अनेक गांवों में भी मांझा बिक रहा है, जबकि चीनी मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
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-- चीनी मांझे से तीन वर्षों में हुई घटनाएं
-- जिला अस्पताल पुल पर बाइक सवार व्यक्ति लहूलुहान हुआ
-- शारदानगर पुल पर मंदिर के पुजारी चार दिन पूर्व गंभीर घायल हुए
-- शारदानगर पुल पर मांझे की चपेट में गर्दन कटने से युवक की मौत हुई
-- चकराता मार्ग पर बालक घायल हुआ, जिसकी अस्पताल में जान गई
-- जिला अस्पताल पुल पर एक व्यक्ति की सांस की नस कटने से मौत हुई
-- इसी तरह जिले में 150 से अधिक घटनाएं चीनी मांझों से हो चुकी हैं।
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वर्जन:-
चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई जा रही है। कुछ दिन पूर्व पुलिस ने ऐसे दुकानदारों को गिरफ्तार भी किया है। किसी ने मांझा बेचा तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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-- डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्रतिबंध के बावजूद महानगर और देहात क्षेत्रों में चीनी मांझा बिक रहा है। इस मांझे से पतंग कारोबारियों को ज्यादा मुनाफा होता है। इसी चक्कर में वह चोरी-छिपे मांझा बेच रहे हैं। बीते तीन वर्षों में चीनी मांझे की चपेट में आकर 150 से अधिक लोग घायल हुए और एक बालक सहित दो युवकों की मौत भी हो चुकी है।
महानगर में लक्खीगेट, खाताखेड़ी, खलासी लाइन, नुमाइशकैंप, हकीकतनगर, गोविंदनगर, लोहानी सराय, ढोलीखाल, पुरानी चुंगी सहित अनेक जगहाें पर दुकानदार चोरी छिपे चीनी मांझा बेच रहे हैं। यह कारोबारी दुकान पर चीनी मांझा नहीं रखते हैं। ग्राहक के मांगने पर पहले तो कई बार दुकानदार मना कर देते हैं, लेकिन इसके बाद ग्राहक को मांझा उपलब्ध करा देते हैं। मांझे को गोपनीय स्थान पर रखा जाता है, जहां से लाकर मांझे की चरखी ग्राहक को उपलब्ध करा दी जाती है। इसी देहात क्षेत्रों में गंगोह, नकुड़, देवबंद, बेहट, चिलकाना, रामपुर मनिहारान सहित अनेक गांवों में भी मांझा बिक रहा है, जबकि चीनी मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
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वर्जन:-
चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई जा रही है। कुछ दिन पूर्व पुलिस ने ऐसे दुकानदारों को गिरफ्तार भी किया है। किसी ने मांझा बेचा तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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