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पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया कलक्टेट पर प्रदर्शन
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सहारनपुर। प्रदेश के किसानों के सभी कर्जे माफ करने सहित अन्य मांगों को लेकर पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा एवं भाकियू (वर्मा) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र को सौंपा।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भाकियू (वर्मा) के राष्ट्रीय संयोजक भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण होना चाहिए। बड़ा राज्य होने के कारण यहां के 25 करोड़ लोग गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था की चपेट में हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करके किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाया जाए। उन्होंने गन्नेे का लाभकारी मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल दिलाने, गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के अंदर कराने और बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाने की भी मांग की। कहा कि मनरेगा योजना को खेती से जोड़ा जाए। इस योजना से कृषि कार्यों के लिए किसानों को मजदूर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने पंजाब की तर्ज पर किसानों को निशुल्क बिजली दिलाने, किसान आय आयोग का गठन करने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चलवाने आदि की मांग की। नीरज कपिल, रविंद्र चौधरी गुर्जर, वीरेंद्र चौधरी, विनोद सैनी, राव रजा खान, सुशील गुर्जर, वसीम, सरदार गुरविंदर सिंह बंटी, बबलू चौधरी आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान मो. राशिद, मो. महबूब हसन, हाजी बुद्धू हसन, कृष्णपाल सिंह, सुमित चौधरी, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भाकियू (वर्मा) के राष्ट्रीय संयोजक भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण होना चाहिए। बड़ा राज्य होने के कारण यहां के 25 करोड़ लोग गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था की चपेट में हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करके किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाया जाए। उन्होंने गन्नेे का लाभकारी मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल दिलाने, गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के अंदर कराने और बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाने की भी मांग की। कहा कि मनरेगा योजना को खेती से जोड़ा जाए। इस योजना से कृषि कार्यों के लिए किसानों को मजदूर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने पंजाब की तर्ज पर किसानों को निशुल्क बिजली दिलाने, किसान आय आयोग का गठन करने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चलवाने आदि की मांग की। नीरज कपिल, रविंद्र चौधरी गुर्जर, वीरेंद्र चौधरी, विनोद सैनी, राव रजा खान, सुशील गुर्जर, वसीम, सरदार गुरविंदर सिंह बंटी, बबलू चौधरी आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान मो. राशिद, मो. महबूब हसन, हाजी बुद्धू हसन, कृष्णपाल सिंह, सुमित चौधरी, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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