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Saharanpur News: गन्ना समितियों में खुलेंगे पेट्रोल पंप और जन औषधि केंद्र
Thu, 16 Nov 2023 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:58 PM IST
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सहारनपुर। सहकारी गन्ना विकास समितियों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश की गन्ना समितियों में अब पेट्रोल पंप, कॉमन सर्विस सेंटर और जनऔषधि केंद्र भी खोले जाएंगे। गन्ना विभाग इसके लिए सर्वे करा रहा है। इससे न सिर्फ समितियों की आय बढ़े बल्कि सदस्य किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। जनपद की एक सहकारी चीनी मिल सहित पांच गन्ना विकास समितियां इसके दायरे में आएंगी।
सरकार की योजना सहकारी गन्ना विकास समितियों बहुउद्देशीय बनाने की है। उनकी कवायद सहकार से समृद्धि की ओर योजना के तहत सहकारी गन्ना विकास समितियों में जनउपयोगी वस्तुओं को बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने की है। इसका उद्देश्य गन्ना विकास समितियों के संसाधनों का सदुपयोग कर उनकी आय को बढ़ाने का है। अभी तक समितियां किसानों को उर्वरकों और कीटनाशकों के साथ ही कृषि यंत्र उपलब्ध कराती हैं। अब इन समितियों में पेट्रोल पंप, जनऔषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए अपर गन्ना आयुक्त (समितियां) डॉ. वीबी सिंह ने जिला गन्ना अधिकारियों से इस बावत सर्वे कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने इसके साथ ही सभी समितियों से प्रस्ताव भी मांगे हैं। जनपद की गन्ना विकास समितियों में इस बावत सर्वे शुरू हो गया है। इसमें यह पता किया जाएगा कि किस समिति के पास पेट्रोल पंप खोलने के लिए उचित स्थान है और उस लोकेशन में पंप कितना कामयाब रह सकता है। इसके अलावा जन औषधि केंद्र वहीं खुल सकता है जिस समिति के 900 मीटर के दायरे में कोई अन्य जन औषधि केंद्र न हो। कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना के लिए कोई विशेष शर्त नहीं रखी गई है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। (संवाद)
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जनपद में हैं पांच गन्ना समितियां
जनपद में पांच गन्ना विकास समितियांं हैं। इनमें सहकारी गन्ना विकास समिति सरसावा, सहकारी गन्ना विकास समिति बेहट, सहकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर और सहकारी गन्ना विकास समिति, देवबंद शामिल हैं। इनके अलावा सहकारी चीनी मिल नानौता की गन्ना विकास समिति भी है।
सहकारी गन्ना विकास समितियों में पेट्रोल पंप, जनऔषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर खोलने के लिए समितियों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके एक-दो दिन में पूरा होने की संभावना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर समितियों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
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सरकार की योजना सहकारी गन्ना विकास समितियों बहुउद्देशीय बनाने की है। उनकी कवायद सहकार से समृद्धि की ओर योजना के तहत सहकारी गन्ना विकास समितियों में जनउपयोगी वस्तुओं को बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने की है। इसका उद्देश्य गन्ना विकास समितियों के संसाधनों का सदुपयोग कर उनकी आय को बढ़ाने का है। अभी तक समितियां किसानों को उर्वरकों और कीटनाशकों के साथ ही कृषि यंत्र उपलब्ध कराती हैं। अब इन समितियों में पेट्रोल पंप, जनऔषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए अपर गन्ना आयुक्त (समितियां) डॉ. वीबी सिंह ने जिला गन्ना अधिकारियों से इस बावत सर्वे कराने का निर्देश दिया है।
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उन्होंने इसके साथ ही सभी समितियों से प्रस्ताव भी मांगे हैं। जनपद की गन्ना विकास समितियों में इस बावत सर्वे शुरू हो गया है। इसमें यह पता किया जाएगा कि किस समिति के पास पेट्रोल पंप खोलने के लिए उचित स्थान है और उस लोकेशन में पंप कितना कामयाब रह सकता है। इसके अलावा जन औषधि केंद्र वहीं खुल सकता है जिस समिति के 900 मीटर के दायरे में कोई अन्य जन औषधि केंद्र न हो। कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना के लिए कोई विशेष शर्त नहीं रखी गई है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। (संवाद)
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जनपद में हैं पांच गन्ना समितियां
जनपद में पांच गन्ना विकास समितियांं हैं। इनमें सहकारी गन्ना विकास समिति सरसावा, सहकारी गन्ना विकास समिति बेहट, सहकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर और सहकारी गन्ना विकास समिति, देवबंद शामिल हैं। इनके अलावा सहकारी चीनी मिल नानौता की गन्ना विकास समिति भी है।
सहकारी गन्ना विकास समितियों में पेट्रोल पंप, जनऔषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर खोलने के लिए समितियों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके एक-दो दिन में पूरा होने की संभावना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर समितियों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।