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फूड चेन रिएक्टर से साफ होगा पांवधोई नदी
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-आईआईटी नई दिल्ली के प्रोफेसर विवेक के दिशा निर्देशन में चल रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शहर में प्रवेश करते ही नदी से नाला बन चुकी पांवधोई का पानी साफ करने के लिए नगर निगम फूड चेन रिएक्टर प्लांट स्थापित कर रहा है। हालांकि इसकी क्षमता काफी कम है, लेकिन दूषित पानी को इस्तेमाल योग्य बनाने की दिशा में इसे अच्छी शुरुआत माना जा रहा है।
नगर निगम के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि फूड चेन रिएक्टर पानी को साफ करने की नई विधि है, जिसमें मशीन, पेड़ पौधे और तकनीक का इस्तेमाल होता है। एक तरह से पानी के उपचार यानी पानी को साफ करने का यह प्राकृतिक तरीका है, जिसमें बिना केमिकल इस्तेमाल किए दूषित पानी को साफ किया जा सकता है। इससे पानी इतना साफ हो जाता है, जिसे पीया भी जा सकता है। हालांकि नगर निगम पानी को साफ करने के बाद उसे अन्य कार्यों में इस्तेमाल करेगा। डॉ. सैफ ने बताया कि पानी को साफ करने की अन्य विधियों में केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो अच्छा नहीं होता। फूड चेन रिएक्टर के लिए आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर विवेक का मार्गदर्शन मिल रहा है। उन्हीं के दिशा निर्देशों में काम चल रहा है। डॉ. सैफ ने बताया कि पूरे प्लांट पर 22 लाख रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। प्लांट धोबीघाट पर बनेगा। उन्होंने इसी माह प्लांट के चालू होने की उम्मीद जताई है।
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एक लाख लीटर की होगी क्षमता
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि नगर निगम जो फूड चेन रिएक्टर प्लांट लगा रहा है उसकी क्षमता प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी साफ करने की होगी। यह अच्छी शुरुआत होगी, जिसकी सफलता के बाद नगर निगम इस तरह के और प्लांट लगा सकता है, क्योंकि इस पर खर्च भी अधिक नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शहर में प्रवेश करते ही नदी से नाला बन चुकी पांवधोई का पानी साफ करने के लिए नगर निगम फूड चेन रिएक्टर प्लांट स्थापित कर रहा है। हालांकि इसकी क्षमता काफी कम है, लेकिन दूषित पानी को इस्तेमाल योग्य बनाने की दिशा में इसे अच्छी शुरुआत माना जा रहा है।
नगर निगम के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि फूड चेन रिएक्टर पानी को साफ करने की नई विधि है, जिसमें मशीन, पेड़ पौधे और तकनीक का इस्तेमाल होता है। एक तरह से पानी के उपचार यानी पानी को साफ करने का यह प्राकृतिक तरीका है, जिसमें बिना केमिकल इस्तेमाल किए दूषित पानी को साफ किया जा सकता है। इससे पानी इतना साफ हो जाता है, जिसे पीया भी जा सकता है। हालांकि नगर निगम पानी को साफ करने के बाद उसे अन्य कार्यों में इस्तेमाल करेगा। डॉ. सैफ ने बताया कि पानी को साफ करने की अन्य विधियों में केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो अच्छा नहीं होता। फूड चेन रिएक्टर के लिए आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर विवेक का मार्गदर्शन मिल रहा है। उन्हीं के दिशा निर्देशों में काम चल रहा है। डॉ. सैफ ने बताया कि पूरे प्लांट पर 22 लाख रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। प्लांट धोबीघाट पर बनेगा। उन्होंने इसी माह प्लांट के चालू होने की उम्मीद जताई है।
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एक लाख लीटर की होगी क्षमता
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि नगर निगम जो फूड चेन रिएक्टर प्लांट लगा रहा है उसकी क्षमता प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी साफ करने की होगी। यह अच्छी शुरुआत होगी, जिसकी सफलता के बाद नगर निगम इस तरह के और प्लांट लगा सकता है, क्योंकि इस पर खर्च भी अधिक नहीं है।
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