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Saharanpur News: होटल-रेस्टोरेंट में पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति बंद
Wed, 11 Mar 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:06 AM IST
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बाजोरिया रोड पर गैस बुकिंग सेंटर गैस के लिए लगी लंबी लाइन
सहारनपुर। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर घरेलू स्तर पर दिखने लगा है। महानगर में होटल-रेस्टोरेंट में पाइपलाइन से होने वाली गैस आपूर्ति को बंद कर दिया गया है। ऐसे में होटल-रेस्टोरेंट अब व्यावसायिक सिलिंडरों पर निर्भर हो गए हैं। वह भी किसी तरह मिल पा रहा है। होटल कारोबारियों की मानें तो यही स्थिति रही तो जल्दी ही कामकाज ठप हो जाएगा। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि जिले में गैस का कोई संकट नहीं है। स्टाॅक करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हर दिन 17 हजार गैस सिलिंडरों की बुकिंग होती है। तकरीबन इतनी ही खपत भी है। पश्चिम एशिया में युद्ध का असर धीरे-धीरे कई क्षेत्रों पर पड़ने लगा है। गैस आपूर्ति बाधित होने से सबसे अधिक मार होटल-रेस्टोरेंट पर पड़ने लगी है। महानगर के कुछ इलाकों में पाइपलाइन से होटल और रेस्टोरेंट आदि में गैस की आपूर्ति की जाती है।
भारत पेट्रोलियम गैस के अधिकारियों ने पाइपलाइन से होने वाली गैस की आपूर्ति को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बंद करने का नोटिस दिया था। सोमवार को प्रतिष्ठानों पर पाइप से हो रही सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद तकरीबन सभी जगह व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल होने लगा है।
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संचालकों के सामने परेशानी यह है कि सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी की समय सीमा 25 दिन तय कर दी गई है। साथ ही आपूर्ति की भी किल्लत होने लगी है। यदि आपूर्ति पर ब्रेक लगा तो उनके संचालन पर खतरा पैदा हो जाएगा। कई प्रतिष्ठानों में एक से दो दिन का ही गैस का स्टॉक है। मालिकों का कहना है कि यदि हालात नहीं सुधरते हैं तो होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ सकते हैं।
- जिले में करीब 250 होटल-रेस्टोरेंट, महानगर में ढाई हजार खाने के स्टॉल
खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट की संख्या करीब 250 है। वहीं, वेंडिंग जोन और सड़क किनारे खड़े होने वाले स्टॉल की संख्या करीब ढाई हजार है। इन स्टॉल पर आमतौर पर घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल होता है। होटल-रेस्टोरेंट में व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल किया जाता है।
- बोले होटल संचालक
- दिल्ली रोड स्थित होटल द ताज के मालिक टोनी बताते हैं कि पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति को बंद करने संबंधी नोटिस कंपनी ने पहले ही दे दिया था। अब गैस आपूर्ति बंद कर दी गई है। कंपनी ने व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति देने की बात कही है। आपूर्ति बिगड़ने पर परेशानी और बढ़ जाएगी।
- दिल्ली रोड स्थित रेस्टोरेंट बावरा के मालिक संदीप मिड्ढा बताते हैं कि गैस पाइपलाइन बंद होने से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी तो कारोबार पर असर पड़ेगा। कारीगरों को सावधानी से गैस इस्तेमाल करने के लिए कहा है।
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टाइल कारोबार पर भी संकट, 20 फीसदी तक बढ़े दाम
सहारनपुर। गैस संकट का असर घरेलू के साथ होटल-रेस्टोरेंट पर ही नहीं पड़ रहा है, इससे टाइल्स कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। इससे टाइल्स के दामों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। बता दें, कि जिले में ज्यादातर टाइल्स गुजरात के मोरबी से मंगवाई जाती है। टाइल्स कारोबारियों ने बताया कि गैस संकट के चलते अधिकतर फैक्टरियों में कार्य बंद है। इसकी पीछे टाइल्स को बनाने के लिए गैस की भट्ठियों का इस्तेमाल होना है, जिन भी इकाइयों में उत्पादन हो रहा है, उन्होंने 20 फीसदी दाम बढ़ाने की बात कही है। महानगर में 100 से अधिक छोटे-बड़े टाइल्स और पत्थर के शोरूम हैं।
- बोले कारोबारी
- होटल और टाइल्स कारोबारी पाली कालड़ा ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने का असर टाइल्स कारोबार पर पड़ा है। टाइल्स के ऑर्डर को होल्ड कर दिया गया है। अगर आपात स्थिति में माल मंगवाया जा रहा है तो उसमें करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है।
- टाइल्स कारोबारी जहांगीर ने बताया कि गुजरात के मोरबी में टाइल्स की फैक्टरियों में उत्पादन नहीं हो रहा है। लागत बढ़ने से इकाइयां दाम बढ़ाने की बात कह रही हैं। सप्लाई पर भी असर पड़ा है।
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जिले में गैस की किल्लत नहीं है। स्टॉक करने वालों पर नजर रखी जा रही है। गैस एजेंसियों और गोदामों पर चेकिंग के लिए टीम बना दी गई है। आम जनता से अपील है कि गैस का स्टॉक न करें।
- नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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जिले में हर दिन 17 हजार गैस सिलिंडरों की बुकिंग होती है। तकरीबन इतनी ही खपत भी है। पश्चिम एशिया में युद्ध का असर धीरे-धीरे कई क्षेत्रों पर पड़ने लगा है। गैस आपूर्ति बाधित होने से सबसे अधिक मार होटल-रेस्टोरेंट पर पड़ने लगी है। महानगर के कुछ इलाकों में पाइपलाइन से होटल और रेस्टोरेंट आदि में गैस की आपूर्ति की जाती है।
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भारत पेट्रोलियम गैस के अधिकारियों ने पाइपलाइन से होने वाली गैस की आपूर्ति को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बंद करने का नोटिस दिया था। सोमवार को प्रतिष्ठानों पर पाइप से हो रही सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद तकरीबन सभी जगह व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल होने लगा है।
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संचालकों के सामने परेशानी यह है कि सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी की समय सीमा 25 दिन तय कर दी गई है। साथ ही आपूर्ति की भी किल्लत होने लगी है। यदि आपूर्ति पर ब्रेक लगा तो उनके संचालन पर खतरा पैदा हो जाएगा। कई प्रतिष्ठानों में एक से दो दिन का ही गैस का स्टॉक है। मालिकों का कहना है कि यदि हालात नहीं सुधरते हैं तो होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ सकते हैं।
- जिले में करीब 250 होटल-रेस्टोरेंट, महानगर में ढाई हजार खाने के स्टॉल
खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट की संख्या करीब 250 है। वहीं, वेंडिंग जोन और सड़क किनारे खड़े होने वाले स्टॉल की संख्या करीब ढाई हजार है। इन स्टॉल पर आमतौर पर घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल होता है। होटल-रेस्टोरेंट में व्यावसायिक सिलिंडर का इस्तेमाल किया जाता है।
- बोले होटल संचालक
- दिल्ली रोड स्थित होटल द ताज के मालिक टोनी बताते हैं कि पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति को बंद करने संबंधी नोटिस कंपनी ने पहले ही दे दिया था। अब गैस आपूर्ति बंद कर दी गई है। कंपनी ने व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति देने की बात कही है। आपूर्ति बिगड़ने पर परेशानी और बढ़ जाएगी।
- दिल्ली रोड स्थित रेस्टोरेंट बावरा के मालिक संदीप मिड्ढा बताते हैं कि गैस पाइपलाइन बंद होने से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी तो कारोबार पर असर पड़ेगा। कारीगरों को सावधानी से गैस इस्तेमाल करने के लिए कहा है।
टाइल कारोबार पर भी संकट, 20 फीसदी तक बढ़े दाम
सहारनपुर। गैस संकट का असर घरेलू के साथ होटल-रेस्टोरेंट पर ही नहीं पड़ रहा है, इससे टाइल्स कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। इससे टाइल्स के दामों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। बता दें, कि जिले में ज्यादातर टाइल्स गुजरात के मोरबी से मंगवाई जाती है। टाइल्स कारोबारियों ने बताया कि गैस संकट के चलते अधिकतर फैक्टरियों में कार्य बंद है। इसकी पीछे टाइल्स को बनाने के लिए गैस की भट्ठियों का इस्तेमाल होना है, जिन भी इकाइयों में उत्पादन हो रहा है, उन्होंने 20 फीसदी दाम बढ़ाने की बात कही है। महानगर में 100 से अधिक छोटे-बड़े टाइल्स और पत्थर के शोरूम हैं।
- बोले कारोबारी
- होटल और टाइल्स कारोबारी पाली कालड़ा ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने का असर टाइल्स कारोबार पर पड़ा है। टाइल्स के ऑर्डर को होल्ड कर दिया गया है। अगर आपात स्थिति में माल मंगवाया जा रहा है तो उसमें करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है।
- टाइल्स कारोबारी जहांगीर ने बताया कि गुजरात के मोरबी में टाइल्स की फैक्टरियों में उत्पादन नहीं हो रहा है। लागत बढ़ने से इकाइयां दाम बढ़ाने की बात कह रही हैं। सप्लाई पर भी असर पड़ा है।
जिले में गैस की किल्लत नहीं है। स्टॉक करने वालों पर नजर रखी जा रही है। गैस एजेंसियों और गोदामों पर चेकिंग के लिए टीम बना दी गई है। आम जनता से अपील है कि गैस का स्टॉक न करें।
- नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी