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Saharanpur: पेंशनधारक स्वर्ग में, धरती पर परिजन खा गए पेंशन, करोड़ी की हुई वसूली, 300 से ज्यादा नए मामले

Sat, 25 Jan 2025 02:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 25 Jan 2025 02:09 PM IST
सार

पेंशनधारक की मौत होने के बावजूद परिजन पेंशन की रकम खाते रहे। जिला कोषागार कार्यालय ने अब तक ऐसे लेागों से करोड़ों रुपये की वसूली की है। वहीं अब ऐसे कई नए मामले सामने आए हैं।

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Pensioners are in heaven, but their relatives on earth ate up their pension
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तमाम सख्ती के बाद पेंशन के नाम पर फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा। सहारनपुर जनपद में करीब 365 केस ऐसे सामने आए हैं, जिसमें पेंशनधारक की मौत हो गई और परिजन पेंशन की रकम खाते रहे।

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मामला पकड़ में आने के बाद जिला कोषागार कार्यालय ने ऐसे लोगों से एक करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली की। खास बात यह है कि कई पेंशनधारक के परिजन ऐसे थे जो गोवा या मुंबई में रह रहे थे। उनसे भी वसूली गई।

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दरअसल, जिले में करीब 15 हजार पेंशनधारक ऐसे हैं, जिनके खातों में जिला कोषागार के माध्यम से हर माह पेंशन भेजी जाती है। विभाग की तरफ से लगातार बताया जाता है कि अगर पेंशनधारक की मौत हो गई है तो तुरंत सूचना दें, जिससे पेंशन बंद करा दी जाए।

इसके बावजूद लोग फर्जीवाड़ा करने से पीछे नहीं हट रहे। करीब 365 केस ऐसे पकड़ आए, जिसमें पेंशनधारक की मौत हो गई और फिर भी हर माह खाते में पेंशन जाती रही। अधिकतर पेंशनधारकों के परिजनों ने रकम को निकालकर इस्तेमाल भी कर लिया।

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यह मामला सामने आने के बाद इन लोगों से वसूली के लिए लेखा-जोखा तैयार किया गया। पता चला कि करीब एक करोड़ 22 लाख रुपये मृतक पेंशनधारक के खाते में गए। विभाग ने सख्ती दिखाई और केस दर्ज कराने की चेतावनी दी, जिसके बाद अभी तक एक करोड़ 21 लाख की वसूली हो चुकी है। करीब एक लाख की वसूली बाकी है।

कई केस ऐसे भी आए कि मृत पेंशनधारक के परिजन गोवा या मुंबई में रह रहे थे। ऐसे में विभाग की तरफ से वहां के संबंधित बैंकों से पत्राचार किया, तब जाकर वसूली की गई। कुछ साल पहले कई लोगों पर केस भी दर्ज कराया गया था। पुलिस के डर से उन्होंने विभाग को पेंशन की रकम लौटाई।

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नहीं बच सकता नामित सदस्य
अधिकतर पेंशनधारक बुजुर्ग है। ऐसे में वह बैंक या कार्यालय आने में सक्षम नहीं होते, जिन्होंने पेंशन की रकम निकालने के लिए परिवार के किसी सदस्य को नामित कर रखा है। अगर पेंशनधारक की मृत्यु हो जाती है तो वसूली नामित सदस्य से ही की जाएगी। इन केस में अधिकतर ऐसे ही थे, जिन्हें नामित किया गया।

अभी तक करीब एक करोड़ 21 लाख की वसूली हो चुकी है। वसूली का करीब एक लाख रुपये बकाया है, जिसे जल्दी ही वसूल लिया जाएगा। अगर कोई पेंशन की राशि जमा नहीं करता तो उसके खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है। - सूरज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी

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