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Saharanpur News: परमिट का नहीं किया नवीनीकरण, हाईकोर्ट से पीड़ित को राहत
Tue, 30 Apr 2024 05:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:02 AM IST
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सहारनपुर। टेंपो का पंजीकरण, रोड टैक्स जमा होने पर संभागीय परिवहन विभाग ने परमिट का नवीनीकरण नहीं किया। इसके बाद टेंपो मालिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस मामले में अब हाईकोर्ट ने संभागीय परिवहन अधिकारी को तीन सप्ताह के अंदर निपटारा करने के लिए आदेश दिया।
कैलाशपुर निवासी शाजेब खान ने साल 2016 में तीन टेंपो खरीदे थे, जो 10 साल तक की मियाद थी। वह 2021 में परमिट का नवीनीकरण कराने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि यह टेंपो नहीं चलेंगे। इनकी जगह ई-रिक्शा खरीद लो। वह चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि वह ऑनलाइन नवीनीकरण की फीस जमा कर चुका था। उन्होंने इस मामले को संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में उठाया और अपनी बात रखी। इसमें भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद शाजेब को 2022 में हाईकोर्ट चले गए। एक साल से अधिक समय तक मामला कोर्ट में चलता रहा।
हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग के अधिकारी तलब किए। पूरे मामले का प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए। अब इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संभागीय परिवहन अधिकारी को आदेश दिए कि वह तीन सप्ताह के अंदर याचिका कर्ता के परमिट का नवीनीकरण के प्रार्थना पत्र पर विचार करें। उधर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन महेंद्र बाबू गुप्ता का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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कैलाशपुर निवासी शाजेब खान ने साल 2016 में तीन टेंपो खरीदे थे, जो 10 साल तक की मियाद थी। वह 2021 में परमिट का नवीनीकरण कराने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि यह टेंपो नहीं चलेंगे। इनकी जगह ई-रिक्शा खरीद लो। वह चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि वह ऑनलाइन नवीनीकरण की फीस जमा कर चुका था। उन्होंने इस मामले को संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में उठाया और अपनी बात रखी। इसमें भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद शाजेब को 2022 में हाईकोर्ट चले गए। एक साल से अधिक समय तक मामला कोर्ट में चलता रहा।
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हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग के अधिकारी तलब किए। पूरे मामले का प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए। अब इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संभागीय परिवहन अधिकारी को आदेश दिए कि वह तीन सप्ताह के अंदर याचिका कर्ता के परमिट का नवीनीकरण के प्रार्थना पत्र पर विचार करें। उधर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन महेंद्र बाबू गुप्ता का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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