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शहर का होगा सुनियोजित विकास, आवास और उद्योगों के लिए क्षेत्र निर्धारित
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महायोजना का तैयार किया गया पारूप
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शहर के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना 2031 पर तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल महायोजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जो 11,808.05 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आधारित है। शहर को चार जोन में बांटकर देहरादून रोड, बाईपास पर औद्योगिक इकाइयां एवं व्यावसायिक क्षेत्र बढ़ाया जा रहा है। जबकि अंबाला रोड को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना है। दिल्ली रोड और हसनपुर चुंगी के पास व्यावसायिक के साथ आवासीय क्षेत्र संरक्षित किया गया है। प्रारूप को लेकर आ रहे सुझाव, आपत्तियों पर विचार किया जाना बाकी है।
महायोजना 2031 का विकास प्राधिकरण ने जो प्रारूप तैयार किया है उसमें शहर को चार जोन में बांटा गया है। देहरादून रोड पर औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने तथा अंबाला रोड पर ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना है। साथ ही बाईपास हाईवे के आसपास के क्षेत्र को व्यावसायिक जोन में शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि विकास के जो सात बिंदु निर्धारित किए गए हैं उनमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, पार्क एवं खुले मैदान, यातायात एवं परिवहन तथा अन्य चीजों के लिए अलग से भूमि निर्धारित की गई है।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जो प्रारूप तैयार किया गया है वह अंतिम नहीं है। प्रारूप को लेकर जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, व्यापारियों, चिकित्सकों आदि की ओर से सुझाव और मांग आई है। बीते माह तीन दिवसीय शिविर लगाकर 159 सुझावों और मांगों पर चर्चा हुई थी। अभी और सुझाव मांगे हैं। इन पर चर्चा के बाद प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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भू-उपयोग श्रेणी मानकों के अनुसार प्रतिशत वैचारिक प्रतिशत कुल अनुमानित क्षेत्र (हेक्टेयर)
आवासीय 30 से 35 40 4,723.22
व्यावसायिक 04 से 06 04 472.32
औद्योगिक 08 से 10 10 1,180.81
सार्वजनिक एवं अर्द्घ सार्वजनिक 10 से 12 10 1,180.81
पार्क एवं खुले मैदान 15 से 20 16 1,889.29
यातायात एवं परिवहन 18 से 20 18 2,125.45
अन्य बैलेंस 02 236.16
कुल शहरीकरण योग्य क्षेत्र 100 11,808.05
-- महायोजना पर आए प्रमुख सुझाव
- जहां भी औद्योगिक क्षेत्र थे और वहां से उद्योग बंद हो गए हैं। उक्त भूखंडों को परिवर्तित किया जाए।
- शहर के पुराने बाजारों को बाजार क्षेत्र घोषित किया जाए।
- दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी से लेकर बाईपास हाइवे तक सड़क के दोनों ओर व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्र दर्शाए जाएं।
- अंबाला रोड पर सहारनपुर से सरसावा की ओर जाते हुए सड़क के दोनों ओर मेन रोड से 100 फीट गहराई तक व्यवसायिक और उसके पीछे औद्योगिक क्षेत्र और उसके पीछे लेबर क्वार्टर के लिए भूमि चिह्नित की जाए।
- जनता रोड पर हौजरी उद्योग के लिए औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया जाए।
- देहरादून रोड तथा दिल्ली रोड पर इंडस्ट्रियल पॉकेट बनाए जाएं आदि।
--
अवैध कॉलोनियों ने बिगाड़ दिया स्वरूप
महायोजना 2031 का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी सहारनपुर विकास प्राधिकरण पर है। प्राधिकरण ने एक निर्धारित हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को लेकर महायोजना का प्रारूप तैयार किया है, लेकिन महानगर के जिन क्षेत्रों पर कागजों में औद्योगिक क्षेत्र दर्शाए गए हैं वहां अवैध कॉलोनियां काटी जा चुकी हैं। जिन क्षेत्रों को व्यवसायिक या अन्य प्रकार से विकसित करने की योजना है वहां भी अवैध निर्माणों और कॉलोनियों ने शहर की सूरत को बिगाड़ दिया है।
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20 साल में करीब दोगुनी हुई आबादी
वर्ष 2001 में सहारनपुर शहर नगर पालिका था, तब आबादी 3.5 लाख थी। शहर का क्षेत्रफल भी कम था। एक छोर से दूसरे छोर तक शहर की लंबाई तीन से चार किलोमीटर थी। लेकिन 12 साल पहले जब सहारनपुर को नगर निगम बनाया गया, तब आसपास के 32 गांवों को इसमें शामिल किया गया। अब शहर की आबादी 6.80 लाख है। क्षेत्रफल की बात करें तो दक्षिण में स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप कॉलोनी से उत्तर दिशा में स्थित बेहट रोड के चक देवली तक की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। इसी प्रकार शहर पूरब और पश्चिम की दिशा में भी बढ़ा है।
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अभी महायोजना 2031 का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें आपत्तियों की सुनवाई के आधार पर विभागीय परीक्षण के बाद और परिवर्तन होने की संभावना है। ऐसे में इस प्रारूप को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन महायोजना को लेकर हमारा विजन पूरी तरह साफ है। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण
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महायोजना 2031 का विकास प्राधिकरण ने जो प्रारूप तैयार किया है उसमें शहर को चार जोन में बांटा गया है। देहरादून रोड पर औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने तथा अंबाला रोड पर ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना है। साथ ही बाईपास हाईवे के आसपास के क्षेत्र को व्यावसायिक जोन में शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि विकास के जो सात बिंदु निर्धारित किए गए हैं उनमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, पार्क एवं खुले मैदान, यातायात एवं परिवहन तथा अन्य चीजों के लिए अलग से भूमि निर्धारित की गई है।
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हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जो प्रारूप तैयार किया गया है वह अंतिम नहीं है। प्रारूप को लेकर जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, व्यापारियों, चिकित्सकों आदि की ओर से सुझाव और मांग आई है। बीते माह तीन दिवसीय शिविर लगाकर 159 सुझावों और मांगों पर चर्चा हुई थी। अभी और सुझाव मांगे हैं। इन पर चर्चा के बाद प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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भू-उपयोग श्रेणी मानकों के अनुसार प्रतिशत वैचारिक प्रतिशत कुल अनुमानित क्षेत्र (हेक्टेयर)
आवासीय 30 से 35 40 4,723.22
व्यावसायिक 04 से 06 04 472.32
औद्योगिक 08 से 10 10 1,180.81
सार्वजनिक एवं अर्द्घ सार्वजनिक 10 से 12 10 1,180.81
पार्क एवं खुले मैदान 15 से 20 16 1,889.29
यातायात एवं परिवहन 18 से 20 18 2,125.45
अन्य बैलेंस 02 236.16
कुल शहरीकरण योग्य क्षेत्र 100 11,808.05
-- महायोजना पर आए प्रमुख सुझाव
- जहां भी औद्योगिक क्षेत्र थे और वहां से उद्योग बंद हो गए हैं। उक्त भूखंडों को परिवर्तित किया जाए।
- शहर के पुराने बाजारों को बाजार क्षेत्र घोषित किया जाए।
- दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी से लेकर बाईपास हाइवे तक सड़क के दोनों ओर व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्र दर्शाए जाएं।
- अंबाला रोड पर सहारनपुर से सरसावा की ओर जाते हुए सड़क के दोनों ओर मेन रोड से 100 फीट गहराई तक व्यवसायिक और उसके पीछे औद्योगिक क्षेत्र और उसके पीछे लेबर क्वार्टर के लिए भूमि चिह्नित की जाए।
- जनता रोड पर हौजरी उद्योग के लिए औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया जाए।
- देहरादून रोड तथा दिल्ली रोड पर इंडस्ट्रियल पॉकेट बनाए जाएं आदि।
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अवैध कॉलोनियों ने बिगाड़ दिया स्वरूप
महायोजना 2031 का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी सहारनपुर विकास प्राधिकरण पर है। प्राधिकरण ने एक निर्धारित हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को लेकर महायोजना का प्रारूप तैयार किया है, लेकिन महानगर के जिन क्षेत्रों पर कागजों में औद्योगिक क्षेत्र दर्शाए गए हैं वहां अवैध कॉलोनियां काटी जा चुकी हैं। जिन क्षेत्रों को व्यवसायिक या अन्य प्रकार से विकसित करने की योजना है वहां भी अवैध निर्माणों और कॉलोनियों ने शहर की सूरत को बिगाड़ दिया है।
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20 साल में करीब दोगुनी हुई आबादी
वर्ष 2001 में सहारनपुर शहर नगर पालिका था, तब आबादी 3.5 लाख थी। शहर का क्षेत्रफल भी कम था। एक छोर से दूसरे छोर तक शहर की लंबाई तीन से चार किलोमीटर थी। लेकिन 12 साल पहले जब सहारनपुर को नगर निगम बनाया गया, तब आसपास के 32 गांवों को इसमें शामिल किया गया। अब शहर की आबादी 6.80 लाख है। क्षेत्रफल की बात करें तो दक्षिण में स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप कॉलोनी से उत्तर दिशा में स्थित बेहट रोड के चक देवली तक की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। इसी प्रकार शहर पूरब और पश्चिम की दिशा में भी बढ़ा है।
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अभी महायोजना 2031 का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें आपत्तियों की सुनवाई के आधार पर विभागीय परीक्षण के बाद और परिवर्तन होने की संभावना है। ऐसे में इस प्रारूप को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन महायोजना को लेकर हमारा विजन पूरी तरह साफ है। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण