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आईसीयू में छोड़ा जिगर का टुकड़ा

Tue, 02 Feb 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 02 Feb 2016 01:16 AM IST
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Piece of liver left in ICU
शहर के निजी चिकित्सालय में नवजात को जन्म देने के बाद उसके माता पिता उसे बीमार हालत में बाल रोग विशेषज्ञ के अस्पताल में सिसकता हुआ छोड़कर चले गए। सात दिन का यह नवजात अब भी आईसीयू के एक बेड पर लावारिस की तरह लेटा हुआ है।
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अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ सदस्य तक परेशान हैं कि बच्चे का करें तो क्या करें। लगातार संपर्क के बावजूद न तो बच्चे की मां उसे लेने पहुंची और न ही पिता। बच्चे को इस तरह छोड़ने की वजह तक अभी सामने नहीं आ पाई है।
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शहर के बाजोरिया रोड स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेश शर्मा के अस्पताल में यह नवजात भर्ती है। बताया जा रहा है कि 24 जनवरी को लिंक रोड स्थित निजी नर्सिंगहोम में डिलीवरी के बाद गुरजंत सिंह और नमृता कौर नाम का दंपति अगले दिन ही बीमार हालत में उसे लेकर यहां पहुंचे थे।
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चिकित्सक ने नवजात को सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराकर उसका ट्रीटमेंट शुरू किया। इसके बाद पैसे न होने की बात कहते हुए दंपति नवजात को वहीं छोड़कर चला गया।

चिकित्सक से लेकर अन्य स्टाफ तब दंग रह गया जब इस नवजात को लेने तो दूर उसे देखने तक के लिए कोई नहीं पहुंचा। अस्पताल ने जनकपुरी थाने और चाइल्ड लाइन संस्था को अवगत करा दिया है।

शहर के होटल में दस दिन ठहरा था दंपति
चाइल्ड लाइन संस्था के निदेशक मंसूर अहमद का कहना है कि इस केस की जांच पड़ताल की जा रही है। पता चला है कि जिस दंपति ने बच्चे को बाजोरिया रोड के अस्पताल में भर्ती कराया। उनका नाम गुरजंत सिंह और नमृता कौर है। ये पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं।

जनवरी माह में वह शहर में आए थे और घंटाघर से कुछ आगे एक होटल में दस दिन तक ठहरे थे। इसी दौरान लिंक रोड स्थित निजी चिकित्सालय में महिला ने इस नवजात को जन्म दिया और अगले दिन ही बीमार हालत में बाजोरिया रोड वाले हास्पिटल में भर्ती कराया।


मंसूर बताते हैं कि इस बच्चे के पिता बताए जा रहे गुरजंत से कई बार फोन पर  संपर्क हुआ है। सात दिन से वे एक दो दिन में पहुंचने की बात करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक नहीं आए। जब तक बच्चे को अभिभावक नहीं मिलते तब तक यह प्रकरण काफी संदिग्ध और गंभीर नजर आ रहा है।
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