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5.27 लाख से बना पिंक शौचालय का दो साल में खस्ताहाल
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जुबली पार्क स्थित पिंक शौचालय
- फोटो : SAHARANPUR
5.27 लाख से बना पिंक शौचालय का दो साल में खस्ताहाल
सहारनपुर। एक तरफ सरकार ढाई लाख रुपये में भूकंपरोधी मकान लोगों को मुहैया करा रही है। वहीं, नगर निगम 5.27 लाख रुपये में एक छोटा सा शौचालय ढंग से नहीं बना सका है। आलम यह है कि यह शौचालय बनने के महज दो साल बाद खस्ताहाल हो हो गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब दो वर्ष पहले नगर निगम ने जुबली पार्क में करीब 200 स्क्वायर फुट में पिंक शौचालय का निर्माण कराया था। इस पर 5.27 लाख रुपये दिए गए थे। शौचालय का उद्घाटन महापौर संजीव वालिया ने करीब डेढ़ वर्ष पहले किया था। लेकिन गुणवत्ता खराब होने की वजह से शौचालय शो पीस बनकर रहा गया था। करीब एक वर्ष तक बंद रहने के बाद पांच माह पहले इस शौचालय का ताला खोला गया है।
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यह हैं खामियां
शौचालय की सभी दीवारों पर भारी सीलन है, जिसकी वजह से जगह-जगह से चूना (रंग) और प्लस्तर छूट रहा है। टाइल्स भी जगह-जगह से उखड़ गई हैं। सीट और सिंक बेहद छोटी लगी हैं। सबसे खास बात यह है कि दरवाजे एक इंच मोटी प्लाई के लगाए गए हैं, जिनको दीवारों के रंग से ही रंगा गया है।
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पेड है शौचालय नहीं आता कोई
पिंक शौचालय को नगर निगम पेड व्यवस्था के तहत चला रहा है। यदि किसी महिला को शौचालय का इस्तेमाल करना है तो उन्हें पांच रुपये चुकाने पड़ते हैं। यही वजह है कि दिन में पांच से 10 ही महिलाएं इसका इस्तेमाल कर पाती हैं। जबकि इसी की बगल में बने ऑपन यूरिनल का इस्तेमाल पुरुष मुफ्त में करते हैं।
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शहर में शौचालयों की स्थिति
शौचालय का प्रकार -------------------संख्या
सामुदायिक शौचालय -----------------31
सार्वजनिक शौचालय ------------------26
नए बन रहे शौचालय एवं टॉयलेट-----10
पिंक शौचालय--------------------------01
------- वर्जन
पिंक शौचालय का निर्माण करीब दो वर्ष पहले हुआ था, जिसका बजट 5.27 लाख रुपये का था। अभी तक ठेकेदार को पूरा भुगतान नहीं हुआ है। शौचालय का निरीक्षण कर खामियों को दूर कराया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, एक्सईएन, निर्माण विभाग नगर निगम।
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सहारनपुर। एक तरफ सरकार ढाई लाख रुपये में भूकंपरोधी मकान लोगों को मुहैया करा रही है। वहीं, नगर निगम 5.27 लाख रुपये में एक छोटा सा शौचालय ढंग से नहीं बना सका है। आलम यह है कि यह शौचालय बनने के महज दो साल बाद खस्ताहाल हो हो गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब दो वर्ष पहले नगर निगम ने जुबली पार्क में करीब 200 स्क्वायर फुट में पिंक शौचालय का निर्माण कराया था। इस पर 5.27 लाख रुपये दिए गए थे। शौचालय का उद्घाटन महापौर संजीव वालिया ने करीब डेढ़ वर्ष पहले किया था। लेकिन गुणवत्ता खराब होने की वजह से शौचालय शो पीस बनकर रहा गया था। करीब एक वर्ष तक बंद रहने के बाद पांच माह पहले इस शौचालय का ताला खोला गया है।
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यह हैं खामियां
शौचालय की सभी दीवारों पर भारी सीलन है, जिसकी वजह से जगह-जगह से चूना (रंग) और प्लस्तर छूट रहा है। टाइल्स भी जगह-जगह से उखड़ गई हैं। सीट और सिंक बेहद छोटी लगी हैं। सबसे खास बात यह है कि दरवाजे एक इंच मोटी प्लाई के लगाए गए हैं, जिनको दीवारों के रंग से ही रंगा गया है।
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पेड है शौचालय नहीं आता कोई
पिंक शौचालय को नगर निगम पेड व्यवस्था के तहत चला रहा है। यदि किसी महिला को शौचालय का इस्तेमाल करना है तो उन्हें पांच रुपये चुकाने पड़ते हैं। यही वजह है कि दिन में पांच से 10 ही महिलाएं इसका इस्तेमाल कर पाती हैं। जबकि इसी की बगल में बने ऑपन यूरिनल का इस्तेमाल पुरुष मुफ्त में करते हैं।
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शहर में शौचालयों की स्थिति
शौचालय का प्रकार -------------------संख्या
सामुदायिक शौचालय -----------------31
सार्वजनिक शौचालय ------------------26
नए बन रहे शौचालय एवं टॉयलेट-----10
पिंक शौचालय--------------------------01
------- वर्जन
पिंक शौचालय का निर्माण करीब दो वर्ष पहले हुआ था, जिसका बजट 5.27 लाख रुपये का था। अभी तक ठेकेदार को पूरा भुगतान नहीं हुआ है। शौचालय का निरीक्षण कर खामियों को दूर कराया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, एक्सईएन, निर्माण विभाग नगर निगम।