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मेडिकल कॉलेज में पीजी की मिल सकती है मंजूरी
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मेडिकल कॉलेज (फाइल फोटो)
- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा (सहारनपुर)। नए वर्ष में राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अनुसंधान का माहौल तैयार करने की कवायद चल रही है। कॉलेज-प्रशासन ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स संचालित करने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। जिसका फरवरी में एमसीआई की टीम के सामने प्रेजेंटेशन किया जाएगा। यदि मंजूरी मिल जाती है तो आगामी सत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम प्रारंभ हो जाएगा।
अंबाला रोड स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज अपने आरंभ वर्ष 2014 के बाद धीरे-धीरे पूर्ण आकार ले रहा है। कॉलेज में 2015 से ही एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं। वर्तमान में कॉलेज में 500 विद्यार्थी एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और साल 2020 के फरवरी माह में एमबीबीएस का प्रथम स्थापना बैच पास होकर सेवाएं देना आरंभ कर देगा। इसी संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज को नाम के अनुरूप मूल आकार देने के लिए प्रयासरत कॉलेज प्रशासन पीजी यानि पोस्ट ग्रेजुएशन के पाठ्यक्रम के संचालन की भी तैयारी कर रहा है।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक खाका तैयार किया गया है। आगामी फरवरी माह में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम का दौरा प्रस्तावित है। जिसके सामने पूरी तैयारी के साथ पीजी कोर्स चलाने के लिए रिपोर्ट पेश की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि आठ विभागों एनॉटमी, कम्यूनिटी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकॉलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलॉजी तथा फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में करीब 30 पीजी सीटों का पाठ्यक्रम चलाने की रूपरेखा तैयार की गई है। यदि पीजी कोर्स संचालित करने की मंजूरी एमसीआई से मिल जाती है तो इससे चिकित्सा क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा।
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अंबाला रोड स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज अपने आरंभ वर्ष 2014 के बाद धीरे-धीरे पूर्ण आकार ले रहा है। कॉलेज में 2015 से ही एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं। वर्तमान में कॉलेज में 500 विद्यार्थी एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और साल 2020 के फरवरी माह में एमबीबीएस का प्रथम स्थापना बैच पास होकर सेवाएं देना आरंभ कर देगा। इसी संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज को नाम के अनुरूप मूल आकार देने के लिए प्रयासरत कॉलेज प्रशासन पीजी यानि पोस्ट ग्रेजुएशन के पाठ्यक्रम के संचालन की भी तैयारी कर रहा है।
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इस संबंध में प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक खाका तैयार किया गया है। आगामी फरवरी माह में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम का दौरा प्रस्तावित है। जिसके सामने पूरी तैयारी के साथ पीजी कोर्स चलाने के लिए रिपोर्ट पेश की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि आठ विभागों एनॉटमी, कम्यूनिटी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकॉलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलॉजी तथा फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में करीब 30 पीजी सीटों का पाठ्यक्रम चलाने की रूपरेखा तैयार की गई है। यदि पीजी कोर्स संचालित करने की मंजूरी एमसीआई से मिल जाती है तो इससे चिकित्सा क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा।
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