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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ
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नागल के लाखनौर में अधिकारियों से बात करते भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौ विनय कुमार
- फोटो : SAHARANPUR
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ
नागल/सहारनपुर। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लाखनौर गांव में रेलवे लाइन के सहारे करीब पांच किलोमीटर में 400 बीघा जमीन पर रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों और डीएफसीसी टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कब्जा ले लिया और निशानदेही के लिए पिलर लगाने शुरू कर दिए। वहीं, खेतों में खड़ी धान की फसल पर ट्रैक्टर और जेसीबी चलवाने पर किसानों ने विरोध भी किया, जिससे तनातनी की स्थिति पैदा हो गई थी।
दरअसल, रेलवे लाइन दोहरीकरण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2011 में किया था, लेकिन लाखनौर, बेलडा जुनारदार और सुभरी के करीब 90 किसानों ने सरकार द्वारा कम मुआवजा दिए जाने का विरोध करते हुए जमीनों पर कब्जा देने से इंकार कर दिया था। कई बार अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई लेकिन किसान देवबंद क्षेत्र के किसानों के बराबर मुआवजा दिये जाने की मांग करते रहे।
रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और डीएफसीसी की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अधिग्रहण की गई भूमि पर खड़ी फसलों पर ट्रैक्टर एवं जेसीबी चलवा दी। इसी दौरान भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खड़ी फसल उजाड़ने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि कुछ दिन बाद फसल काट ली जाएगी और जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद अधिगृहीत भूमि पर पिलर लगाकर निशानदेही करा दी गई। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के साथ फसल की कटाई कर लें। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, सीओ देवबंद रजनीश उपाध्याय, थानाध्यक्ष नागल जितेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर डीएफसीसी कुलदीप सिंह तथा प्रशासन, पुलिस व डीएफसीसी के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सीएम समीक्षा कर दे चुके हैं निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास परियोजना के संबंध में दो दिन पहले ही समीक्षा की गई थी। उसमें स्पष्ट कहा गया था कि परियोजनाओं में आ रही बाधा तत्काल दूर की जाएं। सहारनपुर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि परियोजना का रुका हुआ काम तुरंत शुरू कराया जाए। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, सीओ देवबंद रजनीश उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ कब्जा लेने पहुंचे।
सोमवार से शुरू होगा मिट्टी भराव
एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से हिंडन नदी की ओर से रेलवे की भूमि पर मिट्टी भराव व अन्य कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसलिए किसानों को बता दिया गया है कि वे कार्य शुरू होने के साथ साथ अपनी फसल काटना शुरू कर दें। उन्होंने बताया कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है, जो भी फैसला होगा, उसे माना जाएगा।
महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट
सामान्य रेलवे ट्रैक से मालगाड़ियों द्वारा माल ढुलाई में लगने वाले समय और ज्यादा लागत को देखते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इन कॉरिडोर पर तेज गति की मालगाड़ियां चलाई जाएंगी। इस ट्रैक पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं बनाएं जाएंगे, जिससे निर्बाध गति से माल का आवागमन होगा और समय व लागत में कमी होगी। उत्तर प्रदेश से होकर मुंबई जाने वाला कॉरिडोर सहारनपुर से होकर गुजर रहा है।
ये है किसानों की मांग
लाखनौर गांव में अधिगृहीत की गई जमीन पर कब्जे का विरोध करने वाले किसानों का कहना है कि मुजफ्फरनगर में 2100 रुपये मीटर, देवबंद में 1500 रुपये मीटर का मुआवजा दिया गया, जबकि उन्हें सिर्फ 140 रुपये प्रति मीटर का मुआवजा दिया जा रहा है। भाकियू नेता चौधरी विनय कुमार का कहना है कि किसानों की जायज बात भी सुनी जानी चाहिए।
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नागल/सहारनपुर। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लाखनौर गांव में रेलवे लाइन के सहारे करीब पांच किलोमीटर में 400 बीघा जमीन पर रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों और डीएफसीसी टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कब्जा ले लिया और निशानदेही के लिए पिलर लगाने शुरू कर दिए। वहीं, खेतों में खड़ी धान की फसल पर ट्रैक्टर और जेसीबी चलवाने पर किसानों ने विरोध भी किया, जिससे तनातनी की स्थिति पैदा हो गई थी।
दरअसल, रेलवे लाइन दोहरीकरण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2011 में किया था, लेकिन लाखनौर, बेलडा जुनारदार और सुभरी के करीब 90 किसानों ने सरकार द्वारा कम मुआवजा दिए जाने का विरोध करते हुए जमीनों पर कब्जा देने से इंकार कर दिया था। कई बार अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई लेकिन किसान देवबंद क्षेत्र के किसानों के बराबर मुआवजा दिये जाने की मांग करते रहे।
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रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और डीएफसीसी की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अधिग्रहण की गई भूमि पर खड़ी फसलों पर ट्रैक्टर एवं जेसीबी चलवा दी। इसी दौरान भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खड़ी फसल उजाड़ने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि कुछ दिन बाद फसल काट ली जाएगी और जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद अधिगृहीत भूमि पर पिलर लगाकर निशानदेही करा दी गई। अधिकारियों ने किसानों से कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के साथ फसल की कटाई कर लें। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, सीओ देवबंद रजनीश उपाध्याय, थानाध्यक्ष नागल जितेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर डीएफसीसी कुलदीप सिंह तथा प्रशासन, पुलिस व डीएफसीसी के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सीएम समीक्षा कर दे चुके हैं निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास परियोजना के संबंध में दो दिन पहले ही समीक्षा की गई थी। उसमें स्पष्ट कहा गया था कि परियोजनाओं में आ रही बाधा तत्काल दूर की जाएं। सहारनपुर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि परियोजना का रुका हुआ काम तुरंत शुरू कराया जाए। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, सीओ देवबंद रजनीश उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ कब्जा लेने पहुंचे।
सोमवार से शुरू होगा मिट्टी भराव
एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से हिंडन नदी की ओर से रेलवे की भूमि पर मिट्टी भराव व अन्य कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसलिए किसानों को बता दिया गया है कि वे कार्य शुरू होने के साथ साथ अपनी फसल काटना शुरू कर दें। उन्होंने बताया कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है, जो भी फैसला होगा, उसे माना जाएगा।
महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट
सामान्य रेलवे ट्रैक से मालगाड़ियों द्वारा माल ढुलाई में लगने वाले समय और ज्यादा लागत को देखते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इन कॉरिडोर पर तेज गति की मालगाड़ियां चलाई जाएंगी। इस ट्रैक पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं बनाएं जाएंगे, जिससे निर्बाध गति से माल का आवागमन होगा और समय व लागत में कमी होगी। उत्तर प्रदेश से होकर मुंबई जाने वाला कॉरिडोर सहारनपुर से होकर गुजर रहा है।
ये है किसानों की मांग
लाखनौर गांव में अधिगृहीत की गई जमीन पर कब्जे का विरोध करने वाले किसानों का कहना है कि मुजफ्फरनगर में 2100 रुपये मीटर, देवबंद में 1500 रुपये मीटर का मुआवजा दिया गया, जबकि उन्हें सिर्फ 140 रुपये प्रति मीटर का मुआवजा दिया जा रहा है। भाकियू नेता चौधरी विनय कुमार का कहना है कि किसानों की जायज बात भी सुनी जानी चाहिए।

नागल के लाखनौर में ट्रैक्टर लेकर कब्जा लेने पहुंची टीम- फोटो : SAHARANPUR

नागल के लाखनौर में विरोध करते ग्रामीण और मौके पर तैनात पुलिस- फोटो : SAHARANPUR